'दीदी के गोठ' रेडियो कार्यक्रम की पहली वर्षगांठ मनाई गई, ग्रामीण महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने पर जोर

कबीरधाम जिला पंचायत में 'दीदी के गोठ' मासिक रेडियो कार्यक्रम की पहली वर्षगांठ पर विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय और उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने वर्चुअल माध्यम से संबोधित करते हुए महिला स्व-सहायता समूहों की भूमिका की सराहना की। कार्यक्रम में ग्रामीण महिलाओं को स्वरोजगार, उद्यमिता और आत्मनिर्भरता की दिशा में आगे बढ़ाने पर विशेष जोर दिया गया।

Jul 9, 2026 - 18:26
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'दीदी के गोठ' रेडियो कार्यक्रम की पहली वर्षगांठ मनाई गई, ग्रामीण महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने पर जोर

UNITED NEWS OF ASIA. सौरभ नामदेव, कवर्धा l छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन (बिहान) के अंतर्गत संचालित मासिक रेडियो कार्यक्रम 'दीदी के गोठ' की प्रथम वर्षगांठ के अवसर पर गुरुवार को जिला पंचायत कबीरधाम के सभाकक्ष में विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में महिला स्व-सहायता समूहों की बड़ी संख्या में भागीदारी रही। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय और उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने वर्चुअल माध्यम से कार्यक्रम को संबोधित करते हुए महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण और ग्रामीण विकास में उनकी भूमिका की सराहना की।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि 'दीदी के गोठ' केवल एक रेडियो कार्यक्रम नहीं, बल्कि नारी शक्ति को समर्पित ऐसा मंच है, जो महिलाओं को नई पहचान और आत्मविश्वास प्रदान कर रहा है। उन्होंने कहा कि रानी मिस्त्री, डीलर दीदी, लखपति दीदी और अन्य नवाचारों के माध्यम से प्रदेश की महिलाएं आत्मनिर्भर बनने की दिशा में उल्लेखनीय कार्य कर रही हैं।

उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने कहा कि ग्रामीण विकास को गति देने के लिए सरकार लगातार नई योजनाओं पर कार्य कर रही है। महिला स्व-सहायता समूहों को स्वरोजगार और उद्यमिता से जोड़कर ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि समूह आधारित गतिविधियों से महिलाओं की आय बढ़ रही है और वे आत्मनिर्भर बन रही हैं।

कार्यक्रम में जिला पंचायत अध्यक्ष ईश्वरी साहू ने कहा कि 'दीदी के गोठ' के माध्यम से ग्रामीण महिलाओं को नए व्यवसाय, सरकारी योजनाओं और सफल उद्यमियों के अनुभवों की जानकारी मिल रही है। इससे महिलाओं में आत्मविश्वास बढ़ा है और वे नए रोजगार के अवसरों से जुड़ रही हैं।

कलेक्टर गोपाल वर्मा ने अपने संबोधन में कहा कि यह कार्यक्रम ग्रामीण महिलाओं की आवाज, उनके अनुभव और उनकी सफलता की कहानियों को साझा करने का प्रभावी माध्यम बन चुका है। उन्होंने बताया कि कबीरधाम जिले की कई डीलर दीदी और महिला समूह अपने सफल व्यवसाय के अनुभव प्रदेश के अन्य समूहों के साथ साझा कर रही हैं, जिससे अन्य महिलाएं भी प्रेरित हो रही हैं।

मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत अभिषेक अग्रवाल ने बताया कि 'दीदी के गोठ' का प्रसारण प्रत्येक माह के दूसरे गुरुवार को आकाशवाणी के माध्यम से किया जाता है। कार्यक्रम के जरिए सरकार की योजनाओं, आजीविका के अवसरों और सफल महिला उद्यमियों की प्रेरक कहानियां प्रदेशभर की महिला स्व-सहायता समूहों तक पहुंचाई जाती हैं।

जिला पंचायत उपाध्यक्ष कैलाश चंद्रवंशी ने कहा कि जिले की महिलाएं कृषि, पशुपालन, बैंकिंग, ड्रोन सेवा, सार्वजनिक वितरण प्रणाली और अन्य व्यवसायिक गतिविधियों में उल्लेखनीय कार्य कर रही हैं। उन्होंने कहा कि अधिक से अधिक महिलाओं को आजीविका के नए साधनों से जोड़कर आर्थिक रूप से सशक्त बनाना सभी की प्राथमिकता होनी चाहिए।

कार्यक्रम में महिला स्व-सहायता समूहों की सदस्यों ने भी अपने अनुभव साझा किए। जिला पंचायत के जनप्रतिनिधि, अधिकारी, कर्मचारी तथा बड़ी संख्या में बिहान से जुड़ी महिलाएं कार्यक्रम में उपस्थित रहीं। आयोजन के दौरान महिलाओं को आत्मनिर्भरता, उद्यमिता और ग्रामीण विकास में उनकी बढ़ती भूमिका के लिए प्रोत्साहित किया गया।