ममता गुट को मिला नया चुनाव चिह्न, ‘फुटबॉल प्लेयर’ होगी नई चुनावी पहचान
चुनाव आयोग ने तृणमूल कांग्रेस के ममता बनर्जी नेतृत्व वाले गुट को नया नाम और चुनाव चिह्न आवंटित किया है। गुट अब ‘ममता ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस’ नाम से चुनाव लड़ेगा और उसका प्रतीक ‘फुटबॉल प्लेयर’ होगा। यह फैसला पुराने पार्टी नाम और ‘फूल-घास’ चुनाव चिह्न के इस्तेमाल पर आयोग की अंतरिम रोक के बाद आया है।
UNITED NEWS OF ASIA. चुनाव आयोग ने तृणमूल कांग्रेस से जुड़े दोनों गुटों के लिए नए नाम और चुनाव चिह्न आवंटित कर दिए हैं। आयोग के फैसले के अनुसार ममता बनर्जी के नेतृत्व वाले गुट को ‘ममता ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस’ नाम दिया गया है और उसका नया चुनाव चिह्न ‘फुटबॉल प्लेयर’ होगा। वहीं दूसरे गुट को ‘डेमोक्रेटिक तृणमूल कांग्रेस’ नाम और ‘लिफाफा’ चुनाव चिह्न आवंटित किया गया है। दोनों गुटों के लिए यह व्यवस्था आगामी उपचुनावों को देखते हुए की गई है।
यह फैसला चुनाव आयोग की ओर से पुराने ‘ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस’ नाम और उसके ‘फूल एवं घास’ वाले आरक्षित चुनाव चिह्न के इस्तेमाल पर अंतरिम रोक लगाए जाने के एक दिन बाद आया है। आयोग ने दोनों गुटों को नए नाम और उपलब्ध चुनाव चिह्नों के विकल्प देने को कहा था। इसके बाद दोनों पक्षों ने अपनी पसंद के नाम और प्रतीकों की सूची आयोग के समक्ष प्रस्तुत की। आयोग ने शुक्रवार को इन विकल्पों पर फैसला करते हुए दोनों गुटों के लिए अलग-अलग चुनावी पहचान तय कर दी।
आयोग के आदेश के अनुसार ममता बनर्जी के नेतृत्व वाले समूह को ‘ममता ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस’ नाम और ‘फुटबॉल प्लेयर’ प्रतीक दिया गया है। वहीं अरूप रॉय के नेतृत्व वाले समूह को ‘डेमोक्रेटिक तृणमूल कांग्रेस’ नाम और ‘लिफाफा’ चुनाव चिह्न मिला है। रिपोर्टों के मुताबिक दोनों गुटों को पश्चिम बंगाल के साथ मेघालय और त्रिपुरा में मान्यता प्राप्त राजनीतिक दल के रूप में माना जाएगा।
नए चुनाव चिह्न के आवंटन के बाद अब आगामी चुनावों में ममता गुट के उम्मीदवार ‘फुटबॉल प्लेयर’ प्रतीक के साथ मैदान में उतरेंगे। चुनाव प्रचार सामग्री, पोस्टर, बैनर और अन्य चुनावी गतिविधियों में नए नाम और चिह्न का इस्तेमाल किया जाएगा। इससे मतपत्र और चुनावी प्रक्रिया में दोनों गुटों की अलग-अलग पहचान स्पष्ट रहेगी।
यह पूरा घटनाक्रम तृणमूल कांग्रेस के भीतर चल रहे संगठनात्मक विवाद की पृष्ठभूमि में सामने आया है। आयोग ने पुराने नाम और प्रतीक के इस्तेमाल पर रोक लगाकर दोनों पक्षों को अलग-अलग चुनावी पहचान के साथ आगे बढ़ने की व्यवस्था की है। आयोग का यह निर्णय फिलहाल संबंधित उपचुनावों के संदर्भ में महत्वपूर्ण है और पार्टी के नाम एवं मूल चुनाव चिह्न को लेकर अंतिम स्थिति आयोग की आगे की प्रक्रिया पर निर्भर करेगी।
पश्चिम बंगाल में नंदीग्राम और रेजीनगर विधानसभा सीटों पर 6 अक्टूबर को उपचुनाव प्रस्तावित हैं। इन चुनावों में दोनों गुट नई पहचान और नए चुनाव चिह्न के साथ चुनावी प्रक्रिया में हिस्सा लेंगे। आयोग के फैसले के बाद अब उम्मीदवारों के नामांकन और चुनावी गतिविधियों में संबंधित गुटों के नए नाम और प्रतीक का इस्तेमाल किया जाएगा।
इस फैसले के बाद ममता बनर्जी के नेतृत्व वाले गुट की चुनावी पहचान अब ‘फुटबॉल प्लेयर’ प्रतीक से जुड़ गई है। वहीं दूसरे गुट को ‘लिफाफा’ प्रतीक मिला है। दोनों पक्षों के लिए यह बदलाव चुनावी प्रचार और मतदाताओं के बीच अपनी नई पहचान स्थापित करने की प्रक्रिया को प्रभावित करेगा। चुनाव आयोग का यह अंतरिम निर्णय पार्टी के मूल नाम और पुराने चुनाव चिह्न से जुड़े विवाद के अंतिम समाधान तक लागू रहने की स्थिति में है।