96 हजार आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं को बड़ी राहत, हाईकोर्ट ने 1400 करोड़ रुपये का एरियर देने के दिए निर्देश

मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने राज्य सरकार को करीब 96 हजार आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं का वर्ष 2019 से 2023 तक का लगभग 1400 करोड़ रुपये का बकाया एरियर देने के निर्देश दिए हैं। कोर्ट ने राज्य सरकार से पूर्व में घटाया गया अंशदान भी बहाल करने को कहा है, हालांकि एरियर पर ब्याज देने के आदेश पर फिलहाल रोक लगाई गई है।

Jul 9, 2026 - 12:38
 0  3
96 हजार आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं को बड़ी राहत, हाईकोर्ट ने 1400 करोड़ रुपये का एरियर देने के दिए निर्देश

UNITED NEWS OF ASIA. भोपाल। मध्य प्रदेश की करीब 96 हजार आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं को हाईकोर्ट से बड़ी राहत मिली है। हाईकोर्ट ने राज्य सरकार को निर्देश दिया है कि वर्ष 2019 से 2023 तक का लगभग 1400 करोड़ रुपये का बकाया एरियर संबंधित कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं को भुगतान किया जाए। साथ ही, राज्य सरकार द्वारा पहले घटाए गए अपने अंशदान को भी पुनः लागू करने के निर्देश दिए गए हैं।

यह मामला वर्ष 2018 में केंद्र सरकार द्वारा आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं के मानदेय में 1500 रुपये की वृद्धि किए जाने से जुड़ा है। केंद्र के निर्णय के बाद प्रारंभिक स्तर पर कार्यकर्ताओं को इसका लाभ मिला, लेकिन बाद में राज्य सरकार ने अपने हिस्से का अंशदान कम कर दिया। इससे कार्यकर्ताओं के मानदेय पर प्रभाव पड़ा और उन्हें अपेक्षित लाभ नहीं मिल सका।

राज्य सरकार के इस निर्णय के खिलाफ आंगनवाड़ी कार्यकर्ता संगठन ने हाईकोर्ट में याचिका दायर कर मानदेय में हुई कटौती को चुनौती दी थी। संगठन का तर्क था कि केंद्र सरकार द्वारा घोषित लाभ का पूरा फायदा कार्यकर्ताओं को मिलना चाहिए और राज्य सरकार का अंशदान घटाना उचित नहीं है।

हाईकोर्ट ने मामले की सुनवाई के बाद कार्यकर्ताओं के पक्ष में फैसला सुनाते हुए राज्य सरकार को बकाया राशि का भुगतान करने का निर्देश दिया। कोर्ट के आदेश के अनुसार कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं को वर्ष 2019 से 2023 तक का चार वर्षों का एरियर दिया जाएगा।

हालांकि, अदालत ने एरियर राशि पर ब्याज देने के संबंध में राहत नहीं दी है। इससे पहले हाईकोर्ट की एकल पीठ ने सरकार को 120 दिनों के भीतर छह प्रतिशत ब्याज सहित भुगतान करने का निर्देश दिया था। अब संशोधित आदेश में एरियर और राज्य अंशदान बहाल करने के निर्देश बरकरार रखे गए हैं, लेकिन ब्याज के भुगतान पर फिलहाल रोक लगा दी गई है।

इस फैसले से प्रदेशभर की हजारों आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं में खुशी का माहौल है। लंबे समय से वे अपने बकाया भुगतान और मानदेय से जुड़े अधिकारों को लेकर कानूनी लड़ाई लड़ रही थीं। उनका कहना है कि यह फैसला उनके अधिकारों की रक्षा करने वाला महत्वपूर्ण निर्णय है।

अब सभी की निगाहें राज्य सरकार की अगली कार्रवाई पर टिकी हैं। सरकार को हाईकोर्ट के आदेश के अनुरूप एरियर भुगतान और अंशदान बहाल करने की प्रक्रिया पूरी करनी होगी। माना जा रहा है कि इस फैसले का लाभ प्रदेश की लगभग 96 हजार आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं को मिलेगा, जिससे लंबे समय से लंबित भुगतान का रास्ता साफ हो जाएगा।