पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार पीड़िता के परिजनों द्वारा थाना तरेगांव जंगल में रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी कि उनकी नाबालिग पुत्री 25 जून 2025 की रात लगभग 10 से 11 बजे के बीच घर से बिना बताए कहीं चली गई थी। परिवार ने आसपास और रिश्तेदारों के यहां काफी तलाश की, लेकिन उसका कोई पता नहीं चल सका। परिजनों को आशंका थी कि किसी अज्ञात व्यक्ति ने उनकी पुत्री को बहला-फुसलाकर अपने साथ ले गया है।
शिकायत के आधार पर थाना तरेगांव जंगल में अपराध क्रमांक 15/2025 के तहत भारतीय न्याय संहिता की धारा 137(2) के अंतर्गत मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई। मामले की विवेचना के दौरान कुछ समय बाद पीड़िता अपने परिजनों के साथ थाना पहुंची। इसके बाद महिला अधिकारी द्वारा पीड़िता का बयान दर्ज किया गया।
जांच के दौरान प्राप्त जानकारी के आधार पर पुलिस ने आरोपी की पहचान कर उसके खिलाफ मामला दर्ज किया। पुलिस के अनुसार आरोपी द्वारा पीड़िता को बहला-फुसलाकर घर से दूर ले जाने और उसके साथ गंभीर अपराध करने का आरोप सामने आया है।
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने आरोपी के विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न धाराओं के साथ-साथ पॉक्सो एक्ट के प्रावधान भी जोड़े। इसके बाद आरोपी की तलाश शुरू की गई। पुलिस टीम ने लगातार पतासाजी करते हुए 6 मार्च 2026 को आरोपी को गिरफ्तार कर लिया।
गिरफ्तार आरोपी की पहचान शत्रुहन करायेत (19 वर्ष) निवासी सोनतरा, थाना तरेगांव जंगल जिला कबीरधाम के रूप में हुई है। आरोपी को विधिवत गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया है।
इस पूरे मामले की कार्रवाई पुलिस अधीक्षक कबीरधाम धर्मेंद्र सिंह, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक पुष्पेंद्र बघेल और अमित पटेल तथा अनुविभागीय अधिकारी पुलिस बोड़ला अखिलेश कौशिक के निर्देशन में की गई। थाना तरेगांव जंगल पुलिस की टीम ने मामले की जांच और आरोपी की गिरफ्तारी में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार मामले में अन्य गवाहों के बयान दर्ज किए जा रहे हैं और विवेचना की आगे की प्रक्रिया जारी है। पुलिस ने कहा है कि नाबालिगों से जुड़े अपराधों के मामलों में सख्त कार्रवाई की जाएगी और दोषियों को कानून के अनुसार दंडित कराया जाएगा।