नंदीग्राम उपचुनाव में ममता गुट की उम्मीदवार संचिता प्रधान ने वापस लिया नाम
पश्चिम बंगाल के नंदीग्राम विधानसभा उपचुनाव में ममता बनर्जी गुट की उम्मीदवार संचिता प्रधान डे ने अपना नामांकन वापस ले लिया है। यह घटनाक्रम उस दिन सामने आया जब चुनाव आयोग ने ममता गुट को नया पार्टी नाम और चुनाव चिह्न आवंटित किया। संचिता के नाम वापस लेने से नंदीग्राम उपचुनाव की तस्वीर बदल गई है।
UNITED NEWS OF ASIA. पश्चिम बंगाल के नंदीग्राम विधानसभा उपचुनाव में शुक्रवार को बड़ा राजनीतिक घटनाक्रम सामने आया। ममता बनर्जी के नेतृत्व वाले गुट की उम्मीदवार संचिता प्रधान डे ने अपना नामांकन वापस ले लिया। संचिता को कुछ दिन पहले ही नंदीग्राम सीट से उम्मीदवार घोषित किया गया था। उनका नामांकन वापस लेने की जानकारी नामांकन वापसी की अंतिम तारीख से एक दिन पहले सामने आई।
संचिता प्रधान डे के नाम वापस लेने की खबर उनके पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी से मुलाकात के बाद सामने आई। रिपोर्टों के अनुसार शुक्रवार को दोनों के बीच मुलाकात हुई थी। हालांकि, संचिता ने नामांकन वापस लेने के पीछे अपनी ओर से कोई विस्तृत सार्वजनिक कारण नहीं बताया है। इसलिए उनके निर्णय के कारण को लेकर सामने आ रही राजनीतिक अटकलों को तथ्य के रूप में नहीं माना जा सकता।
ममता बनर्जी के नेतृत्व वाले गुट ने 13 सितंबर को नंदीग्राम उपचुनाव के लिए संचिता प्रधान डे को उम्मीदवार घोषित किया था। इसी के साथ रेजीनगर सीट से रबीउल आलम चौधरी को प्रत्याशी बनाया गया था। नंदीग्राम उपचुनाव की जरूरत तब पड़ी जब शुभेंदु अधिकारी ने 2026 के विधानसभा चुनाव में नंदीग्राम और भवानीपुर दोनों सीटों से जीत हासिल करने के बाद भवानीपुर सीट अपने पास रखी और नंदीग्राम से इस्तीफा दे दिया।
नंदीग्राम सीट का राजनीतिक महत्व पहले भी सामने आ चुका है। 2021 के विधानसभा चुनाव में ममता बनर्जी ने नंदीग्राम से चुनाव लड़ा था और शुभेंदु अधिकारी से मुकाबला किया था। 2026 के विधानसभा चुनाव में भी शुभेंदु अधिकारी ने नंदीग्राम से जीत दर्ज की थी। बाद में नंदीग्राम सीट खाली होने के कारण यहां उपचुनाव की प्रक्रिया शुरू हुई। आगामी उपचुनाव के लिए भाजपा ने हसीरानी रथ को उम्मीदवार बनाया है। वह शुभेंदु अधिकारी के पूर्व सहयोगी चंद्रनाथ रथ की मां हैं।
नंदीग्राम उपचुनाव के लिए चुनाव आयोग ने 6 अक्टूबर को मतदान और 9 अक्टूबर को मतगणना की तारीख तय की है। नामांकन दाखिल करने की अंतिम तारीख 16 सितंबर थी। संचिता प्रधान डे के नामांकन वापस लेने के बाद अब ममता बनर्जी के नेतृत्व वाले गुट की नंदीग्राम सीट पर स्थिति बदल गई है।
यह घटनाक्रम तृणमूल कांग्रेस के भीतर चल रहे संगठनात्मक विवाद की पृष्ठभूमि में भी सामने आया है। चुनाव आयोग ने शुक्रवार को ममता बनर्जी के नेतृत्व वाले गुट को नया नाम और नया चुनाव चिह्न आवंटित किया। रिपोर्टों के अनुसार इस गुट को ‘ममता ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस’ नाम और ‘फुटबॉल प्लेयर’ चुनाव चिह्न दिया गया है। आयोग की इस व्यवस्था का संबंध आगामी उपचुनावों के लिए दोनों गुटों की अलग चुनावी पहचान से है।
संचिता प्रधान डे के नामांकन वापस लेने के बाद नंदीग्राम में अब विभिन्न राजनीतिक दलों के उम्मीदवारों के बीच मुकाबले की तस्वीर में बदलाव आया है। कांग्रेस ने यहां मिलन प्रधान को उम्मीदवार बनाया है, जबकि वाम दल की ओर से शांति गोपाल गिरि मैदान में हैं। भाजपा ने हसीरानी रथ को प्रत्याशी बनाया है। तृणमूल के दूसरे गुट की ओर से भी अलग उम्मीदवार मैदान में है।
नंदीग्राम उपचुनाव में अब आगे की चुनावी प्रक्रिया नामांकन वापसी के बाद तय उम्मीदवारों के आधार पर आगे बढ़ेगी। संचिता प्रधान डे के फैसले ने चुनाव से पहले राजनीतिक घटनाक्रम को जरूर बदल दिया है, लेकिन उनके नाम वापस लेने के पीछे की वजह को लेकर उनकी ओर से आधिकारिक विस्तृत स्पष्टीकरण सामने आने तक किसी निष्कर्ष पर पहुंचना उचित नहीं होगा।