कृषक उन्नति योजना से किसान सहसराम पटेल को मिली आर्थिक मजबूती, खेती और परिवार दोनों को मिला सहारा
कवर्धा जिले के कोडार गांव के किसान सहसराम पटेल को कृषक उन्नति योजना के तहत लगभग 74 हजार रुपए की प्रोत्साहन राशि मिली। इस राशि से उन्होंने खेती के साधन, बच्चों की पढ़ाई और परिवार की जरूरतों को पूरा किया, जिससे उनकी आर्थिक स्थिति मजबूत हुई।
UNITED NEWS OF ASIA. कवर्धा l कबीरधाम जिले के ग्राम कोडार निवासी किसान सहसराम पटेल के लिए कृषक उन्नति योजना एक महत्वपूर्ण आर्थिक सहारा साबित हुई है। इस योजना से मिली प्रोत्साहन राशि ने न केवल उनकी खेती को मजबूती दी, बल्कि उनके परिवार की आवश्यकताओं को पूरा करने में भी मदद की।
इस वर्ष सहसराम पटेल ने समर्थन मूल्य पर लगभग 105 क्विंटल धान का विक्रय किया। इसके बाद उन्हें कृषक उन्नति योजना के तहत करीब 74 हजार रुपए की प्रोत्साहन राशि सीधे उनके बैंक खाते में प्राप्त हुई। इस एकमुश्त राशि से उन्हें बड़ी राहत मिली और आर्थिक स्थिरता महसूस हुई।
किसान सहसराम पटेल ने बताया कि इस राशि का उपयोग उन्होंने समझदारी से किया। उन्होंने खेती के लिए आवश्यक खाद, बीज और कृषि उपकरण खरीदे, जिससे आगामी फसल की तैयारी बेहतर तरीके से हो सके। इसके साथ ही उन्होंने अपने बच्चों की पढ़ाई से जुड़े खर्चों में भी इस राशि का उपयोग किया। कुछ राशि उन्होंने भविष्य की जरूरतों के लिए बैंक में सुरक्षित रखी है।
उन्होंने कहा कि जब किसानों को समय पर फसल का उचित मूल्य और अतिरिक्त प्रोत्साहन राशि मिलती है, तो खेती करना आसान हो जाता है। इससे न केवल कृषि कार्यों में सुधार होता है, बल्कि परिवार की जिम्मेदारियों को संभालना भी सरल हो जाता है। सहसराम पटेल का मानना है कि इस तरह की योजनाएं किसानों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाती हैं और उन्हें आत्मनिर्भर बनने में मदद करती हैं।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में संचालित कृषक उन्नति योजना राज्य के किसानों को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने और उनकी आय बढ़ाने की दिशा में एक प्रभावी कदम मानी जा रही है। इस योजना के माध्यम से किसानों को उनकी मेहनत का अतिरिक्त लाभ मिल रहा है, जिससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिल रही है।
योजना का उद्देश्य किसानों को खेती के प्रति प्रोत्साहित करना और उन्हें वित्तीय सुरक्षा प्रदान करना है, ताकि वे बिना किसी आर्थिक दबाव के कृषि कार्य कर सकें। सहसराम पटेल जैसे किसानों के अनुभव इस बात को दर्शाते हैं कि यह योजना जमीनी स्तर पर प्रभावी साबित हो रही है।
किसान ने शासन के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह सहायता उनके लिए बहुत उपयोगी रही है। इससे न केवल खेती में सुधार हुआ है, बल्कि परिवार की जरूरतों और भविष्य की तैयारी में भी सहूलियत मिली है।