ऑपरेशन अंकुश के तहत रायगढ़ पुलिस की बड़ी कार्रवाई, ऑनलाइन क्रिकेट सट्टा सिंडिकेट का भंडाफोड़

रायगढ़ पुलिस ने ऑपरेशन अंकुश के तहत आईपीएल फाइनल मैच पर ऑनलाइन क्रिकेट सट्टा संचालित करने वाले एक संगठित गिरोह का पर्दाफाश किया है। संयुक्त कार्रवाई में दो आरोपियों को गिरफ्तार कर 31.99 लाख रुपये नकद, मोबाइल फोन और नोट गिनने की मशीन जब्त की गई। मामले में तीन अन्य आरोपियों की तलाश जारी है।

Jun 1, 2026 - 15:54
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ऑपरेशन अंकुश के तहत रायगढ़ पुलिस की बड़ी कार्रवाई, ऑनलाइन क्रिकेट सट्टा सिंडिकेट का भंडाफोड़

UNITED NEWS OF ASIA.  महेंद्र अग्रवाल l  रायगढ़ जिले में ऑनलाइन क्रिकेट सट्टेबाजी के खिलाफ चलाए जा रहे "ऑपरेशन अंकुश" के तहत पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। साइबर थाना और खरसिया चौकी पुलिस की संयुक्त टीम ने आईपीएल फाइनल मुकाबले के दौरान संचालित एक ऑनलाइन क्रिकेट सट्टा सिंडिकेट का पर्दाफाश करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 31 लाख 99 हजार 700 रुपये नकद, दो मोबाइल फोन और एक नोट गिनने की मशीन जब्त की है। मामले में तीन अन्य आरोपियों को भी नामजद किया गया है, जिनकी तलाश जारी है

पुलिस के अनुसार आईपीएल फाइनल मुकाबले पर बड़े पैमाने पर ऑनलाइन सट्टा खिलाए जाने की सूचना मुखबिर से प्राप्त हुई थी। सूचना की गंभीरता को देखते हुए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह के निर्देशन में विशेष टीम गठित की गई। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अनिल सोनी, नगर पुलिस अधीक्षक मयंक मिश्रा और एसडीओपी खरसिया प्रभात पटेल के मार्गदर्शन में साइबर थाना और खरसिया चौकी की संयुक्त टीम ने गंज बाजार क्षेत्र में छापेमारी की।

कार्रवाई के दौरान पुलिस ने गगन अग्रवाल और शुभम अग्रवाल को हिरासत में लिया। पूछताछ में दोनों ने ऑनलाइन क्रिकेट सट्टा संचालित करने की बात स्वीकार की। जांच में यह भी सामने आया कि वे अन्य साथियों के साथ मिलकर एक संगठित नेटवर्क के माध्यम से सट्टा कारोबार चला रहे थे। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से जब्त मोबाइल फोन की जांच की, जिसमें सट्टेबाजी से जुड़े डिजिटल साक्ष्य और ऑनलाइन आईडी मिलने की जानकारी सामने आई है।

आरोपियों से मिली जानकारी के आधार पर पुलिस ने गोपाल राइस मिल कॉलोनी स्थित एक अन्य संदिग्ध ठिकाने पर दबिश दी। पुलिस के पहुंचने की भनक लगते ही एक आरोपी मौके से फरार हो गया। तलाशी के दौरान वहां से दो बैगों में रखी 31 लाख 99 हजार 700 रुपये की नकद राशि और नोट गिनने की मशीन बरामद की गई। पुलिस के अनुसार इतनी बड़ी नकद राशि के संबंध में कोई वैध दस्तावेज या संतोषजनक जानकारी उपलब्ध नहीं कराई जा सकी।

जांच में यह भी सामने आया कि सट्टे से प्राप्त रकम को अन्य व्यावसायिक गतिविधियों में खपाने और कमीशन के माध्यम से लाभ अर्जित करने का प्रयास किया जा रहा था। पुलिस ने प्रारंभिक जांच के आधार पर गगन अग्रवाल, शुभम अग्रवाल, रिकेश राय, अर्जुन राठौर और साहिल अग्रवाल के खिलाफ छत्तीसगढ़ राज्य जुआ प्रतिषेध अधिनियम की धारा 7 तथा भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की संबंधित धाराओं के तहत अपराध दर्ज किया है।

पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार गिरफ्तार आरोपी गगन अग्रवाल का पूर्व आपराधिक इतिहास भी रहा है। इसी वर्ष मार्च महीने में भी उसके खिलाफ ऑनलाइन सट्टेबाजी से जुड़े मामले में कार्रवाई की गई थी। पुलिस अब फरार आरोपियों की तलाश में जुटी हुई है और सट्टा नेटवर्क के अन्य संभावित कनेक्शनों की भी जांच कर रही है।

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह ने कहा कि ऑपरेशन अंकुश के तहत जिले में ऑनलाइन सट्टेबाजी और अवैध जुआ गतिविधियों के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस तरह के अवैध कारोबार में शामिल किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा और सभी के खिलाफ सख्त वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।

इस कार्रवाई को रायगढ़ पुलिस की ऑनलाइन अपराध और अवैध सट्टा कारोबार के खिलाफ अब तक की महत्वपूर्ण सफलताओं में से एक माना जा रहा है।