Balrampur News : एनएच-343 की धूल से जनस्वास्थ्य संकट, ग्रामीणों ने दी चक्का जाम की चेतावनी
बलरामपुर-रामानुजगंज राष्ट्रीय राजमार्ग 343 के निर्माण कार्य के दौरान उड़ रही सीमेंट और राखड़ की धूल से ग्रामीणों में भारी आक्रोश है। स्थानीय लोगों ने स्वास्थ्य संकट बताते हुए प्रशासन को ज्ञापन सौंपा और कार्रवाई नहीं होने पर 13 फरवरी को चक्का जाम की चेतावनी दी है।
UNITED NEWS OF ASIA. अली खान, बलरामपुर | रामानुजगंज जिले में राष्ट्रीय राजमार्ग क्रमांक 343 के निर्माण कार्य के दौरान उड़ रही सीमेंट और राखड़ की धूल से स्थानीय ग्रामीणों में भारी नाराजगी देखने को मिल रही है। सड़क निर्माण के चलते फैल रहे धूल प्रदूषण को लेकर सामाजिक कार्यकर्ता मो. फैजुद्दीन के नेतृत्व में प्रभावित नागरिकों ने जिला प्रशासन को ज्ञापन सौंपते हुए इसे गंभीर जनस्वास्थ्य संकट बताया है।
ग्रामीणों का कहना है कि सड़क निर्माण में उपयोग किए जा रहे सीमेंट और राखड़ के कारण अत्यधिक मात्रा में धूल उड़ रही है, जो सड़क के दोनों ओर लगभग आधा किलोमीटर क्षेत्र तक फैल चुकी है। इसके चलते आसपास के सैकड़ों परिवार, दुकानदार, स्कूली बच्चे, महिलाएं, बुजुर्ग और राहगीर प्रतिदिन प्रभावित हो रहे हैं।
स्थानीय नागरिकों ने बताया कि लगातार सीमेंट की धूल के संपर्क में रहने से छोटे बच्चों में सांस संबंधी संक्रमण, निमोनिया, आंखों में जलन और रोग प्रतिरोधक क्षमता में कमी जैसी समस्याएं सामने आ रही हैं। वहीं स्कूली बच्चों में एलर्जी और दमा की आशंका जताई गई है। ग्रामीणों के अनुसार 45 वर्ष से अधिक आयु के लोगों में अस्थमा, ब्रोंकाइटिस, सीओपीडी और हृदय रोग का खतरा बढ़ सकता है। गर्भवती महिलाओं और नवजात शिशुओं पर भी इसके दुष्प्रभाव की चिंता व्यक्त की गई है।
ग्रामीणों ने निर्माण एजेंसियों पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए कहा कि नियमित रूप से पानी का छिड़काव नहीं किया जा रहा है और निर्माण सामग्री को ढंककर रखने की व्यवस्था भी नहीं की गई है। इसे पर्यावरणीय नियमों और सुरक्षा मानकों का उल्लंघन बताया गया है।
सामाजिक कार्यकर्ता मो. फैजुद्दीन ने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि 11 फरवरी 2026 तक धूल नियंत्रण और जनस्वास्थ्य सुरक्षा को लेकर ठोस कदम नहीं उठाए गए, तो 13 फरवरी 2026 को सुबह 10 बजे से राष्ट्रीय राजमार्ग 343 पर सीमित एवं नियंत्रित चक्का जाम किया जाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि आंदोलन पूरी तरह शांतिपूर्ण रहेगा तथा एंबुलेंस, स्कूल बस और अन्य आवश्यक सेवाओं से जुड़े वाहनों को बाधित नहीं किया जाएगा।
ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया कि निर्माण कार्य अत्यंत धीमी गति से चल रहा है, जिसके कारण दुर्घटनाओं की आशंका लगातार बनी हुई है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यह सड़क जिला कलेक्टर कार्यालय के सामने से गुजरती है, बावजूद इसके आम जनता की समस्याओं की ओर पर्याप्त ध्यान नहीं दिया जा रहा है।
अब क्षेत्रवासियों की नजर प्रशासन की कार्रवाई पर टिकी हुई है कि धूल प्रदूषण और सड़क निर्माण की समस्याओं को लेकर क्या ठोस कदम उठाए जाते हैं।