कवर्धा में तेंदुए की तलाश जारी, अफवाह फैलाने वालों पर होगी कानूनी कार्रवाई: वन विभाग
कबीरधाम जिले के कवर्धा नगर और आसपास के वनक्षेत्रों में तेंदुए की मौजूदगी संबंधी सूचनाओं के बाद वन विभाग लगातार निगरानी कर रहा है। विभाग के अनुसार, गश्ती दल तैनात हैं, ड्रोन से निगरानी की जा रही है और वन्यजीव विशेषज्ञों की मदद से पिंजरे लगाए गए हैं। वहीं, भ्रामक फोटो, वीडियो और अपुष्ट सूचनाएं प्रसारित करने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।
UNITED NEWS OF ASIA. सौरभ नामदेव, कवर्धा l कबीरधाम जिले के कवर्धा नगर और आसपास के वनक्षेत्रों में तेंदुए की मौजूदगी संबंधी सूचनाओं के बाद वन विभाग ने निगरानी और तलाश अभियान तेज कर दिया है। विभाग की ओर से 29 अक्टूबर 2026 को जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, पिछले लगभग दो सप्ताह से तेंदुआ दिखाई देने की सूचनाएं समाचार पत्रों, व्हाट्सएप ग्रुपों, सोशल मीडिया और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया के माध्यम से मिल रही हैं। इन सूचनाओं पर संज्ञान लेते हुए विभाग ने गश्ती दल तैनात किए हैं और ड्रोन की मदद से निगरानी की जा रही है।
वन विभाग के अनुसार, कवर्धा और भोरमदेव अभयारण्य क्षेत्र के अधिकारियों ने संयुक्त रूप से गश्ती दल गठित किए हैं। ये दल प्रतिदिन सुबह 4 बजे से 8 बजे तक और शाम 6 बजे से रात 2 बजे तक विभिन्न क्षेत्रों में गश्त कर रहे हैं। निगरानी वाले क्षेत्रों में शिक्षक कॉलोनी, राजमहल, समनापुर रोड, खूंटू रोड, साधना नगर, लकड़ी टाल, मठ पारा, नवीन बाजार और 17वीं बटालियन परिसर शामिल हैं।
तेंदुए की तलाश के लिए सामान्य ड्रोन के साथ रात में थर्मल ड्रोन का भी इस्तेमाल किया जा रहा है। विभाग ने बिलासपुर के कानन पेंडारी और रायपुर के जंगल सफारी से वन्यजीव विशेषज्ञों को बुलाया है। प्रेस विज्ञप्ति के मुताबिक, विशेषज्ञों की देखरेख में लकड़ी टाल, मठ पारा, नवीन बाजार और 17वीं बटालियन परिसर में पिंजरे लगाए गए हैं। इनमें बकरी रखी गई है, ताकि तेंदुए को सुरक्षित तरीके से पकड़ा जा सके।
इसी बीच वन विभाग ने सोशल मीडिया पर भ्रामक और अपुष्ट सूचनाएं प्रसारित करने वालों को चेतावनी दी है। विभाग का कहना है कि कुछ लोग व्हाट्सएप ग्रुपों और अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर तेंदुआ दिखाई देने की अपुष्ट जानकारी साझा कर रहे हैं। इसके अलावा, कृत्रिम बुद्धिमत्ता यानी एआई की सहायता से तैयार किए गए भ्रामक फोटो और वीडियो प्रसारित किए जाने की जानकारी भी सामने आई है। विभाग के मुताबिक, ऐसी सामग्री से लोगों में भय और दहशत फैल सकती है तथा वन विभाग की कार्रवाई में बाधा उत्पन्न हो सकती है।
विभाग ने चेतावनी दी है कि भ्रामक सामग्री बनाने, प्रसारित करने या उसे आगे भेजने वालों के खिलाफ प्रचलित कानूनों के तहत कार्रवाई की जा सकती है। इसमें भारतीय न्याय संहिता, 2023 की संबंधित धाराओं, सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम और वन्यजीव संरक्षण से जुड़े कानूनों के प्रावधान शामिल हो सकते हैं। विभाग ने कहा है कि साइबर सेल और पुलिस के सहयोग से जांच कर आवश्यकतानुसार एफआईआर दर्ज कराने की कार्रवाई भी की जाएगी।
वन विभाग ने आमजन से अपील की है कि अपुष्ट फोटो, वीडियो या संदेशों पर विश्वास न करें और उन्हें साझा करने से बचें। लोगों को रात और अलसुबह अकेले बाहर निकलने से बचने तथा बच्चों और पालतू पशुओं का विशेष ध्यान रखने की सलाह दी गई है। तेंदुआ दिखाई देने पर उसके पास जाने, पीछा करने, फोटो या वीडियो बनाने अथवा भीड़ लगाने से बचने को कहा गया है।
तेंदुए की सूचना देने के लिए नागरिक परिक्षेत्र अधिकारी, कवर्धा या भोरमदेव अभयारण्य से 9981426667 और 7000030662 मोबाइल नंबरों पर संपर्क कर सकते हैं। वन विभाग के अनुसार, तेंदुए को सुरक्षित पकड़ने के लिए आवश्यक प्रयास लगातार जारी हैं।