बृहस्पति कुंड में डूबा नर्सिंग छात्र, 36 घंटे बाद मिला शव, सुरक्षा इंतजामों पर उठे सवाल

पन्ना-सतना सीमा पर स्थित बृहस्पति कुंड जलप्रपात में घूमने आए बिहार के एक नर्सिंग छात्र की डूबने से मौत हो गई। करीब 36 घंटे तक चले रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद शव बरामद किया गया। घटना के बाद पर्यटन स्थल पर सुरक्षा व्यवस्थाओं को लेकर सवाल उठने लगे हैं।

Jul 9, 2026 - 12:34
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बृहस्पति कुंड में डूबा नर्सिंग छात्र, 36 घंटे बाद मिला शव, सुरक्षा इंतजामों पर उठे सवाल

UNITED NEWS OF ASIA. पन्ना। मध्य प्रदेश के प्रसिद्ध पर्यटन स्थल बृहस्पति कुंड जलप्रपात में एक दर्दनाक हादसे में बिहार के 28 वर्षीय नर्सिंग छात्र की डूबने से मौत हो गई। करीब 36 घंटे तक चले रेस्क्यू अभियान के बाद छात्र का शव गहरे पानी से बरामद किया गया। घटना के बाद पर्यटन स्थल पर सुरक्षा व्यवस्थाओं को लेकर गंभीर सवाल उठने लगे हैं।

जानकारी के अनुसार, बिहार के समस्तीपुर निवासी कुणाल ठाकुर अपने दोस्तों के साथ बृहस्पति कुंड घूमने पहुंचे थे। इसी दौरान जलप्रपात के समीप उनका पैर फिसल गया और वे गहरे पानी में जा गिरे। साथियों ने उन्हें बचाने का प्रयास किया, लेकिन तेज बहाव और अधिक गहराई के कारण सफलता नहीं मिल सकी।

घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय प्रशासन और राहत दल मौके पर पहुंचे। कई घंटों तक तलाश अभियान चलाया गया, लेकिन शुरुआती प्रयासों में सफलता नहीं मिली। बाद में पन्ना से पहुंची विशेष रेस्क्यू टीम ने कठिन परिस्थितियों में अभियान जारी रखा और लगभग 36 घंटे बाद छात्र का शव गहरे पानी से बाहर निकाला।

बताया गया है कि मृतक कुणाल ठाकुर नर्सिंग की पढ़ाई कर रहे थे। उनके पिता भारतीय सेना से सेवानिवृत्त हैं। हादसे की सूचना मिलते ही परिवार में शोक की लहर दौड़ गई। घटना के बाद परिजनों और परिचितों का रो-रोकर बुरा हाल है।

इस हादसे के बाद स्थानीय लोगों ने पर्यटन स्थल पर सुरक्षा व्यवस्था की कमी को लेकर प्रशासन पर सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि बृहस्पति कुंड में हर वर्ष बड़ी संख्या में पर्यटक पहुंचते हैं, लेकिन पर्याप्त सुरक्षा इंतजाम, मजबूत बैरिकेडिंग, चेतावनी बोर्ड और प्रशिक्षित लाइफगार्ड जैसी मूलभूत सुविधाओं का अभाव बना हुआ है।

स्थानीय नागरिकों का कहना है कि पहले भी इस क्षेत्र में डूबने की घटनाएं सामने आ चुकी हैं, लेकिन सुरक्षा व्यवस्था को लेकर प्रभावी कदम नहीं उठाए गए। लोगों ने मांग की है कि संवेदनशील स्थानों पर सुरक्षा घेरा बनाया जाए, चेतावनी संकेत लगाए जाएं और आपातकालीन बचाव दल की स्थायी तैनाती सुनिश्चित की जाए, ताकि भविष्य में इस प्रकार की घटनाओं को रोका जा सके।

फिलहाल पुलिस ने आवश्यक कानूनी कार्रवाई पूरी कर शव का पोस्टमार्टम कराया है। प्रशासन का कहना है कि पूरे मामले की जानकारी एकत्र की जा रही है तथा पर्यटन स्थल पर सुरक्षा व्यवस्था को और बेहतर बनाने के लिए आवश्यक कदमों पर विचार किया जाएगा। वहीं, इस दुखद घटना ने एक बार फिर पर्यटन स्थलों पर सुरक्षा मानकों को सख्ती से लागू करने की आवश्यकता को उजागर कर दिया है।