‘मैं बाबा बागेश्वर तो नहीं हूं…’, IIT दिल्ली दीक्षांत समारोह में पीएम मोदी का मजाकिया अंदाज, बात सुनकर हंस पड़े IITians

IIT दिल्ली के 57वें दीक्षांत समारोह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने छात्रों को संबोधित करते हुए अपने मजाकिया अंदाज से माहौल को हल्का-फुल्का कर दिया। उन्होंने कहा कि वे बाबा बागेश्वर नहीं हैं जो छात्रों के मन की बात जान सकें। प्रधानमंत्री की इस टिप्पणी पर समारोह में मौजूद IITians हंस पड़े। संबोधन में पीएम मोदी ने छात्रों को लगातार सीखते रहने, चुनौतियों का सामना करने और विकसित भारत के निर्माण में योगदान देने का संदेश दिया।

Aug 8, 2026 - 14:06
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‘मैं बाबा बागेश्वर तो नहीं हूं…’, IIT दिल्ली दीक्षांत समारोह में पीएम मोदी का मजाकिया अंदाज, बात सुनकर हंस पड़े IITians

UNITED NEWS OF ASIA. नई दिल्ली। आईआईटी दिल्ली के 57वें दीक्षांत समारोह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। इस दौरान उन्होंने मेधावी विद्यार्थियों को मेडल प्रदान कर सम्मानित किया और छात्रों को उनके नए जीवन की शुरुआत के लिए शुभकामनाएं दीं। संबोधन के दौरान प्रधानमंत्री का हल्का-फुल्का और मजाकिया अंदाज भी देखने को मिला, जिसने समारोह में मौजूद विद्यार्थियों के चेहरों पर मुस्कान ला दी।

छात्रों को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि दीक्षांत समारोह में मौजूद प्रत्येक विद्यार्थी के मन में भविष्य को लेकर कई तरह के विचार चल रहे होंगे। इसी बात को मजाकिया अंदाज में रखते हुए उन्होंने कहा कि वे बाबा बागेश्वर नहीं हैं कि विद्यार्थियों के मन की बात जान सकें। प्रधानमंत्री की इस टिप्पणी के बाद समारोह में मौजूद IITians हंस पड़े।

प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में छात्रों को जीवन में लगातार सीखते रहने का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि आईआईटी में पढ़ाई के दौरान विद्यार्थियों ने कठिन परीक्षाओं, प्रोजेक्ट और विभिन्न चुनौतियों का सामना किया है। लेकिन असली परीक्षा अब शुरू होती है, क्योंकि जीवन की परीक्षा में पहले से तय सिलेबस नहीं होता।

उन्होंने कहा कि दुनिया, तकनीक और उद्योग तेजी से बदल रहे हैं। आने वाले 20 से 30 वर्षों में परिस्थितियां कैसी होंगी, यह कोई निश्चित रूप से नहीं बता सकता। ऐसे समय में वही व्यक्ति आगे बढ़ सकेगा, जो लगातार नई चीजें सीखने और बदलती परिस्थितियों के अनुसार खुद को तैयार करने के लिए तत्पर रहेगा।

प्रधानमंत्री ने विद्यार्थियों से कहा कि आईआईटी से मिली शिक्षा केवल डिग्री हासिल करने तक सीमित नहीं है। यहां विद्यार्थियों ने कठिन समस्याओं को समझने और उनके समाधान खोजने की क्षमता विकसित की है। यही क्षमता भविष्य में देश और समाज के सामने आने वाली चुनौतियों का सामना करने में उपयोगी साबित होगी।

पीएम मोदी ने युवाओं से विकसित भारत के निर्माण में अपनी भूमिका निभाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि प्रत्येक पीढ़ी की अपनी चुनौतियां और जिम्मेदारियां होती हैं। आने वाले वर्षों में आज के युवा देश की विकास यात्रा के महत्वपूर्ण भागीदार होंगे।

प्रधानमंत्री ने छात्रों को यह भी याद दिलाया कि उनकी सफलता केवल व्यक्तिगत उपलब्धि नहीं है। उनकी प्रतिभा और ज्ञान का लाभ समाज और देश को भी मिलना चाहिए। उन्होंने विद्यार्थियों से समस्याओं को केवल पहचानने के बजाय उनके व्यावहारिक समाधान खोजने की दिशा में काम करने का आग्रह किया।

समारोह में प्रधानमंत्री ने छात्रों को उनकी नई यात्रा के लिए बधाई दी। उन्होंने कहा कि आईआईटी दिल्ली से निकलने वाले विद्यार्थी अपने साथ केवल डिग्री लेकर नहीं जा रहे, बल्कि अनुभव, ज्ञान और देश के लिए कुछ नया करने के सपने भी लेकर आगे बढ़ रहे हैं।

पीएम मोदी के संबोधन में गंभीर संदेशों के साथ उनका सहज और हास्यपूर्ण अंदाज भी नजर आया। बाबा बागेश्वर का संदर्भ देते हुए की गई उनकी टिप्पणी ने समारोह के माहौल को खुशनुमा बना दिया। वहीं, लगातार सीखते रहने, चुनौतियों से न घबराने और विकसित भारत के निर्माण में योगदान देने का उनका संदेश विद्यार्थियों के लिए प्रेरणादायक रहा।