अमरवाड़ा महाविद्यालय में डेटा एंट्री और ई-गवर्नेंस प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू

अमरवाड़ा के शासकीय स्नातक महाविद्यालय में स्वामी विवेकानंद करियर मार्गदर्शन प्रकोष्ठ के अंतर्गत अल्प अवधि रोजगार उन्मुखी योजना के तहत प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया। कार्यक्रम में विद्यार्थियों को डेटा एंट्री और ई-गवर्नेंस का एक माह का प्रशिक्षण दिया जाएगा। महाविद्यालय प्राचार्य डॉ. आर.एन. झारिया के निर्देशन में आयोजित कार्यक्रम में विद्यार्थियों को प्रशिक्षण की उपयोगिता और कंप्यूटर आधारित कौशल के महत्व की जानकारी दी गई।

Sep 18, 2026 - 16:59
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अमरवाड़ा महाविद्यालय में डेटा एंट्री और ई-गवर्नेंस प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू

UNITED NEWS OF ASIA. यज्ञराज पटेल, छिंदवाड़ा l अमरवाड़ा के शासकीय स्नातक महाविद्यालय में स्वामी विवेकानंद करियर मार्गदर्शन प्रकोष्ठ के अंतर्गत अल्प अवधि रोजगार उन्मुखी योजना के तहत प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया। महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. आर.एन. झारिया के निर्देशन में आयोजित इस कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों को रोजगार की बदलती आवश्यकताओं के अनुरूप व्यावहारिक और तकनीकी कौशल से परिचित कराना है। प्रशिक्षण के अंतर्गत विद्यार्थियों को डेटा एंट्री और ई-गवर्नेंस से संबंधित विषयों का एक माह तक प्रशिक्षण दिया जाएगा।

कार्यक्रम में विद्यार्थियों को प्रशिक्षण की रूपरेखा, विषयवस्तु और इसके संभावित उपयोग के संबंध में जानकारी दी गई। अंबुजा फाउंडेशन से राजकमल जैन ने विद्यार्थियों को प्रशिक्षण से संबंधित आवश्यक जानकारी प्रदान की। उन्होंने प्रशिक्षण के दौरान विद्यार्थियों को किन-किन विषयों और कौशल पर काम करना होगा, इसकी जानकारी दी। कार्यक्रम में विद्यार्थियों ने रोजगार से जुड़े तकनीकी प्रशिक्षण के प्रति रुचि दिखाई।

महाविद्यालय में संचालित स्वामी विवेकानंद करियर मार्गदर्शन प्रकोष्ठ के माध्यम से विद्यार्थियों को शिक्षा के साथ-साथ रोजगारपरक कौशल उपलब्ध कराने की दिशा में यह प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया है। डेटा एंट्री और ई-गवर्नेंस वर्तमान डिजिटल कार्यप्रणाली से जुड़े महत्वपूर्ण क्षेत्र हैं। ऐसे प्रशिक्षण से विद्यार्थियों को कंप्यूटर आधारित कार्यों की समझ विकसित करने तथा तकनीकी दक्षता बढ़ाने का अवसर मिलने की उम्मीद है।

कार्यक्रम के शुभारंभ अवसर पर महाविद्यालय की वरिष्ठ प्राध्यापक ज्योति सूर्यवंशी ने विद्यार्थियों को प्रशिक्षण के लिए शुभकामनाएं दीं। उन्होंने विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए प्रशिक्षण को गंभीरता से लेने और इसका अधिक से अधिक लाभ उठाने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने विद्यार्थियों से कहा कि पढ़ाई के साथ अतिरिक्त कौशल विकसित करना उनके भविष्य के लिए उपयोगी हो सकता है।

अपने अध्यक्षीय संबोधन में महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. आर.एन. झारिया ने वर्तमान समय में कंप्यूटर की उपयोगिता पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि आज शिक्षा, रोजगार और विभिन्न प्रशासनिक कार्यों में कंप्यूटर और डिजिटल तकनीक का महत्व लगातार बढ़ रहा है। ऐसे में विद्यार्थियों के लिए कंप्यूटर से जुड़े व्यावहारिक कौशल हासिल करना उपयोगी है। उन्होंने प्रशिक्षण कार्यक्रम में विद्यार्थियों की सक्रिय भागीदारी पर जोर दिया।

एक माह के इस प्रशिक्षण के दौरान विद्यार्थियों को डेटा एंट्री और ई-गवर्नेंस से जुड़े कार्यों की जानकारी दी जाएगी। रोजगार उन्मुखी योजना के तहत आयोजित यह प्रशिक्षण विद्यार्थियों को तकनीकी क्षेत्र में आवश्यक बुनियादी दक्षताओं से परिचित कराने की दिशा में एक पहल है। महाविद्यालय की ओर से विद्यार्थियों को प्रशिक्षण का नियमित रूप से लाभ उठाने के लिए प्रोत्साहित किया गया।

कार्यक्रम का संचालन महाविद्यालय की करियर मार्गदर्शन प्रकोष्ठ प्रभारी शिवाशी मालवीय ने किया। कार्यक्रम में महाविद्यालय के विद्यार्थी और संबंधित प्राध्यापक उपस्थित रहे। प्रशिक्षण कार्यक्रम के शुभारंभ के साथ विद्यार्थियों को रोजगारपरक तकनीकी शिक्षा से जोड़ने की प्रक्रिया शुरू हुई। महाविद्यालय प्रशासन ने उम्मीद जताई कि विद्यार्थी प्रशिक्षण के माध्यम से प्राप्त जानकारी और कौशल का उपयोग अपनी आगे की शिक्षा तथा रोजगार संबंधी अवसरों में कर सकेंगे।