ठाणे की आदिवासी आश्रमशाला में 21 नाबालिग छात्राओं से छेड़छाड़ का आरोप, रसोइए का सहायक गिरफ्तार

महाराष्ट्र के ठाणे जिले के शहापूर स्थित सरकारी आदिवासी आश्रमशाला में 21 नाबालिग छात्राओं से कथित छेड़छाड़ और अशोभनीय व्यवहार का मामला सामने आया है। शिकायत के बाद पुलिस ने आश्रमशाला में रसोइए के सहायक के रूप में काम करने वाले गणपत गवली को गिरफ्तार किया है। पुलिस मामले की जांच करते हुए छात्राओं के बयानों और घटनाक्रम से जुड़े अन्य तथ्यों की पड़ताल कर रही है। घटना के बाद आश्रमशाला की सुरक्षा व्यवस्था और छात्राओं की निगरानी को लेकर भी सवाल उठे हैं।

Aug 27, 2026 - 13:18
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ठाणे की आदिवासी आश्रमशाला में 21 नाबालिग छात्राओं से छेड़छाड़ का आरोप, रसोइए का सहायक गिरफ्तार

UNITED NEWS OF ASIA. महाराष्ट्र के ठाणे जिले के शहापूर क्षेत्र स्थित सरकारी आदिवासी आश्रमशाला में 21 नाबालिग छात्राओं से कथित छेड़छाड़ और अशोभनीय व्यवहार का मामला सामने आने के बाद हड़कंप मच गया है। छात्राओं की शिकायत के आधार पर शहापूर पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए आश्रमशाला में रसोइए के सहायक के रूप में काम करने वाले गणपत गवली को गिरफ्तार किया है। पुलिस अब शिकायतों से जुड़े तथ्यों, छात्राओं के बयानों और कथित घटनाओं की परिस्थितियों की जांच कर रही है।

जानकारी के अनुसार, आश्रमशाला में रहने वाली 21 नाबालिग छात्राओं ने आरोपी के खिलाफ कथित तौर पर अनुचित व्यवहार और छेड़छाड़ की शिकायत की। शिकायत सामने आने के बाद पुलिस ने कार्रवाई करते हुए आरोपी को हिरासत में लिया और उसके खिलाफ मामला दर्ज किया। पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि कथित घटनाएं कब हुईं और उनके पीछे की पूरी परिस्थितियां क्या थीं।

बताया गया है कि गणपत गवली आश्रमशाला में रसोइए के सहायक के तौर पर कार्यरत था। छात्राओं की शिकायत के बाद उसकी भूमिका को लेकर पुलिस ने जांच शुरू की है। अधिकारियों द्वारा छात्राओं के बयान दर्ज किए जा रहे हैं और मामले से संबंधित अन्य लोगों से भी जानकारी जुटाई जा सकती है। पुलिस जांच के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

घटना के सामने आने के बाद छात्राओं के अभिभावकों में भी नाराजगी और चिंता है। अभिभावकों की ओर से आश्रमशाला में रहने वाली छात्राओं की सुरक्षा व्यवस्था, कर्मचारियों की निगरानी और शिकायतों पर तत्काल कार्रवाई की व्यवस्था को लेकर सवाल उठाए जा रहे हैं। आवासीय आश्रमशाला में छात्राएं लंबे समय तक परिसर में रहती हैं, ऐसे में उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करना प्रबंधन और संबंधित प्रशासन की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है।

इस मामले ने महाराष्ट्र में आदिवासी छात्राओं के लिए संचालित सरकारी आवासीय संस्थानों की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी चर्चा तेज कर दी है। छात्राओं के साथ किसी भी प्रकार की अनुचित घटना की शिकायत मिलने पर संवेदनशीलता के साथ जांच और उनकी सुरक्षा को प्राथमिकता देना जरूरी है।

इस बीच, आदिवासी छात्रावासों और आश्रमशालाओं से जुड़े मुद्दों को लेकर राहुल गांधी की ओर से पहले उठाए गए सवालों का भी संदर्भ सामने आया है। राहुल गांधी ने महाराष्ट्र के कुछ आदिवासी छात्रावासों की स्थिति, सुरक्षा और छात्राओं से जुड़े कथित मेडिकल परीक्षणों को लेकर मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को पत्र लिखा था। हालांकि, इन अलग-अलग मामलों के बीच किसी प्रत्यक्ष संबंध की पुष्टि इस मामले की जांच के आधार पर ही हो सकेगी।

फिलहाल शहापूर पुलिस द्वारा आरोपी गणपत गवली को गिरफ्तार कर मामले की जांच की जा रही है। छात्राओं की पहचान और निजता की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए उनसे संबंधित व्यक्तिगत जानकारी सार्वजनिक नहीं की जानी चाहिए। पुलिस जांच पूरी होने के बाद ही घटना की पूरी परिस्थितियों और आरोपी की भूमिका को लेकर स्पष्ट जानकारी सामने आएगी।