संसद की एस्टिमेट्स कमेटी में बृजमोहन अग्रवाल ने उठाया छत्तीसगढ़ के लिए डायरेक्ट पोर्ट कनेक्टिविटी कॉरिडोर का मुद्दा

लोकसभा की एस्टिमेट्स कमेटी की बैठक में सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने छत्तीसगढ़ के लिए प्रमुख बंदरगाहों तक डायरेक्ट हाई-स्पीड कॉरिडोर की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने राष्ट्रीय राजमार्ग, औद्योगिक विकास, शहरी डीकंजेशन और नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में सड़क संपर्क को लेकर कई महत्वपूर्ण सुझाव भी दिए।

Aug 4, 2026 - 14:55
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संसद की एस्टिमेट्स कमेटी में बृजमोहन अग्रवाल ने उठाया छत्तीसगढ़ के लिए डायरेक्ट पोर्ट कनेक्टिविटी कॉरिडोर का मुद्दा

UNITED NEWS OF ASIA.नई दिल्ली l नई दिल्ली स्थित संसद भवन एनेक्सी में आयोजित लोकसभा की एस्टिमेट्स कमेटी की बैठक में रायपुर सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने छत्तीसगढ़ के बुनियादी ढांचे और राष्ट्रीय राजमार्गों के विकास से जुड़े कई महत्वपूर्ण मुद्दे उठाए। सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय (MoRTH) की ओर से देश में नई राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं पर दी गई प्रस्तुति के दौरान उन्होंने राज्य के लिए डायरेक्ट पोर्ट कनेक्टिविटी कॉरिडोर की आवश्यकता पर विशेष जोर दिया।

बैठक में बृजमोहन अग्रवाल ने कहा कि छत्तीसगढ़ जैसे भू-आबद्ध (लैंडलॉक्ड) राज्य को विशाखापट्टनम और पारादीप जैसे प्रमुख बंदरगाहों से सीधे एक्सेस-कंट्रोल्ड हाई-स्पीड कॉरिडोर के माध्यम से जोड़ना आवश्यक है। उनका कहना था कि इससे माल परिवहन की लागत कम होगी, उद्योगों की प्रतिस्पर्धात्मक क्षमता बढ़ेगी और राज्य राष्ट्रीय एवं वैश्विक व्यापार का महत्वपूर्ण केंद्र बन सकेगा।

उन्होंने वित्तीय वर्ष 2025-26 में छत्तीसगढ़ में हाई-स्पीड कॉरिडोर और राष्ट्रीय राजमार्गों के निर्माण के लिए स्वीकृत एवं खर्च की गई राशि का विस्तृत विवरण भी मांगा। इसके साथ ही वर्ष 2014 से पहले और उसके बाद राज्य में राष्ट्रीय राजमार्गों के विस्तार का तुलनात्मक ब्यौरा तथा भविष्य की प्रस्तावित परियोजनाओं की जानकारी देने की मांग की।

सांसद ने शहरी क्षेत्रों में बढ़ती यातायात समस्या को भी प्रमुख मुद्दा बताया। उन्होंने रिंग रोड, बाईपास, पुलों के निर्माण एवं पुनर्वास की स्वीकृत परियोजनाओं की जानकारी मांगी। साथ ही एक लाख और पांच लाख से अधिक आबादी वाले शहरों को डीकंजेशन नीति के तहत प्राथमिकता देने की आवश्यकता पर जोर दिया।

औद्योगिक विकास के संदर्भ में उन्होंने डीपीआईआईटी द्वारा चिन्हित एनआईसीडीसी नोड्स, स्मार्ट सिटी योजनाओं में छत्तीसगढ़ की भागीदारी और राज्य में दो लेन से चार लेन तथा चार लेन से छह लेन में अपग्रेड किए गए राष्ट्रीय राजमार्गों की स्थिति पर भी प्रश्न उठाए। उनका कहना था कि बेहतर सड़क नेटवर्क से निवेश, उद्योग और रोजगार के नए अवसर विकसित होंगे।

बृजमोहन अग्रवाल ने विशेष रूप से बस्तर और अन्य नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में सड़क संपर्क को केवल आधारभूत संरचना का विषय नहीं, बल्कि सुरक्षा, आर्थिक विकास और स्थानीय युवाओं के रोजगार से जुड़ा महत्वपूर्ण माध्यम बताया। उन्होंने इन क्षेत्रों में राजमार्ग परियोजनाओं को प्राथमिकता देने की मांग करते हुए कहा कि बेहतर कनेक्टिविटी से विकास की नई संभावनाएं खुलेंगी।

उन्होंने यह भी सुझाव दिया कि मध्य भारत के भूमिबद्ध राज्यों को प्रमुख समुद्री बंदरगाहों से जोड़ने वाले हाई-स्पीड कॉरिडोर विकसित किए जाएं। साथ ही पिछड़े क्षेत्रों के लिए संस्थागत रियायती ऋण, औद्योगिक निवेश में क्षेत्रीय संतुलन तथा राष्ट्रीय राजमार्गों के आसपास उपलब्ध अतिरिक्त भूमि के व्यावसायिक उपयोग के माध्यम से राजस्व बढ़ाने की दिशा में भी ठोस नीति बनाई जाए। उनका मानना है कि इन पहलों से छत्तीसगढ़ के साथ-साथ पूरे मध्य भारत के आर्थिक और औद्योगिक विकास को नई गति मिलेगी।