कलेक्टर ने दूरस्थ अंचलों का सघन भ्रमण कर विकास कार्यों का लिया जायजा, पर्यटन और आजीविका गतिविधियों पर जोर

धमतरी कलेक्टर अबिनाश मिश्रा और जिला पंचायत सीईओ जयंत नाहटा ने जिले के दूरस्थ ग्रामीण क्षेत्रों का भ्रमण कर विकास कार्यों, पर्यटन, स्वास्थ्य, शिक्षा, मत्स्य पालन और शासन की योजनाओं के क्रियान्वयन की समीक्षा की। अधिकारियों ने ग्रामीणों और हितग्राहियों से सीधे संवाद कर समस्याएं सुनीं तथा संबंधित विभागों को समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण निराकरण के निर्देश दिए। कलेक्टर ने स्थानीय संसाधनों से रोजगार और आजीविका के अवसर बढ़ाने पर विशेष जोर दिया।

Aug 27, 2026 - 08:28
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कलेक्टर ने दूरस्थ अंचलों का सघन भ्रमण कर विकास कार्यों का लिया जायजा, पर्यटन और आजीविका गतिविधियों पर जोर

UNITED NEWS OF ASIA. रिजवान मेमन, धमतरी l कलेक्टर अबिनाश मिश्रा एवं जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी जयंत नाहटा ने जिले के दूरस्थ और ग्रामीण क्षेत्रों का सघन भ्रमण कर विभिन्न विकास कार्यों तथा शासन की योजनाओं के जमीनी क्रियान्वयन का जायजा लिया। लगभग एक दर्जन गांवों के दौरे के दौरान अधिकारियों ने ग्रामीणों, हितग्राहियों और विभिन्न समितियों के सदस्यों से सीधे संवाद कर उनकी समस्याएं और आवश्यकताएं जानीं। कलेक्टर ने संबंधित अधिकारियों को लंबित कार्यों का समयबद्ध निराकरण करने और विकास कार्यों में गुणवत्ता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

कुकरेल में कलेक्टर ने मछली पालन गतिविधियों का निरीक्षण किया और मत्स्य पालन से जुड़े हितग्राहियों से चर्चा कर उत्पादन, आय और बाजार व्यवस्था की जानकारी ली। उन्होंने अधिकारियों को हितग्राहियों को तकनीकी मार्गदर्शन, गुणवत्तापूर्ण मत्स्य बीज, प्रशिक्षण और बाजार की सुविधा उपलब्ध कराने के निर्देश दिए, ताकि मत्स्य पालन ग्रामीण परिवारों के लिए स्थायी आय का साधन बन सके।

मॉडमसिल्ली में जल संसाधन विभाग द्वारा विकसित किए जा रहे पर्यटन गार्डन का निरीक्षण करते हुए कलेक्टर ने स्वच्छता, प्रकाश व्यवस्था, पेयजल, शौचालय और पर्यटकों के लिए अन्य आवश्यक सुविधाओं की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि प्राकृतिक स्थलों की खूबसूरती को ध्यान में रखते हुए पर्यटन सुविधाओं का विकास किया जाए, ताकि स्थानीय स्तर पर रोजगार और आजीविका के नए अवसर तैयार हो सकें।

उरपुटी में प्रधानमंत्री जनमन योजना के तहत निर्मित आवासों का निरीक्षण कर कलेक्टर ने हितग्राहियों से योजना के लाभ और निर्माण की स्थिति की जानकारी ली। उन्होंने अधिकारियों को शेष कार्य शीघ्र पूरा कराने तथा पात्र परिवारों को बिजली, पानी, सड़क और शौचालय जैसी मूलभूत सुविधाओं से जोड़ने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि दूरस्थ क्षेत्रों के पात्र परिवारों तक शासन की योजनाओं का लाभ प्राथमिकता के साथ पहुंचना चाहिए।

भोथापारा में वीबीआरएमजी के तहत निर्मित आजीविका डबरी का निरीक्षण किया गया। यहां 17 हितग्राहियों द्वारा मछली पालन किया जा रहा है। डबरी में रोहू, कतला और झींगा सहित विभिन्न प्रजातियों के मत्स्य बीज डाले गए हैं। कलेक्टर ने हितग्राहियों से आय और विपणन व्यवस्था की जानकारी लेकर उन्हें तकनीकी मार्गदर्शन, मत्स्य आहार, प्रशिक्षण और बाजार से जोड़ने की व्यवस्था सुनिश्चित करने कहा।

हरफर में पर्यटन विकास की संभावनाओं का निरीक्षण करते हुए पाथ-वे, पर्यटकों के बैठने की व्यवस्था और कॉटेज निर्माण सहित विभिन्न प्रस्तावित कार्यों पर चर्चा की गई। कलेक्टर ने पर्यटन स्थल के समग्र और चरणबद्ध विकास पर जोर देते हुए स्वच्छता, सौंदर्यीकरण, प्रकाश व्यवस्था और सुरक्षित आवागमन की सुविधा विकसित करने के निर्देश दिए।

अरौद में पंचायत भवन में पीएसीएस समिति के सदस्यों के साथ चर्चा कर किसानों से जुड़ी गतिविधियों की जानकारी ली गई। कलेक्टर ने किसानों को समय पर खाद, बीज, ऋण, फसल बीमा और अन्य कृषि सेवाएं उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। मोगरागहन में मछुआरा समिति के सदस्यों से संवाद कर उनकी समस्याओं और आवश्यकताओं को जाना गया तथा पात्र हितग्राहियों को योजनाओं का लाभ दिलाने और आजीविका गतिविधियों को बढ़ावा देने के निर्देश दिए।

कोड़ेगांव बी और तिर्रा में मछुआरा समितियों की बैठक लेकर कलेक्टर ने मछुआरों की समस्याओं पर चर्चा की। उन्होंने प्रशिक्षण, उपकरण, मत्स्य बीज और विभागीय योजनाओं का लाभ उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। तिर्रा में पर्यटन की संभावनाओं की भी समीक्षा की गई और स्थानीय युवाओं तथा स्व-सहायता समूहों को पर्यटन गतिविधियों से जोड़ने पर जोर दिया गया।

अकलाडोंगरी में छात्रावास और नव-निर्मित छह बिस्तर अस्पताल का निरीक्षण किया गया। कलेक्टर ने छात्रावास में विद्यार्थियों के भोजन, पेयजल, स्वच्छता, सुरक्षा और अध्ययन की सुविधाओं की नियमित निगरानी करने कहा। अस्पताल में दवाइयों की उपलब्धता, चिकित्सकीय स्टाफ, साफ-सफाई, जांच सुविधाओं और मरीजों को समय पर उपचार उपलब्ध कराने पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए।

माटेगहन में आजीविका डबरी का निरीक्षण कर ग्रामीणों को मत्स्य पालन और अन्य संबद्ध गतिविधियों से जोड़ने की संभावनाओं की जानकारी ली गई। चिखली में पर्यटन स्थल का निरीक्षण करते हुए स्वच्छता, हरित क्षेत्र, बैठने की व्यवस्था, सूचना संकेतक और सुरक्षित आवागमन जैसी सुविधाओं के विकास पर चर्चा की गई।

कलेक्टर अबिनाश मिश्रा ने कहा कि ग्रामीण विकास केवल निर्माण कार्यों तक सीमित नहीं है। स्थानीय संसाधनों को आजीविका से जोड़ना, पर्यटन को बढ़ावा देना, स्वास्थ्य और शिक्षा जैसी मूलभूत सुविधाओं को मजबूत करना तथा पात्र हितग्राहियों तक योजनाओं का लाभ पहुंचाना भी विकास का महत्वपूर्ण हिस्सा है। उन्होंने अधिकारियों को मैदानी निरीक्षण नियमित रूप से करने और कार्यों की गुणवत्ता, समयसीमा, उपयोगिता तथा स्थायित्व पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए।

उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन का उद्देश्य शासन की योजनाओं और विकास कार्यों का लाभ दूरस्थ क्षेत्रों में रहने वाले अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना है। ग्रामीणों से सीधे संवाद कर उनकी वास्तविक समस्याओं को समझते हुए प्राथमिकता के आधार पर समाधान किया जाए। लंबित कार्यों को शीघ्र पूरा करने के साथ अधिकारियों को पारदर्शिता, संवेदनशीलता और जवाबदेही के साथ कार्य करने के निर्देश दिए गए। भ्रमण के दौरान संबंधित विभागों के अधिकारी-कर्मचारी और स्थानीय जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे।