नेशनल हाईवे-43 पर अवैध निर्माण का खेल! नियमों को ठेंगा दिखा खड़ी की जा रही व्यावसायिक इमारत
मनेंद्रगढ़ नगर में नेशनल हाईवे-43 किनारे कथित अवैध व्यावसायिक कॉम्प्लेक्स निर्माण को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। शिकायतकर्ता ने कलेक्टर जनदर्शन में शिकायत दर्ज कर नियमों के उल्लंघन और दुर्घटना खतरे की आशंका जताई है।
UNITED NEWS OF ASIA. महेंद्र शुक्ला, मनेंद्रगढ़। छत्तीसगढ़ के नवगठित जिले मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर (MCB) में भू-माफियाओं और रसूखदारों के हौसले बुलंद हैं। ताजा मामला मनेंद्रगढ़ नगर का है, जहाँ नेशनल हाईवे-43 के किनारे नियमों की धज्जियां उड़ाकर अवैध निर्माण किए जाने का गंभीर आरोप लगा है।शिकायतकर्ता ने कलेक्टर जनदर्शन में एक लिखित शिकायत दर्ज कराते हुए सनसनीखेज खुलासा किया है। आरोप है कि विमल श्री टॉकीज के सामने, खसरा नंबर 330/61 पर सुमित्रा विश्वकर्मा द्वारा विशाल व्यावसायिक कॉम्प्लेक्स का निर्माण किया जा रहा है।
नियमों की सरेआम अनदेखी:
शिकायत में मुख्य रूप से दो बड़े उल्लंघन गिनाए गए हैं दूरी का उल्लंघन'भूमि नियंत्रण अधिनियम, 1964' के अनुसार, राष्ट्रीय राजमार्ग की मध्य रेखा (Center Line) से 40 मीटर के भीतर किसी भी प्रकार का निर्माण वर्जित है। लेकिन यहाँ हाईवे से सटकर धड़ल्ले से काम जारी है।
बिना अनुमति के धड्डले से नियम कानून का उल्लंघन पूंजी पतियों के द्वारा किया जा रहा है बता दें NHAI (भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग
प्राधिकरण) या सड़क परिवहन मंत्रालय से किसी भी प्रकार की लिखित पूर्व अनुमति नहीं ली गई है।जिससे हादसों को न्योता और भविष्य का संकट प्रदीप कुमार पाटकर जो जनहित कार्य से जुड़े हुए हैं उनका कहना है कि हाईवे से लगकर बन रहे इस अवैध प्रतिष्ठान के कारण भविष्य में सड़क दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ जाएगा। साथ ही, जब कभी नेशनल हाईवे के चौड़ीकरण (Widening) की बारी आएगी, तब यह अवैध निर्माण एक बड़ी बाधा साबित होगा।
"अगर इसी तरह नियमों को ताक पर रखकर निर्माण होते रहे, तो शहर की व्यवस्था पूरी तरह चरमरा जाएगी। प्रशासन को तुरंत इस पर रोक लगानी चाहिए।" > — शिकायतकर्ता प्रदीप कुमार।
प्रशासन की चुप्पी पर सवाल?
कलेक्टर जनदर्शन में टोकन नंबर 2290126000161 के साथ शिकायत तो दर्ज हो गई है, लेकिन अब देखना यह होगा कि प्रशासन इस रसूखदार निर्माण पर बुलडोजर चलाता है या फाइलें ठंडे बस्ते में डाल दी जाती हैं।