कानून-व्यवस्था को लेकर पुलिस पूरी तरह मुस्तैद, मनेंद्रगढ़ में हुआ भव्य ‘बलवा ड्रिल’ अभ्यास
मनेंद्रगढ़ में जिला पुलिस ने किसी भी आपात स्थिति और उपद्रव से निपटने की तैयारियों को परखने के लिए वृहद बलवा ड्रिल का आयोजन किया। पुलिस अधीक्षक रत्ना सिंह (IPS) के मार्गदर्शन में हुए इस अभ्यास में पुलिस, CAF और होमगार्ड के लगभग 200 जवानों ने हिस्सा लिया। ड्रिल ने बल की तत्परता, अनुशासन और पेशेवर क्षमता को प्रदर्शित किया।
UNITED NEWS OF ASIA. महेन्द्र शुक्ला, मनेंद्रगढ़, एमसीबी | किसी भी आपातकालीन स्थिति, उपद्रव और कानून-व्यवस्था की चुनौती से निपटने के लिए जिला पुलिस ने अपनी तैयारियों को और धार देने के उद्देश्य से आज 18वीं बटालियन परिसर में एक वृहद ‘बलवा ड्रिल’ (Riot Drill) अभ्यास का आयोजन किया। यह अभ्यास जिला पुलिस अधीक्षक (MCB) श्रीमती रत्ना सिंह (IPS) के कुशल मार्गदर्शन और गरिमामयी उपस्थिति में संपन्न हुआ।
प्रमुख अधिकारियों की रही मौजूदगी
इस महत्वपूर्ण प्रशिक्षण सत्र में पुलिस एवं प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। पुलिस विभाग की ओर से नगर पुलिस अधीक्षक दीपिका मिंज, डीएसपी (मुख्यालय) तरशिला टोप्पो, एसडीओपी अलेक्सियुस टोप्पो और आरआई हेमंत टोप्पो ने सहभागिता की। प्रशासनिक समन्वय के लिए एसडीएम लिंगराज सिदार के साथ तहसीलदार विनीत एवं श्रुति दुबे भी मौजूद रहीं।
अभ्यास में जिला पुलिस बल, सीएएफ (CAF) और होमगार्ड के लगभग 200 जवानों ने सक्रिय भागीदारी निभाई।
मॉक ड्रिल: रणनीति से लेकर कार्रवाई तक
ड्रिल का मुख्य उद्देश्य भीड़ नियंत्रण की आधुनिक रणनीतियों और टीम वर्क को मजबूत करना रहा। अभ्यास के दौरान जवानों को विभिन्न परिस्थितियों में कार्रवाई का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया गया, जिसमें—
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भीड़ नियंत्रण: वाटर कैनन के माध्यम से उपद्रवियों को तितर-बितर करना
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आंसू गैस का प्रयोग: उग्र भीड़ पर नियंत्रण की प्रभावी तकनीक
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कठोर कार्रवाई: केन और लाठी चार्ज का सही एवं संतुलित उपयोग
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फायरिंग अभ्यास: राइफल पार्टी द्वारा नियंत्रित फायरिंग की प्रक्रिया
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आपातकालीन प्रबंधन: आगजनी की स्थिति में फायर फाइटर का उपयोग एवं घायलों की सुरक्षित निकासी
अनुशासन और समन्वय पर जोर
पूरे अभ्यास के दौरान पुलिस अधीक्षक रत्ना सिंह ने प्रत्येक गतिविधि का सूक्ष्म निरीक्षण किया। उन्होंने जवानों को संबोधित करते हुए कहा कि इस प्रकार की ड्रिल से न केवल पुलिस बल का आत्मविश्वास बढ़ता है, बल्कि विषम परिस्थितियों में कमांड एंड कंट्रोल, आपसी समन्वय और वायरलेस संचार की प्रभावशीलता भी सिद्ध होती है।
अभ्यास के समापन पर एक डी-ब्रीफिंग सत्र आयोजित किया गया, जिसमें ड्रिल के दौरान सामने आए बिंदुओं का मूल्यांकन किया गया और भविष्य में और बेहतर प्रदर्शन के लिए आवश्यक सुझाव साझा किए गए।
कुल मिलाकर, यह बलवा ड्रिल जिला पुलिस की अनुशासनप्रियता, सतर्कता और ‘शून्य चूक’ (Zero Error) की कार्यसंस्कृति को दर्शाता है, जिससे स्पष्ट है कि मनेंद्रगढ़ पुलिस हर परिस्थिति से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार है।