भैरूंदा सिविल अस्पताल की स्वास्थ्य व्यवस्था पर उठे सवाल, कांग्रेस ने आंदोलन की दी चेतावनी

भैरूंदा सिविल अस्पताल में स्वास्थ्य सेवाओं की बदहाल स्थिति को लेकर कांग्रेस ने बड़ा आंदोलन करने की तैयारी शुरू कर दी है। ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष सुनील गोलिया ने अस्पताल में डॉक्टरों की कमी और अव्यवस्थाओं को लेकर दो बार ज्ञापन सौंपा, लेकिन हालात में सुधार नहीं हुआ। सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो ने भी अस्पताल प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं।

May 25, 2026 - 19:38
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भैरूंदा सिविल अस्पताल की स्वास्थ्य व्यवस्था पर उठे सवाल, कांग्रेस ने आंदोलन की दी चेतावनी

UNITED NEWS OF ASIA. घनश्याम शर्मा l भैरूंदा तहसील मुख्यालय स्थित सिविल अस्पताल की स्वास्थ्य व्यवस्थाओं को लेकर एक बार फिर विवाद गहराता दिखाई दे रहा है। अस्पताल में डॉक्टरों की कमी, अव्यवस्थित सेवाओं और मरीजों को हो रही परेशानियों को लेकर कांग्रेस ने बड़े आंदोलन की तैयारी शुरू कर दी है। कांग्रेस नेताओं का आरोप है कि लगातार शिकायतों और ज्ञापनों के बावजूद स्वास्थ्य सेवाओं में कोई सुधार नहीं हो रहा है।

ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष Sunil Goliya ने पूर्व मुख्यमंत्री एवं वर्तमान केंद्रीय कृषि मंत्री Shivraj Singh Chouhan को एक महीने के भीतर दो बार ज्ञापन सौंपकर अस्पताल की गंभीर समस्याओं से अवगत कराया। ज्ञापन में अस्पताल में लंबे समय से स्त्री रोग विशेषज्ञ और हड्डी रोग विशेषज्ञ डॉक्टरों की कमी का मुद्दा प्रमुखता से उठाया गया।

कांग्रेस नेताओं का कहना है कि भैरूंदा और आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों की बड़ी आबादी इसी अस्पताल पर निर्भर है, लेकिन यहां मरीजों को पर्याप्त उपचार और सुविधाएं नहीं मिल पा रही हैं। आरोप लगाया गया कि कई बार डॉक्टर समय पर अस्पताल नहीं पहुंचते, जिससे मरीजों और उनके परिजनों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है।

इसी बीच सोशल मीडिया पर वायरल हुए एक वीडियो ने स्वास्थ्य व्यवस्थाओं की पोल खोल दी है। वायरल वीडियो में एक गर्भवती महिला अस्पताल परिसर में फर्श पर लेटी दिखाई दे रही है। बताया जा रहा है कि यह घटना रात के समय की है, जब अस्पताल में न तो कोई डॉक्टर मौजूद था और न ही पर्याप्त स्टाफ उपलब्ध था। इस घटना के सामने आने के बाद लोगों में अस्पताल प्रशासन के प्रति नाराजगी बढ़ गई है।

स्थानीय लोगों का कहना है कि अस्पताल में अव्यवस्था और लापरवाही की शिकायतें पहले भी सामने आती रही हैं, लेकिन जिम्मेदार अधिकारियों द्वारा सुधार की दिशा में ठोस कदम नहीं उठाए गए। लोगों का आरोप है कि स्वास्थ्य सेवाओं की बदहाल स्थिति के कारण मरीजों को मजबूरी में निजी अस्पतालों का सहारा लेना पड़ता है, जिससे आर्थिक बोझ भी बढ़ रहा है।

कांग्रेस ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही अस्पताल में विशेषज्ञ डॉक्टरों की नियुक्ति नहीं की गई और स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार नहीं हुआ तो बड़े स्तर पर आंदोलन किया जाएगा। कांग्रेस नेताओं ने अस्पताल में नियमित स्वास्थ्य सेवाएं सुनिश्चित करने, रात्रिकालीन ड्यूटी व्यवस्था मजबूत करने और मरीजों के लिए आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने की मांग की है।

क्षेत्रवासियों का कहना है कि अस्पताल में पर्याप्त डॉक्टर, दवाइयां और स्टाफ की व्यवस्था होना बेहद जरूरी है, क्योंकि ग्रामीण क्षेत्रों के अधिकांश लोग इसी सरकारी अस्पताल पर निर्भर हैं। लोगों ने प्रशासन से तत्काल हस्तक्षेप कर अस्पताल की व्यवस्थाओं को सुधारने की मांग की है।

फिलहाल वायरल वीडियो और कांग्रेस की चेतावनी के बाद स्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो गए हैं। अब देखना होगा कि प्रशासन अस्पताल की समस्याओं को दूर करने के लिए क्या कदम उठाता है और लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं कब तक मिल पाती हैं।