E20 पेट्रोल पर सरकार का दावा, 23 करोड़ से ज्यादा वाहनों में इंजन डैमेज का नहीं मिला सबूत

केंद्र सरकार ने लोकसभा में कहा है कि E20 पेट्रोल को व्यापक परीक्षण के बाद लागू किया गया है। सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी के अनुसार अब तक 23 करोड़ से अधिक वाहनों के उपयोग के दौरान E20 से इंजन खराब होने या वाहन के प्रदर्शन पर किसी बड़े नकारात्मक प्रभाव का कोई प्रमाण नहीं मिला है।

Jul 30, 2026 - 17:41
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E20 पेट्रोल पर सरकार का दावा, 23 करोड़ से ज्यादा वाहनों में इंजन डैमेज का नहीं मिला सबूत

UNITED NEWS OF ASIA. केंद्र सरकार ने लोकसभा में स्पष्ट किया है कि 20 प्रतिशत एथेनॉल मिश्रित E20 पेट्रोल को व्यापक वैज्ञानिक परीक्षण और चरणबद्ध प्रक्रिया के बाद देशभर में लागू किया गया है। सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने लिखित जवाब में बताया कि अब तक के परीक्षणों और वास्तविक उपयोग के अनुभव में ऐसा कोई प्रमाण सामने नहीं आया है, जिससे यह साबित हो कि E20 पेट्रोल के कारण बड़े पैमाने पर इंजन खराब हुए हों या वाहनों के प्रदर्शन पर गंभीर नकारात्मक असर पड़ा हो।

सरकार के अनुसार E20 ईंधन लागू करने से पहले फ्यूल सिस्टम, इंजन की मजबूती, ड्राइविंग प्रदर्शन, विभिन्न पुर्जों की अनुकूलता, उत्सर्जन मानकों और उपभोक्ता अनुभव सहित सभी महत्वपूर्ण पहलुओं की विस्तृत जांच की गई। इस प्रक्रिया में ऑटोमोबाइल कंपनियों, ऑटो पार्ट्स निर्माताओं, SIAM, ARAI, वाहन परीक्षण एजेंसियों, तेल विपणन कंपनियों, एथेनॉल उत्पादकों तथा चीनी और अनाज उद्योग के प्रतिनिधियों को शामिल किया गया।

नितिन गडकरी ने बताया कि पिछले साढ़े तीन वर्षों से E15+ और करीब ढाई वर्षों से E19-E20 मिश्रित पेट्रोल का बड़े स्तर पर उपयोग किया जा रहा है। इस दौरान 20 करोड़ से अधिक दोपहिया वाहन और 3 करोड़ से ज्यादा पेट्रोल कारें E20 ईंधन पर संचालित हुई हैं। सरकार का कहना है कि इस अवधि में एथेनॉल मिश्रण के कारण इंजन फेल होने, असामान्य जंग लगने, अत्यधिक घिसाव या वाहन की आयु कम होने का कोई प्रमाणित मामला सामने नहीं आया है। वाहन निर्माता कंपनियां भी E20 अनुकूल मॉडलों पर पहले की तरह वारंटी उपलब्ध करा रही हैं।

माइलेज के सवाल पर सरकार ने स्वीकार किया कि E10 के लिए डिजाइन किए गए कुछ पुराने वाहनों में E20 पेट्रोल के उपयोग से 2 से 6 प्रतिशत तक माइलेज में कमी आ सकती है। हालांकि यह अंतर सड़क की स्थिति, ड्राइविंग शैली, वाहन की देखभाल और अन्य तकनीकी कारणों पर भी निर्भर करता है।

सरकार ने यह भी जानकारी दी कि सार्वजनिक क्षेत्र की तेल विपणन कंपनियों के अधिकांश पेट्रोल पंपों पर अब सामान्य पेट्रोल के रूप में E20 उपलब्ध कराया जा रहा है। E0 और E10 पेट्रोल की खुदरा बिक्री फिलहाल नहीं की जा रही है, इसलिए पेट्रोल पंपों पर एथेनॉल मिश्रण का प्रतिशत अलग से प्रदर्शित करने की आवश्यकता नहीं मानी गई है।

राज्यसभा में दिए गए एक अन्य जवाब में नितिन गडकरी ने बताया कि वर्ष 2005 से 2016 के बीच निर्मित BS-III वाहनों में E20 पेट्रोल के उपयोग के लिए कुछ रबर पार्ट्स और गैस्केट बदलने की आवश्यकता पड़ सकती है। हालांकि अध्ययन में इन वाहनों की ड्राइविंग क्षमता, स्टार्टिंग प्रदर्शन तथा धातु और प्लास्टिक के पुर्जों पर किसी बड़े नकारात्मक प्रभाव की पुष्टि नहीं हुई है।