V4 देशों ने UNSC में भारत की स्थायी सदस्यता का समर्थन किया, भारत को इंडो-पैसिफिक की उभरती शक्ति बताया

संयुक्त राष्ट्र महासभा के 81वें सत्र के दौरान न्यूयॉर्क में भारत और वाइसेग्राड ग्रुप (V4) की पहली विदेश मंत्री स्तर की बैठक हुई। हंगरी, पोलैंड, स्लोवाकिया और चेक गणराज्य ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में भारत की स्थायी सदस्यता की दावेदारी का समर्थन किया। स्लोवाक विदेश मंत्री जुराज ब्लानार ने भारत को ग्लोबल साउथ का प्रमुख देश और इंडो-पैसिफिक क्षेत्र की उभरती शक्ति बताते हुए स्थायी सदस्य के रूप में शामिल करने की बात कही।

Sep 22, 2026 - 16:56
 0  2
V4 देशों ने UNSC में भारत की स्थायी सदस्यता का समर्थन किया, भारत को इंडो-पैसिफिक की उभरती शक्ति बताया

UNITED NEWS OF ASIA. न्यूयॉर्क। संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) में भारत की स्थायी सदस्यता की दावेदारी को चार मध्य यूरोपीय देशों का समर्थन मिला है। संयुक्त राष्ट्र महासभा के 81वें सत्र के दौरान न्यूयॉर्क में भारत और वाइसेग्राड ग्रुप (V4) के बीच पहली विदेश मंत्री स्तर की बैठक हुई। इसमें हंगरी, पोलैंड, स्लोवाकिया और चेक गणराज्य ने भारत की स्थायी सदस्यता की मांग का समर्थन किया।

बैठक के बाद स्लोवाकिया के विदेश एवं यूरोपीय मामलों के मंत्री जुराज ब्लानार ने कहा कि V4 के सभी चार देश इस बात पर सहमत हैं कि ग्लोबल साउथ के एक प्रमुख देश और इंडो-पैसिफिक क्षेत्र की उभरती शक्ति के रूप में भारत को संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में स्थायी सदस्य के तौर पर स्थान मिलना चाहिए। उनका यह बयान भारत के विदेश मंत्री एस. जयशंकर के साथ बैठक के बाद सामने आया।

V4 यानी वाइसेग्राड ग्रुप में चेक गणराज्य, हंगरी, पोलैंड और स्लोवाकिया शामिल हैं। इन चारों देशों ने पहली बार भारत के साथ इस समूह के स्तर पर विदेश मंत्री बैठक की। भारत के लिए यह मंच इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि इसके जरिए चारों देशों के साथ एक साथ राजनीतिक और कूटनीतिक संवाद को आगे बढ़ाने का अवसर मिला है।

विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने बैठक को एक नया ऐतिहासिक अवसर बताया। दोनों पक्षों ने विदेश मंत्रियों की वार्षिक बैठक आयोजित करने और एक वार्षिक बिजनेस फोरम शुरू करने पर सहमति जताई। इसके अलावा व्यापार एवं निवेश, तकनीक और नवाचार, अनुसंधान, शिक्षा, रक्षा, सुरक्षा, कनेक्टिविटी और लोगों के बीच संपर्क बढ़ाने जैसे विषयों पर सहयोग को आगे बढ़ाने की बात हुई।

भारत लंबे समय से संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में स्थायी सदस्यता के विस्तार की मांग करता रहा है। वर्तमान में UNSC में पांच स्थायी सदस्य अमेरिका, रूस, चीन, फ्रांस और ब्रिटेन हैं, जबकि 10 अस्थायी सदस्य दो वर्ष के कार्यकाल के लिए चुने जाते हैं। सुरक्षा परिषद की संरचना में बदलाव के लिए संयुक्त राष्ट्र चार्टर में संशोधन की आवश्यकता होती है, इसलिए केवल किसी देश या देशों के समर्थन से स्थायी सदस्यता तुरंत हासिल नहीं हो जाती।

भारत का तर्क रहा है कि मौजूदा सुरक्षा परिषद की संरचना आज की वैश्विक वास्तविकताओं और विकासशील देशों की बढ़ती भूमिका को पूरी तरह प्रतिबिंबित नहीं करती। भारत G4 समूह में ब्राजील, जर्मनी और जापान के साथ मिलकर भी सुरक्षा परिषद में स्थायी और अस्थायी दोनों तरह की सदस्यता के विस्तार की मांग करता रहा है।

भारत की दावेदारी को पहले भी कई देशों का समर्थन मिलता रहा है। हालांकि सुरक्षा परिषद के सुधार को लेकर सदस्य देशों के बीच सीटों की संख्या, क्षेत्रीय प्रतिनिधित्व और नए स्थायी सदस्यों को वीटो अधिकार देने जैसे मुद्दों पर मतभेद बने हुए हैं। इसलिए V4 देशों का समर्थन भारत की कूटनीतिक मुहिम में एक नया समर्थन है, लेकिन इससे UNSC सुधार की प्रक्रिया अपने आप पूरी नहीं होती।

पहली V4-भारत बैठक में दोनों पक्षों ने बहुपक्षवाद को मजबूत करने और वैश्विक चुनौतियों पर सहयोग बढ़ाने पर भी चर्चा की। इस बैठक के साथ भारत और V4 देशों के बीच नियमित विदेश मंत्री स्तर के संवाद के लिए एक नया प्रारूप स्थापित हुआ है, जिसके तहत आगे राजनीतिक, आर्थिक, तकनीकी और सुरक्षा सहयोग को आगे बढ़ाने की योजना है।