ई-कचरा वाहन को धक्का मारते दिखे नगर पालिका कर्मचारी, वायरल वीडियो ने उठाए कई सवाल
नेपानगर नगर पालिका का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें कर्मचारी अनुपयोगी पड़े ई-कचरा वाहन को धक्का मारते नजर आ रहे हैं। लंबे समय से खराब पड़े वाहन को नवीन कार्यालय से अंबेडकर भवन परिसर में शिफ्ट किया जा रहा था। मामले ने नगर में चर्चा का विषय बनते हुए नगर पालिका की कार्यप्रणाली और ई-कचरा प्रबंधन व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
UNITED NEWS OF ASIA. महेश किनगे, नेपानगर l नेपानगर नगर पालिका का एक वीडियो इन दिनों सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में नगर पालिका के कर्मचारी एक ई-कचरा वाहन को धक्का मारते हुए दिखाई दे रहे हैं। यह वीडियो सामने आने के बाद नगर में चर्चाओं का दौर शुरू हो गया है और नगर पालिका की कार्यप्रणाली पर कई सवाल खड़े हो रहे हैं।
जानकारी के अनुसार नगर पालिका के नवीन कार्यालय परिसर में ई-कचरा संग्रहण के लिए उपलब्ध कराया गया वाहन कई महीनों से अनुपयोगी अवस्था में खड़ा था। वाहन के लंबे समय से खराब पड़े रहने के बावजूद उसे सुधारने या उसकी तकनीकी जांच कराने की दिशा में कोई ठोस पहल नहीं की गई। अब इस वाहन को नवीन कार्यालय से अंबेडकर भवन परिसर में स्थानांतरित किया जा रहा है।
वाहन को स्थानांतरित करने के दौरान कर्मचारियों द्वारा धक्का लगाकर ले जाने का वीडियो किसी व्यक्ति ने अपने मोबाइल में रिकॉर्ड कर लिया, जो बाद में सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। वीडियो के वायरल होते ही नगर में यह चर्चा का विषय बन गया कि आखिर लाखों रुपये की लागत से खरीदा गया वाहन इस स्थिति में कैसे पहुंच गया।
स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि वाहन लंबे समय से खराब था तो उसकी मरम्मत कराई जानी चाहिए थी या संबंधित कंपनी को इसकी सूचना देकर आवश्यक कार्रवाई की जानी चाहिए थी। लेकिन ऐसा प्रतीत होता है कि मामले को गंभीरता से नहीं लिया गया, जिसके कारण वाहन अनुपयोगी हालत में पड़ा रहा।
नगरवासियों का यह भी आरोप है कि ई-कचरा प्रबंधन जैसे महत्वपूर्ण कार्य के लिए उपलब्ध कराए गए संसाधनों का सही उपयोग नहीं हो पा रहा है। यदि वाहन समय पर संचालित होता तो नगर में ई-कचरा संग्रहण और निस्तारण की व्यवस्था अधिक प्रभावी हो सकती थी।
मामले को लेकर अब नगर पालिका की कार्यशैली और संसाधनों के रखरखाव को लेकर सवाल उठने लगे हैं। लोगों का कहना है कि संबंधित अधिकारियों को इस मामले की जांच कर यह स्पष्ट करना चाहिए कि वाहन कब से खराब था, उसकी मरम्मत क्यों नहीं कराई गई और इसके लिए जिम्मेदार कौन है।
वायरल वीडियो ने नगर पालिका की व्यवस्थाओं को एक बार फिर चर्चा के केंद्र में ला दिया है। अब देखना होगा कि प्रशासन इस मामले में क्या कदम उठाता है और नगरवासियों के सवालों का जवाब किस प्रकार देता है।