23 दिन बाद AISA के तीन छात्र कार्यकर्ताओं ने खत्म की भूख हड़ताल, प्रतिनिधिमंडल की अपील पर लिया फैसला

दिल्ली के जंतर-मंतर पर 23 दिनों से भूख हड़ताल पर बैठे AISA के तीन छात्र कार्यकर्ताओं ने विपक्षी सांसदों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और प्रमुख हस्तियों के प्रतिनिधिमंडल की अपील के बाद अपना अनशन समाप्त कर दिया। संगठन ने स्पष्ट किया कि भूख हड़ताल खत्म हुई है, लेकिन छात्रों की मांगों को लेकर आंदोलन जारी रहेगा।

Jul 20, 2026 - 13:47
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23 दिन बाद AISA के तीन छात्र कार्यकर्ताओं ने खत्म की भूख हड़ताल, प्रतिनिधिमंडल की अपील पर लिया फैसला

UNITED NEWS OF ASIA. नई दिल्ली। दिल्ली के जंतर-मंतर पर पिछले 23 दिनों से अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर बैठे ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (AISA) के तीन छात्र कार्यकर्ताओं ने सोमवार को अपना अनशन समाप्त कर दिया। विपक्षी सांसदों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और विभिन्न क्षेत्रों की प्रमुख हस्तियों के प्रतिनिधिमंडल की अपील के बाद नेहा, आमीन और मनीष ने यह फैसला लिया। तीनों छात्र कार्यकर्ता शिक्षा व्यवस्था में सुधार, कथित परीक्षा अनियमितताओं की निष्पक्ष जांच और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर आंदोलन कर रहे थे।

AISA के अनुसार, 23 दिनों तक लगातार भूख हड़ताल के कारण तीनों की सेहत पर गंभीर असर पड़ा था। लंबे समय तक भोजन न करने से उनका वजन कम हुआ और स्वास्थ्य संबंधी कई समस्याएं सामने आईं। इसके बावजूद उन्होंने अपनी मांगों को लेकर आंदोलन जारी रखा। लगातार बिगड़ती स्वास्थ्य स्थिति को देखते हुए कई जनप्रतिनिधियों और सामाजिक संगठनों ने उनसे अनशन समाप्त करने की अपील की थी।

संगठन के मुताबिक, प्रतिनिधिमंडल में राज्यसभा सांसद मनोज झा, सांसद राजाराम सिंह और अमरा राम, सामाजिक कार्यकर्ता योगेंद्र यादव, वरिष्ठ अधिवक्ता प्रशांत भूषण, प्रोफेसर अतुल सूद, अभिनेता प्रकाश राज और अभिनेत्री शबाना आज़मी सहित कई प्रमुख लोग शामिल थे। इन सभी ने आंदोलनकारियों से स्वास्थ्य को प्राथमिकता देते हुए भूख हड़ताल समाप्त करने का आग्रह किया।

अनशन समाप्त होने के दौरान जंतर-मंतर पर भावुक दृश्य देखने को मिले। शबाना आज़मी ने छात्र कार्यकर्ताओं का हौसला बढ़ाया, जबकि प्रकाश राज ने अनशन समाप्त करने के दौरान नेहा को पानी पिलाया। इस अवसर पर मनोज झा ने कहा कि छात्रों का संघर्ष लोकतांत्रिक अधिकारों और शिक्षा से जुड़े मुद्दों को राष्ट्रीय स्तर पर सामने लाने में सफल रहा है। वहीं राजाराम सिंह ने कहा कि छात्रों की आवाज अब संसद के भीतर भी मजबूती से उठाई जाएगी।

योगेंद्र यादव ने कहा कि भूख हड़ताल समाप्त होने का अर्थ आंदोलन का अंत नहीं है। उन्होंने कहा कि छात्रों की मांगों को लेकर लोकतांत्रिक और शांतिपूर्ण तरीके से संघर्ष आगे भी जारी रहेगा। उन्होंने सभी से संवैधानिक दायरे में रहकर आंदोलन को आगे बढ़ाने की अपील की।

शबाना आज़मी ने जंतर-मंतर पहुंचकर कहा कि शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन प्रत्येक नागरिक का संवैधानिक अधिकार है। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में अपनी बात अहिंसक और शांतिपूर्ण तरीके से रखना ही सबसे मजबूत माध्यम है तथा आंदोलनकारियों का उद्देश्य भी अपनी मांगों को लोकतांत्रिक तरीके से सरकार तक पहुंचाना है।

AISA ने स्पष्ट किया है कि भूख हड़ताल समाप्त करने का निर्णय केवल स्वास्थ्य संबंधी चिंताओं और प्रतिनिधिमंडल की अपील को ध्यान में रखते हुए लिया गया है। संगठन का कहना है कि शिक्षा व्यवस्था में सुधार, छात्रों के हितों की रक्षा और अन्य मांगों को लेकर उसका आंदोलन आगे भी जारी रहेगा।