कार्यक्रम के अंतर्गत श्री सुमंत जी महाराज की प्रतिमा तथा भगवान राम, लक्ष्मण, सीता एवं श्री सुमंत जी महाराज की भव्य शोभायात्रा चंगोराभाठा स्थित तत्वधान क्षेत्र से प्रारंभ होकर कुशलपुर स्थित दंतेश्वरी मंदिर, कुशलपुर होते हुए लाखे नगर स्थित सारथी चौक तक निकाली गई। पूरे मार्ग में श्रद्धालुओं ने पुष्पवर्षा कर शोभायात्रा का स्वागत किया। पारंपरिक वेशभूषा, धार्मिक झांकियां और भक्ति संगीत ने वातावरण को भक्तिमय बना दिया।
शोभायात्रा के लाखे नगर सारथी चौक पहुंचने के पश्चात समाज के वरिष्ठजनों एवं पदाधिकारियों द्वारा अपने आराध्य देव श्री सुमंत जी महाराज की विधिवत पूजा-अर्चना की गई। कार्यक्रम की गरिमामय अध्यक्षता पार्षद ममता सोनू तिवारी ने की, जबकि विशेष रूप से रायपुर महापौर मीनल चगन चौबे की उपस्थिति ने आयोजन को और अधिक गरिमा प्रदान की।
इस अवसर पर समाज के संगठनात्मक पदाधिकारियों में ब्लॉक अध्यक्ष रति राम सारथी, ब्लॉक सचिव महेंद्र सारथी, ब्लॉक महिला अध्यक्ष प्रीति सारथी, ब्लॉक महिला सचिव सुमित्रा सारथी, पूर्व प्रदेश संगठन मंत्री दिलीप सारथी, प्रदेश महिला अध्यक्ष सरोज सारथी, पूर्व महिला अध्यक्ष स्मृति बाला बंछोर, पूर्व सचिव शंकर सारथी, रायपुर युवा अध्यक्ष दीपक सारथी, युवा उपाध्यक्ष अमित सारथी, युवा सह सचिव आकाश सारथी, युवा संगठन मंत्री प्रयाग सारथी सहित अनेक पदाधिकारी मंचासीन रहे।
कार्यक्रम में मनीष सारथी, विकास सारथी, गोविंद सारथी, राज सारथी, प्रणय सारथी, राजू सारथी, विष्णु सारथी, तिवारी सारथी, दिलीप सारथी, भावेश सारथी, मेलु सारथी तथा मठपुरेना ब्लॉक कोषाध्यक्ष छवि सारथी सहित समाज के बड़ी संख्या में महिला-पुरुष व युवा सदस्य उपस्थित रहे। समाजजनों ने सामूहिक रूप से भजन-कीर्तन और आरती में भाग लेकर अपने आराध्य देव के प्रति श्रद्धा प्रकट की।
आयोजकों ने बताया कि श्री सुमंत जी महाराज की जयंती केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं बल्कि समाज को संगठित रखने, नई पीढ़ी को संस्कारों से जोड़ने तथा सामाजिक उत्थान के लिए प्रेरित करने का माध्यम भी है। समाज के वरिष्ठजनों ने अपने संबोधन में शिक्षा, सेवा और संगठन को समाज की प्रगति का आधार बताते हुए सभी सदस्यों से एकजुट होकर कार्य करने का आह्वान किया।
समारोह के अंत में समाज की ओर से सभी अतिथियों एवं उपस्थित जनसमूह का आभार व्यक्त किया गया और सफल आयोजन के लिए सहयोग देने वाले सभी सदस्यों को धन्यवाद ज्ञापित किया गया। आयोजन शांतिपूर्ण एवं सुव्यवस्थित ढंग से संपन्न हुआ।