नेपा मिल के पुनरुद्धार को लेकर दिल्ली में हलचल तेज, केंद्रीय मंत्रियों से मिला प्रतिनिधिमंडल
नेपा लिमिटेड से जुड़े मुद्दों को लेकर अधिकारियों और कर्मचारियों के प्रतिनिधिमंडल ने दिल्ली में केंद्रीय मंत्री रामदास आठवले और भारी उद्योग मंत्री एचडी कुमारस्वामी से मुलाकात कर मिल के संचालन, लंबित वेतन और पुनरुद्धार पर चर्चा की।
UNITED NEWS OF ASIA. महेश किनगे, नेपानगर | भारी उद्योग मंत्रालय भारत सरकार के उपक्रम नेपा लिमिटेड से जुड़े अहम मुद्दों को लेकर दिल्ली में गतिविधियां तेज हो गई हैं। अधिकारियों एवं कर्मचारियों के प्रतिनिधिमंडल ने केंद्रीय सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता राज्य मंत्री रामदास आठवले से मुलाकात कर मिल से संबंधित समस्याओं को प्रमुखता से रखा। इसके साथ ही खंडवा लोकसभा सांसद ज्ञानेश्वर पाटिल के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल ने केंद्रीय भारी उद्योग मंत्री एचडी कुमारस्वामी से भी महत्वपूर्ण चर्चा की।
प्रतिनिधिमंडल ने केंद्रीय मंत्री रामदास आठवले को नेपा मिल को सतत रूप से चालू रखने, स्थानीय स्तर पर रोजगार बनाए रखने और अधिकारियों एवं कर्मचारियों की लंबित मांगों के शीघ्र निराकरण की आवश्यकता से अवगत कराया। चर्चा के दौरान बताया गया कि नेपा मिल के अधिकारी और कर्मचारी पिछले 14 माह से वेतन भुगतान से वंचित हैं, जिससे कर्मचारियों और उनके परिवारों को गंभीर आर्थिक समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। इसके अलावा वर्ष 2007 और 2017 से लंबित वेतनमान लागू करने की मांग भी रखी गई।
नई दिल्ली स्थित केंद्रीय कार्यालय से प्राप्त जानकारी के अनुसार रिपब्लिकन पार्टी ऑफ इंडिया के प्रदेश सचिव रविंद्र इंगले ने बताया कि केंद्रीय मंत्री रामदास आठवले ने प्रतिनिधिमंडल की बातों को गंभीरता से सुनते हुए आश्वासन दिया है कि नेपा मिल से संबंधित प्रस्ताव पर विचार किया जा रहा है। साथ ही कर्मचारियों की समस्याओं के समाधान के लिए संबंधित मंत्रालयों के साथ समन्वय कर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
इसी क्रम में खंडवा सांसद ज्ञानेश्वर पाटिल के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल ने केंद्रीय भारी उद्योग मंत्री एचडी कुमारस्वामी से मुलाकात कर नेपा मिल के पुनरुद्धार, उत्पादन प्रक्रिया को गति देने और कर्मचारियों की आर्थिक स्थिति सुधारने के विषय पर विस्तृत चर्चा की। प्रतिनिधिमंडल ने मंत्री को बताया कि नेपा लिमिटेड भारत सरकार के भारी उद्योग मंत्रालय के अधीन सार्वजनिक क्षेत्र का उपक्रम है, जिसके पुनरुद्धार के लिए पूर्व में केंद्र सरकार द्वारा 512 करोड़ रुपये की वित्तीय सहायता प्रदान की जा चुकी है।
प्रतिनिधिमंडल ने यह भी बताया कि नेपा मिल लगभग 140 गांवों की अर्थव्यवस्था से सीधे तौर पर जुड़ी हुई है और हजारों परिवारों की आजीविका का प्रमुख आधार रही है। ऐसे में मिल का नियमित संचालन क्षेत्रीय विकास और रोजगार के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
इस प्रतिनिधिमंडल में नेपा ऑफिसर्स स्टाफ एसोसिएशन के अध्यक्ष महेंद्र केशरी, सचिव संजय पवार, कर्मचारियों के प्रतिनिधि किशन चौधरी तथा नेपा लिमिटेड के सेवानिवृत्त प्रबंधक प्रशांत कुमार बैथालू शामिल रहे।