52 साल बाद छिंदवाड़ा में होगा 59वां अंतर्राष्ट्रीय ज्ञानानंद महोत्सव, तैयारियां शुरू

स्वाध्याय भवन में आयोजित बैठक में 59वें अंतर्राष्ट्रीय ज्ञानानंद महोत्सव की तैयारियों को अंतिम रूप देने की दिशा में महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। 19 मई से 3 जून 2027 तक आयोजित होने वाले 18 दिवसीय इस महोत्सव में भारत सहित दुनिया के विभिन्न देशों से जैन समाज के श्रद्धालु और साधक शामिल होंगे।

Jul 17, 2026 - 17:49
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52 साल बाद छिंदवाड़ा में होगा 59वां अंतर्राष्ट्रीय ज्ञानानंद महोत्सव, तैयारियां शुरू

UNITED NEWS OF ASIA. यज्ञ राज पटेल, छिंदवाड़ा l धर्मनगरी छिंदवाड़ा आगामी वर्ष 2027 में 59वें अंतर्राष्ट्रीय ज्ञानानंद महोत्सव की मेजबानी करेगा। इस ऐतिहासिक आयोजन की तैयारियों को लेकर स्वाध्याय भवन में विशेष बैठक आयोजित की गई, जिसमें महोत्सव की रूपरेखा, आयोजन समिति के गठन और विभिन्न व्यवस्थाओं पर विस्तार से चर्चा की गई। यह 18 दिवसीय आध्यात्मिक एवं शिक्षण प्रशिक्षण महोत्सव 19 मई से 3 जून 2027 तक आयोजित होगा, जिसमें भारत सहित विश्व के विभिन्न देशों से जैन समाज के श्रद्धालु, साधक और मुमुक्षु भाग लेंगे।

पंडित टोडरमल स्मारक ट्रस्ट, जयपुर द्वारा आयोजित यह ज्ञानानंद महोत्सव पिछले 58 वर्षों से जैन दर्शन, आध्यात्मिक चिंतन और वीतराग विज्ञान के प्रचार-प्रसार का महत्वपूर्ण माध्यम रहा है। ट्रस्ट का उद्देश्य जैन दर्शन के सिद्धांतों को जन-जन तक पहुंचाना और आध्यात्मिक जीवन मूल्यों को बढ़ावा देना है। इसी कड़ी में वर्ष 2027 के 59वें महोत्सव के आयोजन का दायित्व छिंदवाड़ा के मुमुक्षु मंडल और अखिल भारतीय जैन युवा फेडरेशन को सौंपा गया है।

अखिल भारतीय जैन युवा फेडरेशन के सचिव दीपक राज जैन ने बताया कि 59वें ज्ञानानंद महोत्सव का शुभारंभ श्रुत पंचमी के पावन अवसर पर 19 मई 2027 से होगा और इसका समापन 3 जून 2027 को होगा। आयोजन को ऐतिहासिक और भव्य स्वरूप देने के उद्देश्य से विभिन्न समितियों का गठन कर तैयारियां शुरू कर दी गई हैं।

बैठक में सर्वसम्मति से शिविर संचालन समिति का गठन किया गया। इसमें संजीव सिंघई को अध्यक्ष, अशोक वैभव को महामंत्री, अजय कौशल को कोषाध्यक्ष तथा दीपक राज जैन, अखिलेश पाटनी और सचिन जैन को मंत्री की जिम्मेदारी सौंपी गई। इसके साथ ही आवास, भोजन, परिवहन, पंजीयन, प्रचार-प्रसार, सांस्कृतिक गतिविधियों और अन्य व्यवस्थाओं के लिए अलग-अलग समितियों का गठन भी किया गया, ताकि आयोजन को सुव्यवस्थित ढंग से संपन्न कराया जा सके।

आयोजकों ने बताया कि इससे पहले वर्ष 1974 में छिंदवाड़ा में ज्ञानानंद महोत्सव आयोजित हुआ था। अब लगभग 52 वर्ष बाद एक बार फिर यह गौरवशाली अवसर छिंदवाड़ा को मिला है। इसे लेकर जैन समाज में उत्साह का माहौल है और तैयारियां युद्धस्तर पर प्रारंभ कर दी गई हैं।

59वें अंतर्राष्ट्रीय ज्ञानानंद महोत्सव का आयोजन ज्ञानगंगा पब्लिक स्कूल, सत्कार कंपाउंड, छिंदवाड़ा में किया जाएगा। आयोजकों का विश्वास है कि यह महोत्सव केवल धार्मिक आयोजन नहीं होगा, बल्कि जैन दर्शन, आध्यात्मिक चिंतन, नैतिक मूल्यों और विश्व बंधुत्व का संदेश देने वाला एक वैश्विक मंच बनेगा। देश-विदेश से आने वाले हजारों श्रद्धालुओं की उपस्थिति से छिंदवाड़ा आध्यात्मिक गतिविधियों का प्रमुख केंद्र बनेगा तथा जिले की सांस्कृतिक पहचान को भी नई पहचान मिलेगी।