नंदीग्राम उपचुनाव में ममता बनर्जी का बड़ा ऐलान, कांग्रेस प्रत्याशी को समर्थन
पश्चिम बंगाल की नंदीग्राम विधानसभा सीट पर होने वाले उपचुनाव से पहले बड़ा राजनीतिक घटनाक्रम सामने आया है। ममता बनर्जी के नेतृत्व वाले गुट की प्रत्याशी संचिता प्रधान डे ने 18 सितंबर को अपना नामांकन वापस ले लिया। इसके बाद ममता बनर्जी ने नंदीग्राम में कांग्रेस प्रत्याशी को समर्थन देने की घोषणा की। यह घटनाक्रम तृणमूल कांग्रेस के नाम और चुनाव चिन्ह को लेकर चुनाव आयोग के हालिया फैसले के बीच सामने आया है। उपचुनाव 6 अक्टूबर को होना है और मतगणना 9 अक्टूबर को होगी।
UNITED NEWS OF ASIA. पश्चिम बंगाल की नंदीग्राम विधानसभा सीट पर होने वाले उपचुनाव से पहले राजनीतिक घटनाक्रम तेजी से बदला है। ममता बनर्जी के नेतृत्व वाले तृणमूल कांग्रेस गुट की प्रत्याशी संचिता प्रधान डे ने 18 सितंबर को अपना नामांकन वापस ले लिया। इसके कुछ घंटे बाद ममता बनर्जी ने नंदीग्राम उपचुनाव में कांग्रेस प्रत्याशी को समर्थन देने की घोषणा की। मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, संचिता प्रधान डे ने नामांकन वापस लेने से पहले मुख्यमंत्री और भाजपा नेता शुभेंदु अधिकारी से मुलाकात की थी। हालांकि, उनके नामांकन वापस लेने के आधिकारिक कारण को लेकर उनकी ओर से कोई विस्तृत सार्वजनिक स्पष्टीकरण सामने नहीं आया है।
ममता बनर्जी ने अपने बयान में कहा कि उनकी पार्टी नंदीग्राम उपचुनाव में कांग्रेस का समर्थन करेगी। उन्होंने इसे विपक्षी INDIA गठबंधन को मजबूत करने और देश के व्यापक हित से जोड़ा। रिपोर्टों के मुताबिक, ममता बनर्जी ने यह भी कहा कि कांग्रेस के पास नंदीग्राम में अच्छा उम्मीदवार है और उनकी पार्टी ने कांग्रेस को समर्थन देने का निर्णय लिया है। कांग्रेस की ओर से नंदीग्राम में मिलन प्रधान उम्मीदवार हैं। संचिता प्रधान डे के मैदान से हटने के बाद ममता के नेतृत्व वाले गुट का नंदीग्राम में अपना प्रत्याशी नहीं रह गया है।
संचिता प्रधान डे के नामांकन वापस लेने और शुभेंदु अधिकारी से उनकी मुलाकात के बीच संबंध को लेकर राजनीतिक चर्चाएं तेज हुई हैं। कई मीडिया रिपोर्टों में दोनों घटनाओं को क्रमवार बताया गया है, लेकिन नामांकन वापसी के पीछे संचिता प्रधान डे की ओर से कोई विस्तृत कारण सार्वजनिक रूप से सामने नहीं आया है। इसलिए इस घटनाक्रम के कारण को लेकर किसी निष्कर्ष पर पहुंचने के बजाय उपलब्ध आधिकारिक और सार्वजनिक बयानों को ही आधार माना जा रहा है।
यह घटनाक्रम ऐसे समय हुआ है जब चुनाव आयोग ने तृणमूल कांग्रेस के दो प्रतिद्वंद्वी गुटों के लिए अलग-अलग नाम और चुनाव चिन्ह आवंटित किए हैं। 18 सितंबर को ममता बनर्जी के गुट को ‘ममता ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस’ नाम और ‘फुटबॉल खिलाड़ी’ चुनाव चिन्ह दिया गया। वहीं दूसरे गुट को ‘डेमोक्रेटिक तृणमूल कांग्रेस’ नाम और ‘लिफाफा’ चुनाव चिन्ह आवंटित किया गया। इससे पहले दोनों गुटों के बीच मूल पार्टी नाम और पारंपरिक चुनाव चिन्ह को लेकर विवाद चल रहा था।
चुनाव आयोग के इस फैसले के बाद नंदीग्राम में ममता बनर्जी के गुट की प्रत्याशी के नामांकन पर भी स्थिति बदली और बाद में संचिता प्रधान डे ने अपना नाम वापस ले लिया। भारतीय चुनावी प्रक्रिया में नामांकन वापसी की निर्धारित अवधि के भीतर उम्मीदवार के हटने से उस सीट पर चुनावी समीकरण बदल सकते हैं, लेकिन इसके राजनीतिक प्रभाव का आकलन मतदाताओं के निर्णय से पहले करना उचित नहीं होगा।
नंदीग्राम उपचुनाव 6 अक्टूबर 2026 को प्रस्तावित है, जबकि मतगणना 9 अक्टूबर को होगी। इस सीट पर हुए ताजा घटनाक्रम के बाद कांग्रेस प्रत्याशी को ममता बनर्जी के गुट का समर्थन मिलने की घोषणा हुई है। वहीं तृणमूल कांग्रेस के नाम और चुनाव चिन्ह से जुड़ा विवाद भी इस उपचुनाव की पृष्ठभूमि में महत्वपूर्ण राजनीतिक घटनाक्रम बना हुआ है।