उमरेठ की सरकारी राशन दुकान पर उठे सवाल, दिव्यांग और बुजुर्ग हितग्राही लंबी कतार में खड़े होकर कर रहे राशन का इंतजार

उमरेठ की शासकीय उचित मूल्य की दुकान में राशन वितरण व्यवस्था को लेकर ग्रामीणों में नाराजगी है। ग्रामीणों का आरोप है कि दिव्यांग और बुजुर्ग हितग्राहियों को भी लंबी कतार में खड़े होकर राशन का इंतजार करना पड़ रहा है। कई लोगों का कहना है कि राशन कार्ड जमा करने के बाद भी उन्हें दो दिन तक राशन के लिए दुकान के चक्कर लगाने पड़ते हैं। ग्रामीणों ने खाद्य विभाग और प्रशासन से व्यवस्था की जांच कर दिव्यांग एवं बुजुर्गों के लिए प्राथमिकता से राशन वितरण सुनिश्चित करने की मांग की है।

Aug 27, 2026 - 10:21
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उमरेठ की सरकारी राशन दुकान पर उठे सवाल, दिव्यांग और बुजुर्ग हितग्राही लंबी कतार में खड़े होकर कर रहे राशन का इंतजार

UNITED NEWS OF ASIA. वीरेंद्र यादव, छिंदवाड़ा l उमरेठ की शासकीय उचित मूल्य की दुकान पर राशन वितरण व्यवस्था को लेकर ग्रामीणों में नाराजगी देखने को मिल रही है। ग्रामीणों का आरोप है कि राशन लेने पहुंचने वाले दिव्यांग और बुजुर्ग हितग्राहियों को भी सामान्य लोगों की तरह लंबी कतार में खड़े होकर अपनी बारी का इंतजार करना पड़ रहा है। इससे उम्रदराज और दिव्यांग लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि शासन की ओर से जरूरतमंद हितग्राहियों के लिए राशन वितरण की व्यवस्था की गई है, लेकिन स्थानीय स्तर पर सुविधाओं का लाभ लोगों को पर्याप्त रूप से नहीं मिल पा रहा है।

ग्रामीणों के अनुसार राशन लेने के लिए दुकान पर पहुंचने के बाद राशन कार्ड जमा करना पड़ता है, लेकिन इसके बावजूद कई हितग्राहियों को तत्काल राशन नहीं मिल पाता। कुछ लोगों का दावा है कि राशन कार्ड जमा करने के बाद भी दो दिन तक राशन के लिए इंतजार करना पड़ता है। इस वजह से हितग्राहियों को बार-बार उचित मूल्य की दुकान के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं। सबसे अधिक परेशानी बुजुर्ग और दिव्यांग लोगों को हो रही है, जिन्हें लंबे समय तक कतार में खड़े रहना पड़ता है।

ग्रामीणों का कहना है कि दिव्यांगजनों और वरिष्ठ नागरिकों के लिए सरकारी राशन वितरण व्यवस्था में विशेष सुविधा और प्राथमिकता का प्रावधान होना चाहिए। ऐसे हितग्राहियों को सामान्य कतार में खड़ा करने के बजाय प्राथमिकता के आधार पर राशन उपलब्ध कराया जाना जरूरी है। ग्रामीणों के मुताबिक उमरेठ की उचित मूल्य दुकान पर ऐसी कोई प्रभावी प्राथमिकता व्यवस्था दिखाई नहीं दे रही है और सभी हितग्राहियों को एक समान कतार में राशन लेने के लिए इंतजार करना पड़ रहा है।

दिव्यांग या वरिष्ठ नागरिक किसी कारण से उचित मूल्य की दुकान तक नहीं पहुंच सकते, तो निर्धारित नियमों के अनुसार प्रतिनिधि के माध्यम से राशन प्राप्त करने जैसी सुविधाओं का प्रावधान कई स्थानों पर किया जाता है। वहीं दुकानों पर दिव्यांगजनों और बुजुर्गों के लिए आसानी से आवाजाही और सुविधा का वातावरण उपलब्ध कराने पर भी जोर दिया जाता है। ग्रामीणों का आरोप है कि उमरेठ की दुकान पर इन सुविधाओं का समुचित लाभ हितग्राहियों को नहीं मिल रहा है।

अनुचित व्यवहार का भी आरोप

ग्रामीणों ने राशन दुकान संचालक की कार्यप्रणाली और हितग्राहियों के साथ कथित अनुचित व्यवहार को लेकर भी सवाल उठाए हैं। ग्रामीणों का कहना है कि राशन लेने आने वाले लोगों के साथ उचित तरीके से व्यवहार नहीं किया जा रहा है। इससे लोगों में नाराजगी बढ़ रही है और वे प्रशासन से मामले में हस्तक्षेप की मांग कर रहे हैं।

ग्रामीणों ने खाद्य विभाग और प्रशासन से उचित मूल्य की दुकान की पूरी राशन वितरण व्यवस्था की जांच कराने की मांग की है। साथ ही हितग्राहियों के साथ होने वाले व्यवहार की जांच कर दिव्यांग और बुजुर्ग लोगों के लिए प्राथमिकता के आधार पर राशन उपलब्ध कराने की व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग की गई है।

ग्रामीणों का कहना है कि जब शासन की ओर से गरीब और जरूरतमंद परिवारों के लिए राशन उपलब्ध कराने की व्यवस्था की गई है, तो हितग्राहियों को राशन के लिए बार-बार दुकान के चक्कर क्यों लगाने पड़ रहे हैं। अब ग्रामीणों को प्रशासन की जांच और कार्रवाई का इंतजार है।