धान खरीदी को लेकर गंभीर नहीं है भाजपा सरकार – कांग्रेस प्रवक्ता सुरेंद्र वर्मा

कांग्रेस प्रवक्ता सुरेंद्र वर्मा ने भाजपा सरकार पर सहकारिता, कर्मचारी और किसान विरोधी नीति अपनाने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि धान खरीदी शुरू होने में एक हफ्ता बचा है, लेकिन सरकार की लापरवाही के कारण तैयारी अधूरी है। सहकारी समिति और बैंक कर्मचारी हड़ताल पर हैं, जिससे किसानों में चिंता बढ़ गई है।

Nov 7, 2025 - 11:47
 0  5
धान खरीदी को लेकर गंभीर नहीं है भाजपा सरकार – कांग्रेस प्रवक्ता सुरेंद्र वर्मा

UNITED NEWS OF ASIA. अमृतेश्वर सिंह, रायपुर । छत्तीसगढ़ कांग्रेस ने भाजपा सरकार पर किसानों और सहकारिता तंत्र की उपेक्षा का आरोप लगाया है। प्रदेश कांग्रेस कमेटी के वरिष्ठ प्रवक्ता सुरेंद्र वर्मा ने कहा कि सरकार की दुर्भावना और अकर्मण्यता के चलते राज्य के 2739 उपार्जन केंद्रों में धान खरीदी पर संकट के बादल मंडरा रहे हैं। खरीफ सीजन 2025-26 के तहत समर्थन मूल्य पर खरीदी शुरू होने में अब केवल कुछ ही दिन शेष हैं, लेकिन सरकार के स्तर पर कोई ठोस तैयारी नहीं दिख रही है।

वर्मा ने कहा कि सहकारी समिति कर्मचारी संघ अनिश्चितकालीन हड़ताल पर है, जिला सहकारी बैंक के कर्मचारी भी आंदोलन की राह पर हैं, जबकि कंप्यूटर ऑपरेटरों ने भी समर्थन दे दिया है। ऐसे में किसानों में भारी चिंता है कि आखिर समय पर धान खरीदी कैसे होगी। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार ने प्रदेश के हर वर्ग को ठगा है। पिछले वर्ष भी कर्मचारियों को लिखित आश्वासन देकर धोखा दिया गया था, लेकिन वादे आज तक अधूरे हैं।

कांग्रेस प्रवक्ता ने कहा कि प्रबंधकीय अनुदान, वेतनमान विसंगति, नियमितीकरण, इंक्रीमेंट, पेंशन और भविष्य निधि जैसी बुनियादी मांगों की अनदेखी की जा रही है। सरकार की कुप्रबंधन नीति के कारण सहकारी समितियों को 11 हजार करोड़ रुपये से अधिक का नुकसान झेलना पड़ा है। धान का समय पर उठाव नहीं होने और चावल की कम खरीदी के कारण समितियों पर वित्तीय दबाव बढ़ गया है।

उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार ने संग्रहण केंद्रों से 72 घंटे में उठाव के नियम को बदलकर किसानों को नुकसान पहुंचाया है। उच्च न्यायालय के आदेश के बावजूद जिला सहकारी बैंक कर्मचारियों की वार्षिक वेतन वृद्धि रोकी गई है। 29 अक्टूबर से कर्मचारी आंदोलनरत हैं, लेकिन सरकार संवेदनहीन बनी हुई है।

वर्मा ने कहा कि यह सरकार नहीं चाहती कि किसानों से समय पर और निर्बाध धान खरीदी हो सके। सहकारिता विरोधी रवैये से स्पष्ट है कि भाजपा सरकार प्रदेश के किसानों को आर्थिक संकट में धकेलने की नीति पर चल रही है।