परीक्षा के दौरान निरीक्षण के लिए छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग के सदस्य डॉ. प्रवीण वर्मा विशेष रूप से जिले में पहुंचे। उन्होंने कवर्धा स्थित प्रमुख परीक्षा केंद्रों का निरीक्षण कर परीक्षा संचालन की व्यवस्थाओं का जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने परीक्षा कक्षों का भ्रमण किया और अभ्यर्थियों की उपस्थिति, प्रवेश व्यवस्था, निगरानी तथा अनुशासन से जुड़ी व्यवस्थाओं का अवलोकन किया।
निरीक्षण के दौरान नोडल अधिकारी डिप्टी कलेक्टर रुचि शार्दूल भी उपस्थित रहीं। अधिकारियों ने बताया कि आयोग के निर्देशों के अनुसार सभी केंद्रों में आवश्यक संसाधन, सीसीटीवी निगरानी, पर्याप्त स्टाफ तथा सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित की गई थी।
जिले में प्रारंभिक परीक्षा के लिए कुल पांच परीक्षा केंद्र बनाए गए थे। इनमें आचार्य पंथ श्री गृंध मुनि नाम साहेब शासकीय पीजी कॉलेज,
शासकीय राजमाता विजया राजे सिंधिया कन्या महाविद्यालय, स्वामी करपात्री जी शासकीय हायर सेकंडरी स्कूल, स्वामी आत्मानंद अंग्रेजी माध्यम स्कूल, रानी दुर्गावती चौक तथा स्वामी आत्मानंद हिंदी माध्यम स्कूल, बस स्टैंड को परीक्षा केंद्र बनाया गया था।
जानकारी के अनुसार जिले में कुल 2220 अभ्यर्थियों ने प्रारंभिक परीक्षा के लिए आवेदन किया था। इनमें से कुल 1827 परीक्षार्थी परीक्षा में उपस्थित रहे, जबकि 393 अभ्यर्थी अनुपस्थित पाए गए।
प्रारंभिक परीक्षा दो पालियों में आयोजित की गई। प्रथम पाली में प्रातः 10 बजे से 12 बजे तक सामान्य अध्ययन विषय का प्रश्नपत्र आयोजित किया गया। इस पाली में 1857 अभ्यर्थी उपस्थित रहे, जबकि 363 अभ्यर्थी अनुपस्थित रहे। दूसरी पाली में दोपहर 3 बजे से 5 बजे तक तार्किक क्षमता विषय का प्रश्नपत्र आयोजित किया गया, जिसमें 1827 अभ्यर्थियों ने परीक्षा दी तथा 393 अभ्यर्थी अनुपस्थित रहे।
केंद्रवार उपस्थिति की बात करें तो आचार्य पंथ श्री गृंध मुनि नाम साहेब शासकीय पीजी कॉलेज में 505, शासकीय राजमाता विजया राजे सिंधिया कन्या महाविद्यालय में 204, स्वामी करपात्री जी शासकीय हायर सेकंडरी स्कूल में 464, स्वामी आत्मानंद अंग्रेजी माध्यम स्कूल रानी दुर्गावती चौक में 324 तथा स्वामी आत्मानंद हिंदी माध्यम स्कूल बस स्टैंड में 330 अभ्यर्थी परीक्षा में शामिल हुए।
डॉ. प्रवीण वर्मा ने परीक्षा के शांतिपूर्ण एवं सुव्यवस्थित संचालन पर संतोष व्यक्त करते हुए जिला प्रशासन, नोडल अधिकारी एवं परीक्षा ड्यूटी में लगे अधिकारियों-कर्मचारियों की सराहना की। उन्होंने कहा कि आयोग की प्राथमिकता निष्पक्ष, पारदर्शी और सुचारु परीक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करना है, ताकि योग्य अभ्यर्थियों को आगे बढ़ने का अवसर मिल सके।