राजौरी में LoC के पास लैंडमाइन ब्लास्ट, JCO समेत सेना के 4 जवान घायल

जम्मू-कश्मीर के राजौरी जिले के नौशेरा सेक्टर में LoC के पास रूटीन पेट्रोलिंग के दौरान लैंडमाइन ब्लास्ट हो गया। इस हादसे में एक JCO समेत भारतीय सेना के चार जवान घायल हो गए हैं। सभी घायलों का सैन्य अस्पताल में इलाज जारी है।

Jun 16, 2026 - 17:43
Jun 16, 2026 - 17:43
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राजौरी में LoC के पास लैंडमाइन ब्लास्ट, JCO समेत सेना के 4 जवान घायल

UNITED NEWS OF ASIA. जम्मू-कश्मीर के राजौरी जिले में नियंत्रण रेखा (LoC) के पास एक दर्दनाक हादसा सामने आया है, जिसमें भारतीय सेना के चार जवान घायल हो गए हैं। यह घटना नौशेरा सेक्टर के अग्रिम इलाके कलाल में रूटीन पेट्रोलिंग के दौरान हुई, जब एक लैंडमाइन अचानक विस्फोट हो गई।

जानकारी के अनुसार, रूटीन गश्त के दौरान सेना के जवान इलाके में निगरानी कर रहे थे। इसी दौरान जमीन में दबे या खिसके हुए एक बारूदी सुरंग (लैंडमाइन) पर किसी जवान का पैर पड़ गया, जिससे जोरदार विस्फोट हो गया। इस हादसे में एक जूनियर कमीशंड ऑफिसर (JCO) समेत चार जवान घायल हो गए।

अधिकारियों ने बताया कि LoC और सीमावर्ती क्षेत्रों में घुसपैठ रोकने के लिए पहले से लैंडमाइन बिछाई जाती हैं। ये सुरक्षात्मक कदम के तौर पर लगाई जाती हैं ताकि किसी भी संदिग्ध गतिविधि या घुसपैठ को रोका जा सके। हालांकि, कई बार भारी बारिश, मिट्टी खिसकने या प्राकृतिक कारणों से ये लैंडमाइन अपनी जगह से खिसक जाती हैं, जिससे हादसे का खतरा बढ़ जाता है।

प्रारंभिक जांच में माना जा रहा है कि यह हादसा भी इसी वजह से हुआ है। संभव है कि लैंडमाइन अपने निर्धारित स्थान से हटकर उस रास्ते पर आ गई हो, जहां से गश्ती दल गुजर रहा था। अनजाने में उस पर पैर पड़ने से विस्फोट हो गया।

विस्फोट की आवाज सुनते ही आसपास तैनात अन्य सुरक्षाकर्मी तुरंत मौके पर पहुंचे और घायलों को सुरक्षित स्थान पर ले जाया गया। इसके बाद उन्हें नजदीकी सैन्य अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनका इलाज जारी है। अधिकारियों ने बताया कि सभी घायलों की स्थिति फिलहाल स्थिर बताई जा रही है।

घटना के बाद पूरे इलाके में सुरक्षा बढ़ा दी गई है और सर्च ऑपरेशन तेज कर दिया गया है, ताकि किसी अन्य लैंडमाइन या खतरे की संभावना को खत्म किया जा सके। सेना की टीमें क्षेत्र की बारीकी से जांच कर रही हैं।

LoC के आसपास का इलाका पहले से ही संवेदनशील माना जाता है, जहां सुरक्षा बल लगातार निगरानी और पेट्रोलिंग करते रहते हैं। ऐसे में इस तरह की घटनाएं सुरक्षा चुनौतियों को और बढ़ा देती हैं।

फिलहाल सेना ने मामले की विस्तृत जांच शुरू कर दी है और यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि लैंडमाइन कैसे और क्यों अपने स्थान से हटकर सक्रिय हुई।

यह घटना एक बार फिर सीमा क्षेत्रों में सुरक्षा जोखिमों और कठिन परिस्थितियों को उजागर करती है, जहां जवान लगातार देश की सुरक्षा में तैनात रहते हैं।