बद्रीनाथ धाम में वीआईपी दर्शन के नाम पर वसूली का आरोप, प्रमोद नौटियाल निलंबित, जांच जारी

बद्रीनाथ धाम में चढ़ावा अनियमितता मामले के बीच वैयक्तिक सहायक प्रमोद नौटियाल पर वीआईपी दर्शन के नाम पर अवैध वसूली के आरोप भी सामने आए हैं। बद्रीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति (BKTC) ने उनके खिलाफ मामला दर्ज कराया है। प्रारंभिक जांच में आरोप प्रथम दृष्टया सही पाए जाने पर उन्हें निलंबित कर दिया गया है और विस्तृत जांच जारी है।

Jul 9, 2026 - 12:22
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बद्रीनाथ धाम में वीआईपी दर्शन के नाम पर वसूली का आरोप, प्रमोद नौटियाल निलंबित, जांच जारी

UNITED NEWS OF ASIA. देहरादून। बद्रीनाथ धाम में चढ़ावा अनियमितता से जुड़े मामले के बीच वैयक्तिक सहायक प्रमोद नौटियाल पर अब वीआईपी दर्शन के नाम पर कथित वसूली करने के आरोप भी सामने आए हैं। बद्रीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति (BKTC) ने इस मामले में उनके खिलाफ शिकायत दर्ज कराई है। समिति का आरोप है कि प्रमोद नौटियाल श्रद्धालुओं से वीआईपी दर्शन के नाम पर प्रति व्यक्ति 1,100 रुपये वसूलता था। फिलहाल पूरे मामले की जांच जारी है।

जानकारी के अनुसार, मंदिर समिति को इस संबंध में लगातार शिकायतें मिल रही थीं। बताया गया है कि मंदिर के पुजारियों ने भी पहले इस व्यवस्था पर आपत्ति जताई थी और कथित अनियमितताओं की ओर ध्यान आकर्षित कराया था। शिकायतों के बाद समिति ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच प्रक्रिया शुरू की।

समिति की ओर से जारी आदेश के अनुसार, प्रमोद नौटियाल को 3 जुलाई 2026 को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया था। साथ ही आरोपों की निष्पक्ष और विस्तृत जांच के लिए चार सदस्यीय जांच समिति गठित की गई। जांच समिति ने उपलब्ध दस्तावेजों, शिकायतों और संबंधित पक्षों के स्पष्टीकरण का परीक्षण किया।

प्रारंभिक जांच रिपोर्ट में आरोप प्रथम दृष्टया सही पाए जाने के बाद समिति ने अनुशासनात्मक कार्रवाई की संस्तुति की। समिति का मानना था कि संबंधित कर्मचारी को उसी पद पर बनाए रखने से जांच प्रभावित हो सकती है। इसी आधार पर प्रमोद नौटियाल को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया।

निलंबन के बाद प्रमोद नौटियाल को बद्रीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति के ज्योतिर्मठ (जनपद चमोली) स्थित कार्यालय से संबद्ध किया गया है। जांच पूरी होने तक वे वहीं से संबद्ध रहेंगे। समिति ने स्पष्ट किया है कि आगे की कार्रवाई जांच रिपोर्ट और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर की जाएगी।

बीकेटीसी ने अपने बयान में कहा है कि मंदिर प्रशासन में पारदर्शिता, जवाबदेही और अनुशासन सर्वोच्च प्राथमिकता है। किसी भी प्रकार की वित्तीय या प्रशासनिक अनियमितता को गंभीरता से लिया जाएगा और दोषी पाए जाने वालों के विरुद्ध नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी।

इस पूरे मामले की जांच अभी जारी है। समिति का कहना है कि अंतिम निर्णय विस्तृत जांच पूरी होने के बाद ही लिया जाएगा। यदि जांच में आरोप पूरी तरह सिद्ध होते हैं तो संबंधित नियमों के तहत आगे की वैधानिक और विभागीय कार्रवाई की जाएगी।

बद्रीनाथ धाम देश के प्रमुख तीर्थस्थलों में शामिल है, जहां हर वर्ष लाखों श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचते हैं। ऐसे में मंदिर प्रशासन ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे केवल अधिकृत व्यवस्था के माध्यम से ही दर्शन संबंधी सेवाओं का लाभ लें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तत्काल समिति या प्रशासन को दें।