पत्रकारिता विश्वविद्यालय में कथित भ्रष्टाचार और छात्र समस्याओं को लेकर अभाविप का प्रदर्शन 2 जून को

अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (अभाविप) रायपुर महानगर ने कुशाभाऊ ठाकरे पत्रकारिता एवं जनसंचार विश्वविद्यालय में कथित भ्रष्टाचार, वित्तीय अनियमितताओं और छात्र समस्याओं के विरोध में 2 जून को प्रदर्शन करने की घोषणा की है। परिषद ने विश्वविद्यालय प्रशासन पर कई गंभीर आरोप लगाते हुए जवाबदेही तय करने और समस्याओं के समाधान की मांग की है।

Jun 1, 2026 - 15:46
Jun 1, 2026 - 16:43
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पत्रकारिता विश्वविद्यालय में कथित भ्रष्टाचार और छात्र समस्याओं को लेकर अभाविप का प्रदर्शन 2 जून को

UNITED NEWS OF ASIA. राजधानी रायपुर स्थित कुशाभाऊ ठाकरे पत्रकारिता एवं जनसंचार विश्वविद्यालय एक बार फिर विवादों के केंद्र में आ गया है। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (अभाविप) रायपुर महानगर ने विश्वविद्यालय में कथित भ्रष्टाचार, वित्तीय अनियमितताओं और छात्र हितों की उपेक्षा के विरोध में 2 जून को प्रदर्शन करने की घोषणा की है। परिषद का कहना है कि लंबे समय से विभिन्न समस्याओं को लेकर आवाज उठाई जा रही है, लेकिन विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से कोई ठोस पहल नहीं की गई है।

अभाविप के अनुसार विश्वविद्यालय में प्रशासनिक पारदर्शिता और जवाबदेही को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। परिषद ने आरोप लगाया है कि सुप्रीम कोर्ट द्वारा बर्खास्त किए जा चुके एक पूर्व प्रोफेसर को पुनः विश्वविद्यालय से जोड़ने की प्रक्रिया चल रही है, जिसे परिषद ने नियमों और प्रक्रियाओं के विपरीत बताया है। संगठन का कहना है कि यदि इस प्रकार की कार्रवाई की जाती है तो यह संस्थान की साख और प्रशासनिक व्यवस्था पर गंभीर प्रश्न खड़े करेगा।

परिषद ने विश्वविद्यालय परिसर में हाल ही में निर्मित नए ऑडिटोरियम के निर्माण कार्य को लेकर भी सवाल उठाए हैं। अभाविप का आरोप है कि लगभग सात करोड़ रुपये की लागत से निर्मित ऑडिटोरियम के निर्माण में वित्तीय और तकनीकी अनियमितताओं की आशंका है। परिषद ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने और निर्माण कार्य से संबंधित सभी जानकारियों को सार्वजनिक करने की मांग की है।

छात्र हितों से जुड़े मुद्दों को भी परिषद ने प्रमुखता से उठाया है। संगठन का कहना है कि परीक्षा अवधि के दौरान लगातार दो-दो दिनों तक बिजली बाधित रहने से विद्यार्थियों को गंभीर परेशानियों का सामना करना पड़ा। पढ़ाई और परीक्षा की तैयारी प्रभावित होने के बावजूद प्रशासन द्वारा कोई प्रभावी वैकल्पिक व्यवस्था नहीं की गई। इससे छात्रों में असंतोष का माहौल बना हुआ है।

अभाविप ने यह भी आरोप लगाया है कि करोड़ों रुपये की लागत से तैयार किया गया आधुनिक मीडिया स्टूडियो पिछले एक वर्ष से बंद पड़ा हुआ है। मीडिया और जनसंचार की पढ़ाई करने वाले विद्यार्थियों को व्यावहारिक प्रशिक्षण के लिए जिस स्टूडियो की आवश्यकता है, उसका उपयोग नहीं हो पाने से छात्रों की शैक्षणिक गुणवत्ता प्रभावित हो रही है। परिषद का कहना है कि संसाधन उपलब्ध होने के बावजूद उनका उपयोग नहीं होना गंभीर लापरवाही को दर्शाता है।

इसके अलावा छात्रावासों की खराब स्थिति को लेकर भी संगठन ने नाराजगी जताई है। परिषद के अनुसार छात्रावासों में मूलभूत सुविधाओं की कमी है और कई समस्याएं लंबे समय से बनी हुई हैं। विद्यार्थियों द्वारा लगातार शिकायतें किए जाने के बावजूद अपेक्षित सुधार नहीं हो पाया है।

अभाविप रायपुर महानगर के मंत्री सुजल गुप्ता ने बताया कि विश्वविद्यालय में व्याप्त विभिन्न समस्याओं और कथित अनियमितताओं के खिलाफ परिषद लोकतांत्रिक तरीके से आंदोलन करेगी। उन्होंने कहा कि छात्रों के हितों की रक्षा और विश्वविद्यालय में पारदर्शी प्रशासन सुनिश्चित करने के लिए यह प्रदर्शन आयोजित किया जा रहा है। परिषद ने प्रशासन से सभी आरोपों की निष्पक्ष जांच कराने और छात्र समस्याओं के त्वरित समाधान की मांग की है।

अब सभी की नजरें 2 जून को होने वाले प्रदर्शन और विश्वविद्यालय प्रशासन की प्रतिक्रिया पर टिकी हुई हैं।