चलते शिक्षण सत्र में 700 शिक्षकों का तबादला, कांग्रेस ने सरकार पर लगाया ‘तबादला उद्योग’ चलाने का आरोप

छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी के मुख्य प्रवक्ता सुरेंद्र वर्मा ने शिक्षण सत्र के बीच करीब 700 शिक्षकों की जारी तबादला सूची को लेकर भाजपा सरकार पर निशाना साधा है। उन्होंने आरोप लगाया कि शिक्षकों के तबादले तय प्रक्रिया और स्पष्ट नीति के बिना किए जा रहे हैं, जिससे विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित होगी। कांग्रेस ने आरोप लगाया कि तबादलों की प्रक्रिया में कथित वसूली और राजनीतिक दबाव की भूमिका है। पार्टी ने सरकार से स्पष्ट स्थानांतरण नीति और पारदर्शी प्रक्रिया अपनाने की मांग की है।

Aug 9, 2026 - 12:41
 0  6
चलते शिक्षण सत्र में 700 शिक्षकों का तबादला, कांग्रेस ने सरकार पर लगाया ‘तबादला उद्योग’ चलाने का आरोप

UNITED NEWS OF ASIA. अमृतेश्वर सिंह, रायपुर l छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी के मुख्य प्रवक्ता सुरेंद्र वर्मा ने शिक्षण सत्र के बीच करीब 700 शिक्षकों की जारी तबादला सूची को लेकर भाजपा सरकार पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि शिक्षा विभाग में शिक्षकों के तबादले सामान्यतः ग्रीष्मकालीन अवकाश या नया शिक्षण सत्र शुरू होने से पहले किए जाते हैं, लेकिन वर्तमान सरकार द्वारा बीच सत्र में स्थानांतरण किए जाने से शिक्षा व्यवस्था प्रभावित होने की आशंका है।

सुरेंद्र वर्मा ने आरोप लगाया कि सरकार की तबादला प्रक्रिया के कारण विद्यार्थियों की पढ़ाई की लय टूट सकती है। उन्होंने कहा कि स्थानांतरित शिक्षक को नए स्कूल, नए माहौल और नए विद्यार्थियों के साथ तालमेल बनाने में समय लगेगा। इससे पाठ्यक्रम को समय पर पूरा करने में भी कठिनाई आ सकती है।

कांग्रेस प्रवक्ता ने आरोप लगाया कि सरकार द्वारा तबादला सूची चरणबद्ध तरीके से जारी की जा रही है। उन्होंने दावा किया कि विभाग में अनुशंसा, प्रस्ताव और आवेदन के आधार पर करीब 1700 शिक्षकों की सूची तैयार किए जाने की बात सामने आई थी। कांग्रेस का आरोप है कि बाद में करीब 1000 शिक्षकों की संशोधित सूची तैयार की गई और अंतिम सूची में कई नाम शामिल नहीं किए गए।

सुरेंद्र वर्मा ने इस पूरी प्रक्रिया की पारदर्शिता पर सवाल उठाते हुए कहा कि शिक्षकों के बीच तबादलों को लेकर असंतोष है। कांग्रेस ने आरोप लगाया कि स्पष्ट स्थानांतरण नीति, निर्धारित मापदंड और संतुलित प्रक्रिया के अभाव में शिक्षकों के स्थानांतरण किए जा रहे हैं। पार्टी का दावा है कि राजनीतिक दबाव और कथित वसूली के आरोपों के कारण शिक्षा विभाग की कार्यप्रणाली सवालों के घेरे में है।

उन्होंने कहा कि सरकार को शिक्षकों के स्थानांतरण को लेकर स्पष्ट नियम सार्वजनिक करने चाहिए और यह बताना चाहिए कि किस आधार पर शिक्षकों के नाम स्थानांतरण सूची में शामिल या बाहर किए गए हैं। कांग्रेस ने पूरी प्रक्रिया की पारदर्शिता सुनिश्चित करने की मांग की है।

सुरेंद्र वर्मा ने पिछले शिक्षण सत्र में हुए युक्तियुक्तकरण का भी उल्लेख किया। उन्होंने दावा किया कि पिछले वर्ष के युक्तियुक्तकरण से 10,538 स्कूल और 16,165 शिक्षक प्रभावित हुए थे। कांग्रेस के अनुसार इस वर्ष भी शिक्षण सत्र के दौरान बड़ी संख्या में शिक्षकों के स्थानांतरण से विद्यार्थियों की पढ़ाई और स्कूलों की व्यवस्थाओं पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है।

कांग्रेस प्रवक्ता ने कहा कि शिक्षा व्यवस्था में किसी भी प्रशासनिक बदलाव का केंद्र विद्यार्थियों का हित होना चाहिए। उन्होंने सरकार से मांग की कि शिक्षकों के स्थानांतरण के लिए स्पष्ट और पारदर्शी नीति बनाई जाए, शिक्षण सत्र के बीच अनावश्यक तबादलों से बचा जाए और शिक्षकों तथा विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित न हो, इसका विशेष ध्यान रखा जाए।