लैलूंगा इकाई द्वारा आयोजित शिक्षक सम्मान समारोह सराहनीय पहल: सुशील रामदास
छत्तीसगढ़ चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज के प्रदेश उपाध्यक्ष सुशील रामदास ने चैंबर की लैलूंगा इकाई द्वारा आयोजित शिक्षक सम्मान समारोह की सराहना की। उन्होंने कहा कि शिक्षकों का सम्मान समाज में शिक्षा, संस्कार और गुरु-शिष्य परंपरा के महत्व को मजबूत करता है।
UNITED NEWS OF ASIA. महेंद्र अग्रवाल, रायगढ़ l छत्तीसगढ़ चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज के प्रदेश उपाध्यक्ष सुशील रामदास ने चैंबर की लैलूंगा इकाई द्वारा आयोजित शिक्षक सम्मान समारोह की सराहना की है। उन्होंने लैलूंगा इकाई के अध्यक्ष मनीष मित्तल और उनकी टीम द्वारा आयोजित कार्यक्रम को समाज के लिए प्रेरणादायी और अनुकरणीय पहल बताया। सुशील रामदास ने कहा कि शिक्षक समाज के निर्माण की आधारशिला होते हैं और उनके योगदान को सम्मानित करने से शिक्षा एवं संस्कार की परंपरा को नई ऊर्जा मिलती है।
सुशील रामदास ने अपने संदेश में कहा कि लैलूंगा इकाई द्वारा जिस गरिमामय वातावरण में क्षेत्र के शिक्षकों का सम्मान किया गया, वह शिक्षकों के प्रति आदर और कृतज्ञता की भावना को दर्शाता है। उनके अनुसार शिक्षक केवल विद्यार्थियों को पाठ्यक्रम की जानकारी देने तक सीमित नहीं रहते, बल्कि उनके व्यक्तित्व, अनुशासन और सामाजिक सोच के निर्माण में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। ऐसे में शिक्षकों के योगदान को सार्वजनिक रूप से सम्मानित करना समाज में शिक्षा के महत्व को रेखांकित करता है।
उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में शिक्षा के क्षेत्र में कार्य करने वाले शिक्षकों के योगदान को याद करना और उनके प्रति सम्मान व्यक्त करना जरूरी है। शिक्षक नई पीढ़ी को ज्ञान और संस्कार प्रदान करने के साथ उन्हें समाज और देश के प्रति जिम्मेदार नागरिक बनने के लिए तैयार करते हैं। शिक्षक सम्मान जैसे आयोजनों से विद्यार्थियों और युवाओं में गुरुजनों के प्रति सम्मान की भावना को बढ़ावा मिल सकता है।
प्रदेश उपाध्यक्ष सुशील रामदास ने लैलूंगा इकाई के अध्यक्ष मनीष मित्तल के नेतृत्व की भी सराहना की। उन्होंने कहा कि उनके मार्गदर्शन में स्थानीय चैंबर इकाई सामाजिक सरोकारों से जुड़े कार्यक्रमों के आयोजन में सक्रिय भूमिका निभा रही है। शिक्षक सम्मान समारोह भी इसी क्रम में एक महत्वपूर्ण पहल है, जिसमें शिक्षकों को सम्मान देने के साथ शिक्षा के प्रति समाज की जिम्मेदारी का संदेश सामने आया है।
सुशील रामदास ने समारोह के सफल आयोजन के लिए मनीष मित्तल, आयोजन समिति के सदस्यों, सहयोगी संस्थाओं तथा कार्यक्रम में उपस्थित जनप्रतिनिधियों और नागरिकों के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि समाज में सकारात्मक वातावरण बनाने के लिए ऐसे कार्यक्रमों की भूमिका महत्वपूर्ण है। शिक्षकों का सम्मान उनके कार्य के प्रति समाज की कृतज्ञता को व्यक्त करने का माध्यम भी बनता है।
उन्होंने कहा कि इस तरह के आयोजन शिक्षकों के मनोबल को बढ़ाने के साथ युवाओं को शिक्षा और गुरुजनों के प्रति सम्मान की प्रेरणा देते हैं। सामाजिक संस्थाओं और व्यापारिक संगठनों को भी समय-समय पर शिक्षा, स्वास्थ्य और अन्य जनहित के विषयों से जुड़े कार्यक्रमों में अपनी भागीदारी सुनिश्चित करनी चाहिए।
सुशील रामदास ने उम्मीद जताई कि चैंबर की लैलूंगा इकाई भविष्य में भी सामाजिक, शैक्षणिक और जनहित से जुड़े कार्यक्रमों का आयोजन जारी रखेगी। उन्होंने शिक्षक सम्मान समारोह की सफलता पर आयोजकों को बधाई देते हुए इसे चैंबर की सामाजिक प्रतिबद्धता से जुड़ी पहल बताया। उन्होंने कहा कि समाज में शिक्षकों के योगदान को सम्मान देने की परंपरा को आगे बढ़ाने से शिक्षा और संस्कार के प्रति सकारात्मक वातावरण तैयार करने में मदद मिलेगी।