बड़ी खबर: सोनम वांगचुक को मेदांता अस्पताल में शिफ्ट करने का दिल्ली हाईकोर्ट का आदेश

दिल्ली हाईकोर्ट ने सोनम वांगचुक को सफदरजंग अस्पताल से मेदांता अस्पताल में शिफ्ट करने की अनुमति दे दी है। पत्नी गीतांजलि जे अंग्मो की याचिका पर कोर्ट ने विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम गठित करने और सभी मेडिकल रिकॉर्ड उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं।

Jul 21, 2026 - 18:16
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बड़ी खबर: सोनम वांगचुक को मेदांता अस्पताल में शिफ्ट करने का दिल्ली हाईकोर्ट का आदेश

UNITED NEWS OF ASIA. नई दिल्ली। सामाजिक कार्यकर्ता और शिक्षा सुधारक सोनम वांगचुक को लेकर बड़ी खबर सामने आई है। दिल्ली हाईकोर्ट ने उन्हें सफदरजंग अस्पताल से गुरुग्राम स्थित मेदांता अस्पताल में शिफ्ट करने की अनुमति दे दी है। यह फैसला उनकी पत्नी गीतांजलि जे अंग्मो की याचिका पर सुनवाई के बाद आया। अदालत ने मेदांता अस्पताल को विशेषज्ञ डॉक्टरों का पैनल गठित कर इलाज सुनिश्चित करने और सफदरजंग अस्पताल से सभी मेडिकल रिकॉर्ड उपलब्ध कराने के निर्देश भी दिए हैं।

सुनवाई के दौरान केंद्र सरकार ने अस्पताल बदलने पर कोई आपत्ति नहीं जताई, लेकिन यह भी कहा कि मरीज को चिकित्सकीय सलाह के विपरीत डिस्चार्ज नहीं किया जाना चाहिए। इसके बाद दिल्ली हाईकोर्ट की डबल बेंच ने सोनम वांगचुक को मेदांता अस्पताल में स्थानांतरित करने की अनुमति दे दी। अदालत ने स्पष्ट किया कि इलाज की पूरी प्रक्रिया विशेषज्ञ डॉक्टरों की निगरानी में होगी ताकि उनकी स्वास्थ्य स्थिति पर लगातार नजर रखी जा सके।

सोनम वांगचुक की पत्नी गीतांजलि जे अंग्मो ने अपनी याचिका में कहा था कि उनके पति को बेहतर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने के लिए निजी अस्पताल में भर्ती कराया जाना आवश्यक है। उनका आरोप था कि 18 जुलाई को तबीयत बिगड़ने के बाद दिल्ली पुलिस उन्हें जंतर-मंतर से सफदरजंग अस्पताल ले गई थी, जबकि परिवार निजी अस्पताल में इलाज चाहता था। इस मामले में पहले हुई सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने सरकार पर भरोसा जताने की बात कही थी, लेकिन बाद में डबल बेंच ने सभी पक्षों की दलीलें सुनने के बाद मेदांता अस्पताल में शिफ्ट करने का आदेश जारी किया।

फैसले के बाद गीतांजलि जे अंग्मो ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर खुशी जाहिर करते हुए दिल्ली हाईकोर्ट का धन्यवाद किया। उन्होंने कहा कि अदालत के आदेश से अब सोनम वांगचुक को उनकी पसंद के अस्पताल में इलाज मिल सकेगा। उन्होंने वरिष्ठ अधिवक्ता अखिल सिब्बल, अधिवक्ता बहुली शर्मा और उनकी कानूनी टीम का भी आभार व्यक्त किया, जिन्होंने कम समय में मामले की प्रभावी पैरवी की।

सोनम वांगचुक 28 जून से भूख हड़ताल पर हैं। उनकी तबीयत लगातार बिगड़ने के बाद 18 जुलाई को उन्हें जंतर-मंतर से सफदरजंग अस्पताल में भर्ती कराया गया था। उन्होंने पहले भी कहा था कि जब तक उनकी प्रमुख मांगों पर सकारात्मक पहल नहीं होती, तब तक वे अपना अनशन समाप्त नहीं करेंगे। स्वास्थ्य संबंधी चिंताओं के बीच अब उन्हें मेदांता अस्पताल में विशेषज्ञ चिकित्सकों की देखरेख में इलाज मिलेगा।

दिल्ली हाईकोर्ट के इस फैसले के बाद सोनम वांगचुक के इलाज को लेकर चल रहा विवाद फिलहाल समाप्त होता नजर आ रहा है। अब उनकी स्वास्थ्य स्थिति पर विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम लगातार निगरानी रखेगी और मेडिकल रिपोर्ट के आधार पर आगे का उपचार तय किया जाएगा। परिवार और समर्थकों को उम्मीद है कि बेहतर चिकित्सा सुविधा मिलने से उनके स्वास्थ्य में जल्द सुधार होगा।