50 घंटे बाद खत्म हुआ हाईवोल्टेज रेस्क्यू, 230 फीट ऊंचे बीएसएनएल टावर से युवक सुरक्षित उतारा गया

मध्य प्रदेश के पांढुर्णा में 230 फीट ऊंचे बीएसएनएल टावर पर तीन दिन से चढ़े पश्चिम बंगाल निवासी अम्बुज दीहार को करीब 50 घंटे चले रेस्क्यू अभियान के बाद सुरक्षित नीचे उतार लिया गया। पुलिस, प्रशासन और रेस्क्यू टीमों के संयुक्त प्रयास से बुधवार शाम अभियान सफल हुआ। युवक का चिकित्सकीय परीक्षण कराया जा रहा है।

Jul 9, 2026 - 18:11
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50 घंटे बाद खत्म हुआ हाईवोल्टेज रेस्क्यू, 230 फीट ऊंचे बीएसएनएल टावर से युवक सुरक्षित उतारा गया

UNITED NEWS OF ASIA. अफसर शेख, पांढुर्णा l मध्य प्रदेश के पांढुर्णा शहर में लगभग 50 घंटे तक चले हाईवोल्टेज रेस्क्यू अभियान का बुधवार शाम सफल समापन हुआ। 230 फीट ऊंचे बीएसएनएल टावर पर पिछले तीन दिनों से चढ़े पश्चिम बंगाल निवासी अम्बुज दीहार को पुलिस, प्रशासन और रेस्क्यू टीमों ने सुरक्षित नीचे उतार लिया। युवक के सकुशल नीचे आने के बाद प्रशासन और स्थानीय लोगों ने राहत की सांस ली।

जानकारी के अनुसार, अम्बुज दीहार किसी कारणवश शहर के बीएसएनएल टावर पर चढ़ गया था और लगातार तीन दिनों तक वहीं डटा रहा। इतनी अधिक ऊंचाई पर युवक के मौजूद रहने के कारण स्थिति बेहद संवेदनशील बनी हुई थी। किसी भी तरह की जल्दबाजी बड़ा हादसा साबित हो सकती थी। इसे देखते हुए पुलिस और प्रशासन ने संयम के साथ रेस्क्यू अभियान चलाया।

पूरे अभियान की कमान पुलिस अधीक्षक प्रकाश परिहार ने संभाली। उनके नेतृत्व में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक मनकामना प्रसाद, एसडीओपी ब्रजेश भार्गव, थाना प्रभारी अमित दानी सहित पुलिस बल, प्रशासनिक अधिकारी और विशेषज्ञ रेस्क्यू टीम लगातार मौके पर मौजूद रही। युवक को बिना किसी नुकसान के सुरक्षित नीचे उतारने के लिए कई चरणों में रणनीति बनाई गई और लगातार उससे संवाद स्थापित करने का प्रयास किया गया।

रेस्क्यू अभियान का अंतिम चरण सबसे चुनौतीपूर्ण रहा। इस दौरान प्रधान आरक्षक नितेश रघुवंशी, आरक्षक पुष्पेंद्र ठाकुर, राजा चौधरी और उनकी टीम ने साहस और सूझबूझ का परिचय देते हुए टावर पर चढ़कर युवक तक पहुंच बनाई। अभियान में ऑटो चालक संदीप खुरसंगे ने भी महत्वपूर्ण सहयोग दिया। सभी के समन्वित प्रयासों से बुधवार शाम करीब 6:15 बजे युवक को सुरक्षित नीचे उतार लिया गया।

युवक के नीचे आने के तुरंत बाद स्वास्थ्य विभाग की टीम ने उसका प्राथमिक स्वास्थ्य परीक्षण किया। पुलिस के अनुसार उसकी मानसिक स्थिति सामान्य नहीं प्रतीत हो रही है। फिलहाल उसे चिकित्सकीय निगरानी में रखा गया है और आवश्यक उपचार कराया जा रहा है। साथ ही पुलिस उसकी पहचान और घटना के कारणों से जुड़े सभी पहलुओं की भी जांच कर रही है।

करीब 50 घंटे तक चले इस रेस्क्यू अभियान के दौरान पुलिस और प्रशासन की सतर्कता, धैर्य और मानवीय दृष्टिकोण की सराहना की जा रही है। पूरे अभियान में अधिकारियों और रेस्क्यू टीम ने किसी भी प्रकार की जल्दबाजी से बचते हुए युवक की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी। अभियान की सफलता के बाद क्षेत्र में राहत और संतोष का माहौल है। स्थानीय लोगों ने भी पुलिस, प्रशासन और रेस्क्यू टीम की तत्परता तथा साहसिक प्रयासों की सराहना की है।