बचेली में हेलीपेड निर्माण को लेकर ग्रामीणों का विरोध, एसडीएम कार्यालय में बैठक के बाद मामला कुछ शांत

दंतेवाड़ा जिले के बचेली में प्रस्तावित हेलीपेड निर्माण को लेकर ग्रामीणों और जनप्रतिनिधियों ने आपत्ति जताई। एसडीएम राजीव कुजूर के साथ हुई बैठक के बाद प्रशासन ने परियोजना की आवश्यकता समझाते हुए सहयोग की अपील की, जिसके बाद स्थिति कुछ शांत नजर आई।

Mar 7, 2026 - 13:23
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बचेली में हेलीपेड निर्माण को लेकर ग्रामीणों का विरोध, एसडीएम कार्यालय में बैठक के बाद मामला कुछ शांत

UNITED NEWS OF ASIA. नवीन चौधरी, बचेली | दंतेवाड़ा जिले के बचेली क्षेत्र में प्रस्तावित हेलीपेड निर्माण को लेकर ग्रामीणों में चल रहा विरोध शुक्रवार को आयोजित बैठक के बाद कुछ हद तक शांत होता नजर आया। बड़े बचेली ग्राम पंचायत के सरपंच, वार्ड पंच और अन्य जनप्रतिनिधियों को अनुविभागीय दंडाधिकारी (एसडीएम) कार्यालय के सभागार में चर्चा के लिए बुलाया गया था, जहां प्रशासन और ग्रामीणों के बीच विस्तार से बातचीत हुई।

बैठक के दौरान जनप्रतिनिधियों ने हेलीपेड निर्माण को लेकर अपनी चिंताएं दोहराईं। ग्रामीणों का कहना था कि जिस स्थान पर हेलीपेड बनाया जा रहा है वह बच्चों के खेलकूद का मैदान है और आसपास का क्षेत्र ग्रामीण परिवेश तथा धार्मिक गतिविधियों से जुड़ा हुआ है। ऐसे में वहां हेलीपेड बनने से सामाजिक और सांस्कृतिक गतिविधियों पर प्रभाव पड़ सकता है।

इस पर बचेली के एसडीएम राजीव कुजूर ने जनप्रतिनिधियों को परियोजना के बारे में विस्तृत जानकारी देते हुए सहयोग करने की अपील की। उन्होंने बताया कि यह निर्माण कार्य भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) द्वारा करवाया जा रहा है और इसे शासन के निर्देश पर ग्रामीण यांत्रिकी सेवा (RES) विभाग के माध्यम से बनाया जा रहा है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि हेलीपेड के लिए स्थल का चयन केंद्रीय और राज्य स्तर के विशेषज्ञ अभियंताओं द्वारा किया गया है और निर्माण कार्य का लगभग 50 प्रतिशत हिस्सा पूरा हो चुका है।

एसडीएम ने बताया कि इस हेलीपेड का उपयोग एम-17 हेलीकॉप्टर के लिए किया जाएगा। आरबीआई अधिकारियों के अनुसार हाई रिस्क जोन में निजी हेलीकॉप्टर के माध्यम से नकदी को बैंकों तक पहुंचाना काफी कठिन और महंगा पड़ता है। इसलिए सरकारी हेलीकॉप्टर के जरिए नगद करेंसी पहुंचाने के लिए एक मजबूत हेलीपेड की आवश्यकता है। उन्होंने बताया कि आंकड़ों के अनुसार इस हेलीपेड का उपयोग महीने में केवल दो बार ही किया जाएगा।

बैठक में एसडीएम राजीव कुजूर ने पेशा कानून के नियम 49(2) का उल्लेख करते हुए प्रशासन और ग्रामीणों के बीच आपसी सहयोग की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने ग्रामीणों को आश्वासन दिया कि किसी भी धार्मिक अनुष्ठान, आयोजन या खेलकूद कार्यक्रम के दौरान हेलीकॉप्टर की लैंडिंग नहीं की जाएगी। साथ ही पंचायत की मांग के अनुरूप मैदान का सौंदर्यीकरण, शेड निर्माण, सीढ़ियां और लाइटिंग व्यवस्था भी जल्द कराई जाएगी।

बैठक के दौरान ग्रामीणों ने पूर्व एसडीएम विवेक चंद्रा पर भी आरोप लगाए। उनका कहना था कि जब वे हेलीपेड निर्माण के संबंध में जानकारी लेने पहुंचे थे, तब तत्कालीन एसडीएम ने इस परियोजना के बारे में अनभिज्ञता जताई थी और कहा था कि उन्हें इस संबंध में कोई जानकारी नहीं है। जबकि वर्तमान एसडीएम ने निर्माण से जुड़ी पूरी जानकारी दी है।

ग्रामीणों का कहना है कि इसी कारण प्रशासन के प्रति कुछ हद तक अविश्वास की स्थिति बनी हुई है। हालांकि उन्होंने कहा कि इस विषय पर पंचायत के सभी लोगों के साथ चर्चा कर आगे का निर्णय लिया जाएगा।

फिलहाल प्रशासन और ग्रामीणों के बीच संवाद के बाद स्थिति पहले की तुलना में कुछ शांत दिखाई दे रही है।