रायखेड़ा सेजेस विद्यालय में जलाया गया आशीर्वाद का दीया, विद्यार्थियों ने प्रस्तुत किए विकसित भारत के सपने

बैकुंठ स्थित स्वामी आत्मानंद हिंदी-अंग्रेजी माध्यम उत्कृष्ट विद्यालय रायखेड़ा में 17 सितंबर की शाम 7 बजे ‘आशीर्वाद का दीया’ कार्यक्रम आयोजित किया गया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 25 वर्षों की जनसेवा को नमन करते हुए विद्यार्थियों और शिक्षकों ने दीप प्रज्वलित किए। कार्यक्रम के साथ रंगोली, भाषण और चित्रकला जैसी रचनात्मक गतिविधियों के माध्यम से सेवा, स्वच्छता, डिजिटल भारत, विकसित भारत 2047 और महिला सशक्तिकरण जैसे विषयों पर विद्यार्थियों ने अपनी सोच प्रस्तुत की।

Sep 18, 2026 - 19:08
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रायखेड़ा सेजेस विद्यालय में जलाया गया आशीर्वाद का दीया, विद्यार्थियों ने प्रस्तुत किए विकसित भारत के सपने

UNITED NEWS OF ASIA. अशोक मिश्रा, तिल्दा-नेवरा l बैकुंठ स्थित स्वामी आत्मानंद हिंदी एवं अंग्रेजी माध्यम उत्कृष्ट विद्यालय रायखेड़ा में 17 सितंबर की शाम 7 बजे ‘आशीर्वाद का दीया’ कार्यक्रम आयोजित किया गया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 25 वर्षों की जनसेवा को नमन करने के उद्देश्य से विद्यालय परिसर में दीप प्रज्वलित किए गए। इस अवसर पर विद्यार्थियों ने अपने-अपने घरों से दीया, तेल और बाती लाकर कार्यक्रम में सहभागिता निभाई। विद्यार्थियों द्वारा लाए गए दीपों को विद्यालय परिसर में आकर्षक तरीके से सजाया गया और निर्धारित समय पर प्रज्वलित किया गया।

कार्यक्रम के दौरान विद्यालय परिसर दीपों की रोशनी से जगमगा उठा। आयोजन का उद्देश्य सेवा और संकल्प के माध्यम से विकसित भारत की दिशा में आगे बढ़ने की प्रेरणा देना बताया गया। विद्यालय प्रबंधन के अनुसार, ‘आशीर्वाद का दीया’ कार्यक्रम के माध्यम से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की 25 वर्षों की जनसेवा यात्रा को स्मरण करते हुए विद्यार्थियों को देश के विकास और सामाजिक जिम्मेदारियों के प्रति जागरूक करने का प्रयास किया गया।

इस अवसर पर विद्यालय में एक सभा का भी आयोजन किया गया। सभा के दौरान विद्यार्थियों के लिए विभिन्न रचनात्मक एवं विचारपरक गतिविधियों की जानकारी दी गई। 25 वर्षों की जनसेवा को केंद्र में रखते हुए रंगोली और भाषण प्रतियोगिता आयोजित की गई। इन प्रतियोगिताओं के लिए सेवा के विगत 25 वर्षों, स्वच्छ भारत, डिजिटल इंडिया, सेना का शौर्य, नया कश्मीर और नक्सलवाद जैसे विषय रखे गए। विद्यार्थियों को इन विषयों पर अपनी समझ और विचार रचनात्मक माध्यमों से प्रस्तुत करने का अवसर मिला।

इसके साथ ही आगामी 25 वर्षों की कल्पना को लेकर भी विद्यार्थियों के लिए विभिन्न विषय निर्धारित किए गए। इनमें सपनों का भारत, विकसित भारत 2047, नक्सल मुक्त भारत, महिला सशक्तिकरण और कृत्रिम बुद्धिमत्ता का प्रभाव जैसे विषय शामिल रहे। इन विषयों के माध्यम से विद्यार्थियों को वर्ष 2047 तक भारत के विकास की संभावनाओं पर अपनी कल्पना और विचार व्यक्त करने के लिए प्रोत्साहित किया गया। कार्यक्रम में चित्रकला प्रदर्शनी के आयोजन की भी योजना रखी गई, जिसमें विद्यार्थी विकसित भारत की अपनी कल्पनाओं को चित्रों के माध्यम से प्रस्तुत करेंगे।

विद्यालय के प्राचार्य ज्ञानेश्वर वर्मा सहित व्याख्याता और शिक्षक-शिक्षिकाओं ने कार्यक्रम में सहभागिता निभाई। इस दौरान गजेंद्र कुमार वर्मा, जितेंद्र कुमार वर्मा, ज्योति कश्यप, स्मृति दबडघाव, सरिता वर्मा, मोती सिंह ध्रुव, निक्की अग्रवाल, नीलम वर्मा, मोनिका वर्मा, शशि वर्मा, मुल्केश्वर बांधे, खिलेश्वरी पटेल, गीतांजलि धुर्वे, ज्योति वर्मा, संकुल समन्वयक तुलसीराम साहू, महेंद्र कुमार वर्मा और राज कुमार महिलांग सहित अन्य शिक्षक-शिक्षिकाएं एवं विद्यार्थी उपस्थित रहे।

कार्यक्रम के माध्यम से विद्यालय में विद्यार्थियों को सेवा, स्वच्छता, पर्यावरण, तकनीक, सामाजिक जागरूकता और राष्ट्र निर्माण जैसे विषयों से जोड़ने का प्रयास किया गया। दीप प्रज्वलन के साथ आयोजित गतिविधियों में विद्यार्थियों की रचनात्मक भागीदारी रही। विद्यालय स्तर पर आयोजित इन कार्यक्रमों का मुख्य केंद्र आगामी वर्ष 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने की कल्पना और उससे जुड़े विषयों पर विद्यार्थियों के विचारों को सामने लाना रहा।