संसद मार्च के दौरान पार्लियामेंट स्ट्रीट पर हंगामा, CJP का दावा- जेपी नड्डा से मिलने जा रहे प्रतिनिधि

दिल्ली में ‘चलो संसद’ मार्च के दौरान पार्लियामेंट स्ट्रीट पर प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच तनाव की स्थिति बन गई। CJP ने दावा किया कि संगठन का प्रतिनिधिमंडल केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा से मुलाकात के लिए जा रहा था। इस बीच संसद सत्र को देखते हुए राजधानी में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई।

Jul 20, 2026 - 13:59
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संसद मार्च के दौरान पार्लियामेंट स्ट्रीट पर हंगामा, CJP का दावा- जेपी नड्डा से मिलने जा रहे प्रतिनिधि

UNITED NEWS OF ASIA. नई दिल्ली। कथित नीट पेपर लीक मामले में केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) द्वारा आयोजित ‘चलो संसद’ मार्च के दौरान सोमवार को पार्लियामेंट स्ट्रीट पर तनावपूर्ण स्थिति बन गई। प्रदर्शनकारियों के संसद की ओर बढ़ने के प्रयास के बीच पुलिस ने उन्हें रोकने की कोशिश की, जिससे मौके पर हंगामे जैसी स्थिति उत्पन्न हो गई।

CJP के मुख्य प्रवक्ता सौरव दास ने सोशल मीडिया के माध्यम से दावा किया कि वह और संगठन के प्रतिनिधि आशुतोष रांका केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा से मुलाकात करने जा रहे थे। उनके अनुसार, सुबह सरकार की ओर से बातचीत के लिए संपर्क किया गया था। सौरव दास ने कहा कि संगठन की मांगें स्पष्ट हैं और बड़ी संख्या में युवा इस आंदोलन से जुड़े हुए हैं।

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, प्रदर्शनकारी जैसे ही पार्लियामेंट स्ट्रीट पहुंचे, वहां पहले से मौजूद पुलिस बल ने उन्हें आगे बढ़ने से रोक दिया। भीड़ को नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने बल प्रयोग किया, जिसके बाद स्थिति और तनावपूर्ण हो गई। इसी दौरान कुछ प्रदर्शनकारी राजीव चौक मेट्रो स्टेशन परिसर तक पहुंच गए, जिससे वहां अफरा-तफरी का माहौल बन गया। हालांकि, पूरे घटनाक्रम को लेकर पुलिस और संबंधित अधिकारियों की ओर से विस्तृत आधिकारिक बयान का इंतजार है।

संसद के मानसून सत्र की शुरुआत के मद्देनजर राजधानी दिल्ली में सुरक्षा व्यवस्था को अभूतपूर्व स्तर तक बढ़ा दिया गया है। पुलिस के अनुसार, संसद भवन, नॉर्थ ब्लॉक, साउथ ब्लॉक और अन्य संवेदनशील सरकारी परिसरों की सुरक्षा के लिए 5,000 से अधिक पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई है। इसके अलावा रैपिड एक्शन फोर्स (RAF) और अन्य सुरक्षा एजेंसियों को भी हाई अलर्ट पर रखा गया है। प्रमुख मार्गों पर बैरिकेडिंग की गई है तथा वाहनों और लोगों की सघन जांच की जा रही है।

इसी बीच सफदरजंग अस्पताल में भर्ती सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने अस्पताल प्रशासन को पत्र लिखकर कुछ समय के लिए अस्पताल से बाहर जाने की अनुमति मांगी है। उन्होंने अपने पत्र में कहा कि उनकी स्वास्थ्य स्थिति पहले से बेहतर है और अधिकांश मेडिकल पैरामीटर सामान्य हैं। इसी आधार पर उन्होंने ‘चलो संसद’ मार्च में शामिल होने के लिए अस्थायी अनुमति देने का अनुरोध किया।

वांगचुक ने पत्र में लिखा कि वह बेहतर महसूस कर रहे हैं और लोकतांत्रिक तरीके से आयोजित मार्च में शामिल होना चाहते हैं। उन्होंने अस्पताल प्रशासन से सहयोग की अपेक्षा जताई। हालांकि, इस संबंध में अस्पताल प्रशासन की ओर से अंतिम निर्णय की जानकारी अभी सामने नहीं आई है।

दूसरी ओर CJP ने अपने समर्थकों और प्रदर्शनकारियों से शांतिपूर्ण तरीके से आंदोलन जारी रखने की अपील की है। संगठन ने सोशल मीडिया पर जारी संदेश में कहा कि कानून-व्यवस्था बनाए रखें और किसी भी उकसावे में न आएं। CJP ने यह भी कहा कि कुछ मेट्रो स्टेशन बंद होने के कारण लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है, लेकिन सभी प्रदर्शनकारी संयम बनाए रखें।

फिलहाल दिल्ली में सुरक्षा एजेंसियां पूरे घटनाक्रम पर लगातार नजर बनाए हुए हैं। प्रदर्शन, संसद सत्र और सुरक्षा व्यवस्था को देखते हुए राजधानी के संवेदनशील इलाकों में पुलिस की निगरानी और सतर्कता बढ़ा दी गई है। आने वाले समय में सरकार और प्रदर्शनकारियों के बीच बातचीत होती है या नहीं, इस पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं।