मुख्यमंत्री हेल्पलाइन में शिकायत के बाद असौंदा में वन विभाग की बड़ी कार्रवाई, अवैध कोयला भंडारण पर छापा
ग्राम असौंदा में अवैध कोयला कारोबार की शिकायत मुख्यमंत्री हेल्पलाइन में दर्ज होने के बाद वन विभाग ने त्वरित कार्रवाई करते हुए छापेमारी की। कार्रवाई के दौरान दो कोयला भंडारण स्थलों को सील किया गया। शिकायतकर्ता ने धमकी मिलने का भी आरोप लगाया है।
UNITED NEWS OF ASIA. कवर्धा l मुख्यमंत्री हेल्पलाइन में दर्ज शिकायत के बाद ग्राम असौंदा में अवैध कोयला कारोबार के खिलाफ वन विभाग ने त्वरित कार्रवाई करते हुए छापेमारी की। विभाग की टीम ने मौके पर पहुंचकर दो कोयला भंडारण स्थलों पर कार्रवाई करते हुए उन्हें सील कर दिया। इस कार्रवाई के बाद क्षेत्र में अवैध कारोबार से जुड़े लोगों में हड़कंप की स्थिति देखी गई
जानकारी के अनुसार प्रदेश सरकार द्वारा आम नागरिकों की समस्याओं के त्वरित समाधान के लिए मुख्यमंत्री हेल्पलाइन की व्यवस्था की गई है। इसी माध्यम का उपयोग करते हुए जनप्रतिनिधि सुरेंद्र वर्मा ने ग्राम असौंदा में संचालित कथित अवैध कोयला कारोबार की शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत प्राप्त होने के बाद वन विभाग ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच शुरू की और टीम गठित कर मौके पर कार्रवाई की।
वन विभाग की छापेमारी के दौरान दो स्थानों पर कोयले का भंडारण पाए जाने की जानकारी सामने आई। विभागीय अधिकारियों ने प्रारंभिक जांच के बाद दोनों भंडारण स्थलों को सील कर दिया। हालांकि जब्त किए गए कोयले की मात्रा और उससे संबंधित अन्य तथ्यों का आकलन अभी जारी है।
सुरेंद्र वर्मा, जो पूर्व जनपद सदस्य रह चुके हैं और वर्तमान में जनपद उपाध्यक्ष के प्रतिनिधि के रूप में कार्य कर रहे हैं, ने बताया कि शिकायत दर्ज कराने के बाद उन्हें जान से मारने की धमकी भी दी गई। उनका आरोप है कि जिन लोगों के खिलाफ शिकायत की गई, उन्होंने अधिकारियों की मौजूदगी में खुलेआम धमकी दी। इस संबंध में उन्होंने स्थानीय थाने में शिकायत दर्ज कराते हुए अपनी सुरक्षा की मांग की है।
सुरेंद्र वर्मा ने शासन और प्रशासन से आग्रह किया है कि मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए तथा शिकायतकर्ताओं की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए। उनका कहना है कि अवैध कारोबार के खिलाफ आवाज उठाने वालों को डराने-धमकाने की कोशिश लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए चिंताजनक है।
इधर वन विभाग के अधिकारियों का कहना है कि जब्त सामग्री का आकलन और दस्तावेजों की जांच की प्रक्रिया जारी है। विभागीय टीम कोयले की मात्रा, उसके स्रोत और भंडारण की वैधता से जुड़े सभी पहलुओं की जांच कर रही है। अधिकारियों ने बताया कि जांच पूरी होने के बाद जब्ती और कार्रवाई की विस्तृत रिपोर्ट सार्वजनिक की जाएगी।
ग्रामीणों का कहना है कि क्षेत्र में लंबे समय से अवैध कोयला कारोबार की शिकायतें सामने आती रही हैं। ऐसे में वन विभाग की इस कार्रवाई से लोगों को उम्मीद है कि भविष्य में अवैध गतिविधियों पर प्रभावी नियंत्रण लगाया जा सकेगा। फिलहाल मामले की जांच जारी है और प्रशासन आगे की कार्रवाई में जुटा हुआ है।