धमतरी में चक्रवाती तूफान ‘अर्नब’ से जनहानि और मकानों को नुकसान नहीं, फसल क्षति का सर्वे जारी

चक्रवाती तूफान ‘अर्नब’ के प्रभाव को देखते हुए धमतरी जिला प्रशासन सतर्क है। कलेक्टर अबिनाश मिश्रा के अनुसार, जिले में अब तक जनहानि, पशुहानि या मकानों को नुकसान पहुंचने की सूचना नहीं है। संभावित फसल क्षति का आकलन करने के लिए राजस्व और कृषि विभाग की टीमें सर्वे कर रही हैं। किसानों को मौसम साफ होने तक कटाई टालने और आधिकारिक दिशा-निर्देशों का पालन करने की सलाह दी गई है।

Oct 29, 2026 - 19:52
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धमतरी में चक्रवाती तूफान ‘अर्नब’ से जनहानि और मकानों को नुकसान नहीं, फसल क्षति का सर्वे जारी

UNITED NEWS OF ASIA. रिजवान मेमन, धमतरी l चक्रवाती तूफान ‘अर्नब’ के प्रभाव को देखते हुए धमतरी जिला प्रशासन ने एहतियातन आवश्यक तैयारियां की थीं। जिला प्रशासन के अनुसार, जिले में अब तक जनहानि, पशुहानि अथवा मकानों को क्षति पहुंचने की कोई सूचना प्राप्त नहीं हुई है। हालांकि, संभावित मौसमी परिस्थितियों के मद्देनजर प्रशासन सतर्क है और किसानों की फसलों को हुए संभावित नुकसान का आकलन करने के लिए सर्वे कराया जा रहा है।

कलेक्टर अबिनाश मिश्रा ने बताया कि मौसम की स्थिति को ध्यान में रखते हुए विभिन्न प्रचार माध्यमों से आम नागरिकों को सतर्क रहने और आवश्यक सावधानियां बरतने की अपील की गई थी। उन्होंने कहा कि मौसम में पूरी तरह सुधार होने तक आगामी दो से तीन दिनों तक विशेष सावधानी बरतने की आवश्यकता है। किसानों को भी अपनी फसलों की सुरक्षा के प्रति सजग रहने की सलाह दी गई है।

मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार बारिश की संभावना को देखते हुए किसानों को सलाह दी गई है कि धान, दलहन और तिलहन की खड़ी फसल यदि पकने की अवस्था में है, तो मौसम साफ होने तक दो से चार दिनों तक कटाई से बचें। प्रशासन का मानना है कि मौसम की परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए कटाई का निर्णय लेने से फसलों को संभावित नुकसान से बचाने में मदद मिल सकती है।

कलेक्टर ने बताया कि जिले में किसानों की फसलों को हुई संभावित क्षति का आकलन करने के लिए संबंधित अधिकारियों को सर्वे के निर्देश दिए गए हैं। राजस्व और कृषि विभाग का अमला प्रभावित क्षेत्रों में पहुंचकर स्थिति का जायजा ले रहा है। सर्वे के माध्यम से वास्तविक नुकसान का आकलन किया जाएगा, जिसके आधार पर नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई की जा सकेगी।

किसानों से अपील की गई है कि वे मौसम को लेकर घबराएं नहीं और यदि उनकी फसलों को नुकसान होता है, तो संबंधित विभाग के अधिकारियों को इसकी जानकारी दें। प्रशासन ने यह भी कहा है कि पात्र किसानों को प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के प्रावधानों के अनुसार दावा प्रक्रिया और नियमानुसार सहायता का लाभ दिलाने के लिए आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।

भारत मौसम विज्ञान विभाग से प्राप्त जानकारी के अनुसार, 29 अक्टूबर 2026 को सुबह 5:30 बजे भारतीय मानक समय पर अत्यंत भीषण चक्रवाती तूफान ‘अर्नब’ कमजोर होकर अवदाब यानी डिप्रेशन में परिवर्तित हो गया था। इसके बावजूद मौसम की परिस्थितियों को देखते हुए नागरिकों और किसानों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।

जिला प्रशासन ने आमजन से मौसम संबंधी आधिकारिक सूचनाओं पर ध्यान देने और जारी दिशा-निर्देशों का पालन करने की अपील की है। फिलहाल धमतरी जिले में जनहानि, पशुहानि और मकानों को नुकसान की सूचना नहीं है, जबकि फसल क्षति के वास्तविक आकलन के लिए सर्वे की प्रक्रिया जारी है।