छत्तीसगढ़ में नकली पनीर पर सियासत गरम, कांग्रेस ने सरकार की चुप्पी पर उठाए सवाल
छत्तीसगढ़ में नकली पनीर के बढ़ते मामलों को लेकर कांग्रेस ने सरकार पर हमला बोला है। वरिष्ठ प्रवक्ता सुरेन्द्र वर्मा ने खाद्य सुरक्षा को लेकर सरकार की चुप्पी और लापरवाही पर सवाल उठाए हैं।
UNITED NEWS OF ASIA. अमृतेश्वर सिंह, रायपुर l रायपुर, 15 अप्रैल 2026। छत्तीसगढ़ में नकली पनीर के मामलों को लेकर राजनीतिक माहौल गरमा गया है। प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने इस मुद्दे पर राज्य सरकार के रवैये पर कड़ा आक्रोश जताया है। कांग्रेस के वरिष्ठ प्रवक्ता सुरेन्द्र वर्मा ने आरोप लगाया है कि सरकार की नाक के नीचे नागरिकों की सेहत से खिलवाड़ हो रहा है, लेकिन जिम्मेदार विभाग और मंत्री मौन हैं।
सुरेन्द्र वर्मा ने कहा कि राजधानी रायपुर सहित प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में नकली पनीर की लगातार बरामदगी हो रही है, जो गंभीर चिंता का विषय है। उन्होंने कहा कि यह कोई सामान्य घटना नहीं है कि इतनी बड़ी मात्रा में नकली खाद्य सामग्री का निर्माण और वितरण हो रहा हो और शासन-प्रशासन इसकी अनदेखी कर रहा हो।
कांग्रेस प्रवक्ता ने आरोप लगाया कि नकली पनीर बनाने में जानवरों की चर्बी, तेल और रासायनिक पदार्थों का उपयोग किया जा रहा है, जो आम लोगों के स्वास्थ्य के लिए बेहद खतरनाक है। इसके बावजूद सरकार की ओर से ठोस कार्रवाई नहीं की जा रही है। उन्होंने इसे खाद्य एवं औषधि विभाग की बड़ी लापरवाही बताया।
वर्मा ने कहा कि राज्य में मिलावटी खाद्य पदार्थों के खिलाफ कार्रवाई केवल नोटिस और चालान तक सीमित है। उन्होंने यह भी बताया कि प्रदेश के 33 जिलों के लिए केवल 9 मोबाइल जांच यूनिट हैं, जो पिछले दो वर्षों से बंद पड़ी हैं। इससे खाद्य पदार्थों की नियमित जांच नहीं हो पा रही है।
उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य में भाजपा सरकार बनने के बाद नकली दूध, खोवा, पनीर और अन्य मिलावटी खाद्य पदार्थों का कारोबार बढ़ा है। उन्होंने यह भी आशंका जताई कि इस तरह की गतिविधियां बिना किसी राजनीतिक संरक्षण के संभव नहीं हैं।
कांग्रेस ने सरकार से मांग की है कि नकली पनीर और अन्य मिलावटी खाद्य पदार्थों के निर्माण और बिक्री पर रोक लगाने के लिए विशेष जांच दल का गठन किया जाए। साथ ही प्रदेश के हर जिले में नियमित जांच अभियान चलाया जाए।
वर्मा ने यह भी सवाल उठाया कि जिन नकली पनीर फैक्ट्रियों पर पहले छापेमारी की गई थी, वे दोबारा कैसे संचालित हो रही हैं। उन्होंने सरकार से पूछा कि इन मामलों में दोषियों के खिलाफ किन धाराओं के तहत कार्रवाई की गई और उनके लाइसेंस क्यों रद्द नहीं किए गए।
उन्होंने कहा कि यदि समय रहते इस गंभीर समस्या पर नियंत्रण नहीं किया गया, तो यह आम जनता के स्वास्थ्य के लिए बड़ा खतरा बन सकता है।
कांग्रेस ने सरकार से पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने की मांग करते हुए कहा कि नागरिकों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए।