बेमेतरा में अंधे कत्ल का खुलासा, पुरानी रंजिश में महिला की हत्या, शव के टुकड़े कर नदी में फेंका, आरोपी गिरफ्तार

बेमेतरा जिले के चंदनू थाना क्षेत्र में 50 वर्षीय महिला की निर्मम हत्या के चर्चित मामले का पुलिस ने खुलासा कर दिया है। गांव के ही रामप्रसाद सोनवानी उर्फ बंगाली को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस के अनुसार आरोपी ने पुरानी रंजिश के चलते महिला की हत्या की, शव के साथ दुष्कर्म किया, पहचान छिपाने के लिए शव के टुकड़े कर शिवनाथ नदी में फेंक दिया। ड्रोन, नाव, डॉग स्क्वॉड, फोरेंसिक टीम और साइबर सेल की मदद से पुलिस ने मामले का खुलासा किया।

Jul 17, 2026 - 18:41
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बेमेतरा में अंधे कत्ल का खुलासा, पुरानी रंजिश में महिला की हत्या, शव के टुकड़े कर नदी में फेंका, आरोपी गिरफ्तार

UNITED NEWS OF ASIA. अरुण पुरेना, बेमेतरा l बेमेतरा जिले के चंदनू थाना क्षेत्र में सामने आए चर्चित अंधे कत्ल की गुत्थी आखिरकार पुलिस ने सुलझा ली है। ग्राम सोनपुरी निवासी 50 वर्षीय दुकलिहिन बाई बंजारे की निर्मम हत्या के मामले में पुलिस ने गांव के ही रामप्रसाद सोनवानी उर्फ बंगाली (42 वर्ष) को गिरफ्तार किया है। आरोपी ने पूछताछ में हत्या की वारदात स्वीकार कर ली है। पुलिस के अनुसार पुरानी निजी रंजिश के चलते आरोपी ने महिला की हत्या की और पहचान छिपाने के उद्देश्य से शव के कई टुकड़े कर शिवनाथ नदी के किनारे फेंक दिया।

पुलिस के मुताबिक 7 जुलाई को महिला के लापता होने के बाद परिजनों ने उसकी काफी तलाश की, लेकिन कोई जानकारी नहीं मिली। इसके बाद चंदनू थाने में गुमशुदगी दर्ज कराई गई। 9 जुलाई को महिला का बेटा गोवर्धन बंजारे अपनी मां की तलाश करते हुए ग्राम तुमा स्थित अमरैया नाला और शिवनाथ नदी किनारे पहुंचा। वहां पानी में साड़ी में बंधी दो गठरियां दिखाई दीं। पहली गठरी में महिला का धड़ और दूसरी में दोनों हाथ व पैर मिले। शव सड़ी-गली अवस्था में मिलने से पूरे इलाके में सनसनी फैल गई।

जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि 6 जुलाई की रात आरोपी महिला के घर पहुंचा था। घर में महिला अकेली थी। आरोपी ने उसके साथ जबरदस्ती करने का प्रयास किया। विरोध करने पर उसने फावड़े के बेंट से सिर पर वार कर हत्या कर दी। पुलिस के अनुसार हत्या के बाद आरोपी ने शव के साथ दुष्कर्म किया। इसके बाद घर में रखी लकड़ी काटने वाली आरी से शव के हाथ और पैर काट दिए तथा शव के हिस्सों को अलग-अलग गठरियों में बांधकर अपनी झोपड़ी में रखा। अगले दिन रात में वह उन्हें शिवनाथ नदी के पास फेंक आया। आरोपी ने महिला के घर से 2,500 रुपये भी निकाल लिए थे, जिनमें से 500 रुपये पुलिस ने बरामद कर लिए हैं।

इस जघन्य हत्याकांड की जांच में पुलिस ने आधुनिक तकनीक और पारंपरिक तरीकों का उपयोग किया। ड्रोन कैमरा, नाव, सर्च लाइट, डॉग स्क्वॉड, फोरेंसिक टीम और साइबर सेल की सहायता से घटनास्थल और आसपास के क्षेत्रों की गहन जांच की गई। तकनीकी साक्ष्यों, परिस्थितिजन्य प्रमाणों और लगातार पूछताछ के आधार पर पुलिस का संदेह गांव के ही रामप्रसाद सोनवानी पर गया। हिरासत में लेकर पूछताछ करने पर उसने पूरा घटनाक्रम स्वीकार कर लिया।

पुलिस ने बताया कि आरोपी वर्ष 2017 में भी गांव की एक महिला की हत्या के मामले में सजा काट चुका है और उसके खिलाफ पहले भी प्रतिबंधात्मक कार्रवाई हो चुकी है। आरोपी की निशानदेही पर हत्या में प्रयुक्त आरी, फावड़ा और अन्य साक्ष्य बरामद किए गए हैं।

इस मामले में पहले भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 103(1) और 238 के तहत अपराध दर्ज किया गया था। जांच में नए तथ्य सामने आने के बाद धारा 305(क) और 331(8) भी जोड़ी गई हैं। आरोपी को 17 जुलाई को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर न्यायालय में पेश किया गया।

इस पूरे मामले की निगरानी दुर्ग रेंज के पुलिस महानिरीक्षक अभिषेक शांडिल्य, पुलिस अधीक्षक त्रिलोक बंसल और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक हरीश कुमार यादव ने की। एसडीओपी भूषण एक्का के नेतृत्व में चंदनू थाना, साइबर सेल, फोरेंसिक टीम और अन्य पुलिस अधिकारियों की संयुक्त कार्रवाई से इस चर्चित अंधे कत्ल का खुलासा संभव हो सका।