कृषि महाविद्यालय बेमेतरा में देशभक्ति के वातावरण में सामूहिक ‘वंदे मातरम्’ गायन संपन्न

कृषि महाविद्यालय बेमेतरा में 15 जनवरी 2026 को सामूहिक ‘वंदे मातरम्’ गायन कार्यक्रम आयोजित हुआ, जिसमें छात्र, शिक्षक व कर्मचारी देशभक्ति के भाव से शामिल हुए।

Jan 16, 2026 - 13:48
 0  5
कृषि महाविद्यालय बेमेतरा में देशभक्ति के वातावरण में सामूहिक ‘वंदे मातरम्’ गायन संपन्न

UNITED NEWS OF ASIA. अरुण पुरेना,बेमेतरा। रेवेंद्र सिंह वर्मा कृषि महाविद्यालय एवं अनुसंधान केंद्र, ढोलिया, बेमेतरा (छत्तीसगढ़) के प्रांगण में 15 जनवरी 2026 को सामूहिक “वंदे मातरम्” गायन कार्यक्रम का आयोजन अत्यंत गरिमामय एवं देशभक्ति से परिपूर्ण वातावरण में किया गया। इस कार्यक्रम में महाविद्यालय के समस्त छात्र-छात्राएं, प्राध्यापकगण, अधिकारी एवं कर्मचारीगण बड़ी संख्या में उत्साहपूर्वक उपस्थित रहे।

कार्यक्रम का शुभारंभ सभी उपस्थितजनों द्वारा सामूहिक रूप से “वंदे मातरम्” के सस्वर गायन के साथ किया गया। जैसे ही राष्ट्रगीत की गूंज महाविद्यालय परिसर में फैली, पूरा वातावरण राष्ट्रप्रेम, गौरव और एकता की भावना से ओतप्रोत हो गया। विद्यार्थियों और शिक्षकों ने अनुशासन एवं गंभीरता के साथ राष्ट्रगीत में सहभागिता निभाई, जिससे कार्यक्रम की गरिमा और भी बढ़ गई।

इस अवसर पर महाविद्यालय के अधिष्ठाता डॉ. संदीप भंडारकर ने अपने प्रेरक संबोधन में ‘वंदे मातरम्’ की ऐतिहासिक पृष्ठभूमि, इसकी रचना और राष्ट्रीय महत्व पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि “वंदे मातरम्” केवल एक गीत नहीं, बल्कि भारत माता के प्रति श्रद्धा, समर्पण और बलिदान की भावना का प्रतीक है। स्वतंत्रता संग्राम के दौरान इस गीत ने देशवासियों में नई ऊर्जा, साहस और राष्ट्रप्रेम की भावना का संचार किया।

डॉ. भंडारकर ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि युवाओं की भूमिका राष्ट्र निर्माण में अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने राष्ट्रीय एकता, अनुशासन और राष्ट्रगीत के सम्मान के महत्व पर बल देते हुए कहा कि सकारात्मक सोच, कर्तव्यनिष्ठा और परिश्रम के माध्यम से ही देश का उज्ज्वल भविष्य सुनिश्चित किया जा सकता है। उन्होंने सभी विद्यार्थियों से अपने अध्ययन, आचरण और कार्यों के माध्यम से राष्ट्रहित में योगदान देने का आह्वान किया।

कार्यक्रम के दौरान उपस्थित सभी लोगों ने राष्ट्रगीत के प्रति सम्मान और प्रतिबद्धता का परिचय दिया। संपूर्ण आयोजन देशभक्ति, राष्ट्रीय गौरव और सामाजिक एकता की भावना को मजबूत करने वाला सिद्ध हुआ। सामूहिक “वंदे मातरम्” गायन कार्यक्रम ने न केवल विद्यार्थियों में राष्ट्रप्रेम की भावना को और प्रबल किया, बल्कि सभी को अपने कर्तव्यों और दायित्वों के प्रति सजग रहने का संदेश भी दिया।