महतारी वंदन योजना से विद्या को मिला घर की जरूरतें स्वयं पूरी करने का भरोसा
सूरजपुर जिले के रामानुजनगर की विद्या जायसवाल के लिए महतारी वंदन योजना के तहत मिलने वाली आर्थिक सहायता घर की रोजमर्रा की जरूरतों को पूरा करने में मददगार साबित हो रही है। बच्चों की छोटी-छोटी इच्छाएं पूरी करने के साथ इस सहायता ने उनके आत्मविश्वास को भी बढ़ाया है।
UNITED NEWS OF ASIA. अमृतेश्वर सिंह, रायपुर l बच्चों की छोटी-सी मांग भी एक मां के लिए बड़ी होती है। मां की कोशिश रहती है कि बच्चों को उनकी जरूरत की चीजों के लिए किसी तरह की कमी महसूस न हो। सूरजपुर जिले के रामानुजनगर स्थित बाजारपारा निवासी विद्या जायसवाल के लिए भी परिवार की रोजमर्रा की जरूरतों और बच्चों की छोटी-छोटी इच्छाओं को पूरा करना कई बार चुनौतीपूर्ण होता था। अब महतारी वंदन योजना के तहत प्रतिमाह मिलने वाली एक हजार रुपये की आर्थिक सहायता से उन्हें इन जरूरतों को स्वयं पूरा करने का भरोसा मिला है।
‘सेवा की कहानी’ के अंतर्गत अपना अनुभव साझा करते हुए विद्या बताती हैं कि योजना के तहत मिलने वाली राशि उनके दैनिक जीवन में उपयोगी साबित हो रही है। वे अपनी जरूरत के अनुसार इस राशि का इस्तेमाल घर के जरूरी सामान खरीदने या बच्चों की पसंद की छोटी-छोटी चीजें लेने में करती हैं। पहले ऐसे खर्चों के लिए उन्हें कई बार अतिरिक्त व्यवस्था के बारे में सोचना पड़ता था, लेकिन अब नियमित सहायता मिलने से उन्हें कुछ राहत मिली है।
विद्या के लिए इस आर्थिक सहायता का महत्व केवल राशि तक सीमित नहीं है। परिवार की जरूरतों में स्वयं योगदान दे पाना और छोटे-छोटे खर्चों से जुड़े फैसले अपने स्तर पर लेना उनके आत्मविश्वास को बढ़ा रहा है। वे बताती हैं कि बच्चों की कोई छोटी इच्छा पूरी होने पर उनके चेहरे पर आने वाली खुशी उन्हें भी संतोष देती है। बच्चों की जरूरतों में अपनी भूमिका निभाने का यह अवसर उन्हें आर्थिक रूप से अधिक आश्वस्त महसूस कराता है।
उन्होंने बताया कि घर के दैनिक जीवन में कई ऐसे छोटे खर्च होते हैं, जिनके लिए अलग से राशि की जरूरत पड़ती है। योजना से मिलने वाली सहायता का उपयोग वे परिस्थितियों और परिवार की जरूरत के अनुसार करती हैं। कभी बच्चों के लिए उनकी पसंद की वस्तु खरीदती हैं, तो कभी घर के जरूरी सामान में राशि लगाती हैं। इस तरह नियमित आर्थिक सहायता उनके घरेलू बजट को संभालने में सहयोग कर रही है।
महतारी वंदन योजना के तहत पात्र महिलाओं को प्रतिमाह एक हजार रुपये की आर्थिक सहायता दी जा रही है। योजना का उद्देश्य महिलाओं को नियमित आर्थिक सहयोग उपलब्ध कराना है, जिससे वे अपनी तथा परिवार की आवश्यकताओं में योगदान दे सकें। विद्या का अनुभव बताता है कि नियमित सहायता से रोजमर्रा की जरूरतों को पूरा करने के साथ महिलाओं में अपने फैसले लेने और परिवार की जरूरतों में सहभागी बनने का भरोसा भी बढ़ सकता है।
विद्या का कहना है कि योजना की राशि उनके और उनके बच्चों के लिए उपयोगी साबित हो रही है। बच्चों की छोटी-छोटी जरूरतें पूरी करने से उन्हें खुशी मिलती है और परिवार के खर्चों में अपना योगदान देने का आत्मविश्वास भी बढ़ा है। उनके अनुभव में यह सहायता घर की जरूरतों को समझते हुए अपनी भूमिका निभाने का एक माध्यम बनी है।
विद्या ने मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि महतारी वंदन योजना के माध्यम से मिलने वाली सहायता उनके परिवार के दैनिक जीवन में काम आ रही है। उन्होंने कहा कि नियमित राशि मिलने से उन्हें बच्चों की जरूरतों और घर के छोटे-मोटे खर्चों को लेकर पहले की तुलना में अधिक भरोसा महसूस होता है। बच्चों की मुस्कान और परिवार की जरूरतों में अपना योगदान दे पाने की खुशी उनके लिए इस सहायता की सबसे बड़ी संतुष्टि है।