कर्जमाफी पूंजीपतियों की, बढ़ती EMI का बोझ आम जनता पर: कांग्रेस
छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने आरबीआई के रेपो रेट बढ़ाने के फैसले को लेकर केंद्र सरकार की आर्थिक नीतियों पर सवाल उठाए हैं। कांग्रेस के संचार प्रमुख सुशील आनंद शुक्ला ने आरोप लगाया कि महंगाई और घटती आमदनी से परेशान मध्यम वर्ग, किसान, युवा और गरीब परिवारों पर अब कर्ज की किस्तों का अतिरिक्त बोझ पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि एक ओर आम जनता की EMI बढ़ रही है, वहीं दूसरी ओर बड़े पूंजीपतियों को कर्ज में राहत दिए जाने पर सरकार को जवाब देना चाहिए।
UNITED NEWS OF ASIA. अमृतेश्वर सिंह, रायपुर l छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के रेपो रेट बढ़ाने के फैसले को लेकर केंद्र सरकार की आर्थिक नीतियों पर निशाना साधा है। प्रदेश कांग्रेस के संचार प्रमुख सुशील आनंद शुक्ला ने आरोप लगाया कि महंगाई, घटती आमदनी और बचत में कमी से जूझ रहे मध्यम वर्गीय एवं गरीब परिवारों पर इस फैसले से आर्थिक दबाव और बढ़ेगा। कांग्रेस का कहना है कि खाद्य पदार्थों और ईंधन की बढ़ती कीमतों के बीच अब लोगों को बैंक ऋण की किस्तों का अतिरिक्त बोझ भी उठाना पड़ सकता है।
सुशील आनंद शुक्ला ने कहा कि रेपो रेट में बढ़ोतरी का असर होम लोन, कार लोन, एजुकेशन लोन और पर्सनल लोन लेने वाले लोगों पर पड़ सकता है। उन्होंने किसानों के ट्रैक्टर, कृषि उपकरण और किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) से जुड़े ऋणों पर ब्याज के बोझ को लेकर भी चिंता जताई। उनके मुताबिक, बढ़ती किस्तों के कारण युवाओं के लिए अपना घर खरीदना या छोटा कारोबार शुरू करना पहले की तुलना में अधिक कठिन हो सकता है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार की नीतियां आम लोगों की आर्थिक परेशानियों को कम करने के बजाय बढ़ा रही हैं।
कांग्रेस नेता ने छत्तीसगढ़ सरकार के विकास संबंधी दावों पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि प्रदेश के किसान, युवा और मध्यम वर्ग के लोग अपनी आय का बड़ा हिस्सा बैंक की किस्तें चुकाने में खर्च करने को मजबूर हो सकते हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार बड़े उद्योगपतियों को कर्ज में राहत देती है, जबकि आम नागरिकों पर ब्याज और EMI का बोझ बढ़ता जा रहा है। ये आरोप कांग्रेस की ओर से लगाए गए हैं।
शुक्ला ने केंद्र सरकार के मजबूत अर्थव्यवस्था के दावों पर सवाल उठाते हुए जीएसटी संग्रह का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि यदि सरकार का राजस्व संग्रह बढ़ रहा है, तो आम जनता को महंगाई और बढ़ती वित्तीय देनदारियों से राहत क्यों नहीं मिल रही है। उन्होंने पेट्रोल-डीजल पर करों और सरकार की आर्थिक नीतियों को महंगाई से जोड़ते हुए आरोप लगाया कि इनका असर सीधे आम लोगों की जेब पर पड़ रहा है।
कांग्रेस संचार प्रमुख ने केंद्र और राज्य सरकार की योजनाओं पर टिप्पणी करते हुए कहा कि एक तरफ महिलाओं को महतारी वंदन योजना के तहत आर्थिक सहायता दी जा रही है, वहीं दूसरी तरफ बिजली बिल और ऋण की किस्तों का बढ़ता बोझ परिवारों के बजट को प्रभावित कर रहा है। उन्होंने इसे आम जनता के साथ अन्याय बताते हुए सरकार से आर्थिक नीतियों पर पुनर्विचार करने की मांग की।
कांग्रेस ने कहा कि सरकार को महंगाई, कर्ज की बढ़ती लागत और आम नागरिकों की घटती बचत जैसे मुद्दों पर स्पष्ट जवाब देना चाहिए। पार्टी का आरोप है कि आर्थिक नीतियों का लाभ बड़े पूंजीपतियों तक सीमित रह रहा है, जबकि आम परिवारों को रोजमर्रा के खर्च और बैंक ऋण चुकाने के बीच संतुलन बनाने में कठिनाई हो रही है।
नोट: रेपो रेट बढ़ने, EMI पर उसके वास्तविक प्रभाव और कर्जमाफी संबंधी दावों की स्वतंत्र पुष्टि इस सामग्री के आधार पर नहीं की गई है। लेख में इन्हें कांग्रेस के आरोपों और राजनीतिक प्रतिक्रिया के रूप में प्रस्तुत किया गया है।