वोट चोरी के खिलाफ प्रदर्शनकारियों पर बर्बरता निंदनीय, राहुल गांधी के संवैधानिक मुद्दों से भाजपा क्यों घबराई? — दीपक बैज
छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष दीपक बैज ने कथित तौर पर शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों पर पुलिस कार्रवाई की निंदा की है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार चुनावी गड़बड़ियों और वोट चोरी से जुड़े सवालों का जवाब देने के बजाय विरोध की आवाज दबाने का प्रयास कर रही है। बैज ने राहुल गांधी द्वारा उठाए जा रहे संवैधानिक मुद्दों का उल्लेख करते हुए निष्पक्ष चुनाव, लोकतांत्रिक अधिकारों और शांतिपूर्ण प्रदर्शन की स्वतंत्रता की रक्षा की मांग की।
UNITED NEWS OF ASIA. अमृतेश्वर सिंह, रायपुर l छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष दीपक बैज ने कथित तौर पर शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों पर की गई पुलिस कार्रवाई की निंदा की है। 8 अक्टूबर 2026 को जारी प्रेस विज्ञप्ति में उन्होंने आरोप लगाया कि वोट चोरी और चुनावी गड़बड़ियों के मुद्दे पर आवाज उठाने वालों के खिलाफ दमनकारी रवैया अपनाया जा रहा है। बैज ने कहा कि लोकतांत्रिक और संवैधानिक अधिकारों की रक्षा के लिए शांतिपूर्ण प्रदर्शन करना प्रत्येक नागरिक का अधिकार है। उन्होंने सवाल उठाया कि राहुल गांधी द्वारा उठाए जा रहे संवैधानिक मुद्दों से भाजपा सरकार इतनी घबराई हुई क्यों है।
वोट चोरी के आरोपों पर जवाब मांगे सरकार: कांग्रेस
दीपक बैज ने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार लोकतंत्र, निष्पक्ष चुनाव और पारदर्शी व्यवस्था की बात करती है, लेकिन चुनावी प्रक्रिया पर सवाल उठाने वाले नागरिकों और कार्यकर्ताओं के खिलाफ पुलिस बल का इस्तेमाल किया जा रहा है। उनके अनुसार, वोट चोरी और चुनावी धांधली से जुड़े आरोपों का जवाब तथ्यों और निष्पक्ष जांच के माध्यम से दिया जाना चाहिए। कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि जनता के मताधिकार की रक्षा करना राजनीतिक गतिविधि भर नहीं, बल्कि संवैधानिक जिम्मेदारी है।
उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार चुनावी व्यवस्था पर उठ रहे सवालों का समाधान करने के बजाय विरोध की आवाज दबाने का प्रयास कर रही है। बैज ने कहा कि लोकतंत्र में जनता को सवाल पूछने और शांतिपूर्ण तरीके से अपनी बात रखने का अधिकार मिलना चाहिए। कांग्रेस ने इस कथित पुलिस कार्रवाई को लोकतांत्रिक मूल्यों के विपरीत बताया है।
राहुल गांधी के मुद्दों पर भाजपा से पूछे सवाल
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने राहुल गांधी द्वारा सड़क से संसद तक उठाए जा रहे संवैधानिक और जनहित के मुद्दों का उल्लेख किया। उन्होंने सवाल किया कि जनता के वोट के अधिकार और निष्पक्ष चुनाव की मांग करने वालों के खिलाफ सख्ती क्यों की जा रही है। बैज के मुताबिक, लोकतांत्रिक व्यवस्था में असहमति और शांतिपूर्ण विरोध को स्थान मिलना चाहिए। उन्होंने कहा कि युवाओं, किसानों, आदिवासियों और आम नागरिकों के अधिकारों की रक्षा के लिए चुनावी प्रक्रिया में पारदर्शिता आवश्यक है।
बैज ने यह भी आरोप लगाया कि चुनावी गड़बड़ियों और वोट चोरी से संबंधित आरोपों की जांच कराने के बजाय प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए पुलिस का सहारा लिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि ऐसे मामलों में तथ्यों के आधार पर स्थिति स्पष्ट की जानी चाहिए, ताकि लोकतांत्रिक संस्थाओं पर जनता का विश्वास बना रहे।
लोकतांत्रिक अधिकारों की रक्षा की मांग
दीपक बैज ने कहा कि कांग्रेस की नीति जनआंदोलनों को सुनने, संवाद कायम करने और लोकतांत्रिक संस्थाओं को मजबूत करने की रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि मौजूदा भाजपा सरकार विरोध के स्वरों को दबाने के लिए कठोर रवैया अपना रही है। उन्होंने सवाल किया कि यदि सरकार के पास चुनावी गड़बड़ियों के आरोपों का जवाब है, तो उसे तथ्यों के साथ सामने क्यों नहीं रखा जाता।
कांग्रेस ने मताधिकार और निष्पक्ष चुनाव से जुड़े सवालों पर पारदर्शी जवाब देने की मांग की है। पार्टी ने कथित पुलिस कार्रवाई की कड़ी निंदा करते हुए लोकतांत्रिक अधिकारों का सम्मान सुनिश्चित करने की बात कही। हालांकि, प्रेस विज्ञप्ति में लगाए गए आरोप कांग्रेस का पक्ष हैं; संबंधित पुलिस कार्रवाई और चुनावी गड़बड़ियों के आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि इस सामग्री में उपलब्ध नहीं है।
प्रेस विज्ञप्ति जारी करने वाले कांग्रेस के संचार प्रमुख सुशील आनंद शुक्ला ने इसे पार्टी का आधिकारिक बयान बताया।