उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने दिव्यांग नंदकुमार को स्कूटी प्रदान की, अगले दिन मिला त्वरित सहयोग
कबीरधाम जिले के दिव्यांग नंदकुमार पटेल की समस्या पर उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने संवेदनशीलता दिखाते हुए अगले ही दिन स्कूटी उपलब्ध कराई। कवर्धा स्थित निवास कार्यालय में स्कूटी सौंपते हुए उन्हें प्रशिक्षण भी दिया गया।
UNITED NEWS OF ASIA. अमृतेश्वर सिंह, रायपुर l छत्तीसगढ़ के कबीरधाम जिले में उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा की संवेदनशील कार्यशैली का एक और उदाहरण देखने को मिला, जब उन्होंने दिव्यांग नंदकुमार पटेल की समस्या पर त्वरित कार्रवाई करते हुए उन्हें स्कूटी प्रदान की। यह पूरा घटनाक्रम क्षेत्र में जनसेवा और त्वरित प्रशासनिक निर्णय का उदाहरण बन गया है।
जानकारी के अनुसार, विकासखंड बोड़ला अंतर्गत ग्राम भलपहरी में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान ग्राम बोरियाकांपा निवासी दिव्यांग नंदकुमार पटेल ने उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा से मुलाकात की थी। इस दौरान उन्होंने अपनी चलने-फिरने की समस्या बताते हुए आवागमन के लिए स्कूटी उपलब्ध कराने का अनुरोध किया था।
नंदकुमार पटेल की बात को गंभीरता से सुनते हुए उप मुख्यमंत्री ने तुरंत संबंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए। निर्देशों के बाद प्रशासनिक स्तर पर प्रक्रिया पूरी की गई और अगले ही दिन उन्हें सहायक उपकरण वाली स्कूटी उपलब्ध कराई गई।
उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने स्वयं अपने कवर्धा स्थित निवास कार्यालय में नंदकुमार पटेल को स्कूटी प्रदान की। इस अवसर पर उन्होंने न केवल स्कूटी सौंपा बल्कि उसे चलाने का प्रशिक्षण भी दिया, ताकि नंदकुमार इसका सुरक्षित और सही उपयोग कर सकें।
स्कूटी मिलने के बाद नंदकुमार पटेल की खुशी का कोई ठिकाना नहीं रहा। उन्होंने उप मुख्यमंत्री के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि अब उन्हें अपने दैनिक कार्यों, सामाजिक गतिविधियों और अन्य जरूरी कामों के लिए आने-जाने में काफी सुविधा होगी। इससे उनका आत्मविश्वास बढ़ेगा और वे अधिक स्वतंत्र रूप से अपना जीवन जी सकेंगे।
इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने कहा कि सरकार का मुख्य उद्देश्य समाज के अंतिम व्यक्ति तक योजनाओं और सहायता का लाभ पहुंचाना है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार विशेष रूप से दिव्यांगजनों, जरूरतमंदों और वंचित वर्गों के सशक्तिकरण के लिए निरंतर कार्य कर रही है।
उन्होंने कहा कि कई बार छोटी-छोटी सहायता भी किसी व्यक्ति के जीवन में बड़ा सकारात्मक बदलाव ला सकती है। इसी सोच के साथ प्रशासन को संवेदनशील और त्वरित प्रतिक्रिया देने के लिए प्रेरित किया जा रहा है, ताकि जरूरतमंदों को समय पर मदद मिल सके।
यह घटना न केवल एक व्यक्ति की सहायता तक सीमित है, बल्कि यह भी दर्शाती है कि यदि प्रशासनिक स्तर पर संवेदनशीलता और तत्परता हो तो समाज के कमजोर वर्गों का जीवन बेहतर बनाया जा सकता है।