UCC के विरोध में ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड की बैठक, 17 सितंबर को दिल्ली प्रदर्शन का आह्वान

भोपाल में ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड की बैठक में यूनिफॉर्म सिविल कोड यानी UCC का विरोध किया गया। कांग्रेस विधायक और बोर्ड सदस्य आरिफ मसूद ने कहा कि बोर्ड इसके खिलाफ संविधान के दायरे में कानूनी लड़ाई लड़ेगा। उन्होंने 17 सितंबर को दिल्ली में होने वाले विरोध प्रदर्शन में मध्य प्रदेश से बड़ी संख्या में लोगों के शामिल होने की अपील की।

Sep 14, 2026 - 15:57
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UCC के विरोध में ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड की बैठक, 17 सितंबर को दिल्ली प्रदर्शन का आह्वान

UNITED NEWS OF ASIA. राजधानी भोपाल में ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड के सदस्यों की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक के बाद आयोजित प्रेसवार्ता में कांग्रेस विधायक और बोर्ड के सदस्य आरिफ मसूद ने यूनिफॉर्म सिविल कोड यानी UCC को लेकर सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने स्पष्ट किया कि ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड UCC को स्वीकार नहीं करेगा और इसके खिलाफ संवैधानिक तथा कानूनी रास्ते से लड़ाई आगे बढ़ाने की तैयारी की जा रही है।

आरिफ मसूद ने कहा कि UCC को लेकर बोर्ड संविधान के नियमों और दायरे में रहकर अपनी बात रखेगा। उन्होंने बताया कि प्रस्तावित कानून के खिलाफ न्यायालय का दरवाजा खटखटाने की तैयारी की जा रही है। इसके लिए जल्द ही वकीलों की एक विशेष बैठक आयोजित किए जाने की बात भी कही गई। बोर्ड की ओर से कानूनी पहल के साथ-साथ इस मुद्दे पर लोगों के बीच जागरूकता और विरोध दर्ज कराने की रणनीति पर भी चर्चा की गई।

प्रेसवार्ता के दौरान आरिफ मसूद ने 17 सितंबर को दिल्ली में प्रस्तावित विरोध प्रदर्शन का भी उल्लेख किया। उन्होंने मध्य प्रदेश के लोगों से बड़ी संख्या में दिल्ली पहुंचकर प्रदर्शन में शामिल होने की अपील की। बोर्ड की बैठक में UCC के मुद्दे को लेकर आगे की रणनीति पर चर्चा किए जाने की जानकारी दी गई है। इस प्रदर्शन के जरिए बोर्ड अपनी आपत्तियों को सामने रखने की तैयारी में है।

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के 21 राज्यों में UCC लागू करने संबंधी बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए आरिफ मसूद ने सरकार की नीति पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि ‘एक देश, एक कानून’ की बात की जा रही है, लेकिन यदि आदिवासियों को इस कानून से अलग रखा जा रहा है तो इस अवधारणा को लेकर सवाल उठते हैं। उन्होंने UCC को लेकर सरकार के रुख की आलोचना करते हुए बोर्ड की ओर से इसका विरोध जारी रखने की बात कही।

UCC यानी समान नागरिक संहिता का विषय देश में लंबे समय से राजनीतिक और कानूनी चर्चा का हिस्सा रहा है। इसके तहत विवाह, तलाक, विरासत और गोद लेने जैसे व्यक्तिगत मामलों के लिए समान नागरिक नियम लागू करने की अवधारणा सामने रखी जाती है। इस मुद्दे पर अलग-अलग राजनीतिक और सामाजिक संगठनों के विचार अलग-अलग हैं। जहां इसके समर्थक इसे समान नागरिक अधिकारों से जोड़ते हैं, वहीं विरोध करने वाले संगठन इसके प्रावधानों और संभावित प्रभावों को लेकर आपत्तियां जताते रहे हैं।

प्रेसवार्ता में भोपाल शहर काजी सैयद मुश्ताक अली ने भी UCC को लेकर अपनी आपत्ति रखी। उन्होंने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के पूर्व प्रमुख एमएस गोलवलकर के पुराने बयानों का हवाला देते हुए कहा कि गोलवलकर ने 1972 में देश में यूनिफॉर्म सिविल कोड की आवश्यकता नहीं होने की बात कही थी। शहर काजी ने इसी संदर्भ के जरिए UCC को लेकर अपने तर्क सामने रखे।

भोपाल में हुई इस बैठक के बाद UCC का मुद्दा एक बार फिर मध्य प्रदेश की राजनीति में चर्चा में आ गया है। ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड ने जहां कानूनी विकल्प अपनाने की तैयारी बताई है, वहीं 17 सितंबर को दिल्ली में प्रस्तावित प्रदर्शन के लिए समर्थन जुटाने की अपील भी की गई है। अब इस मुद्दे पर बोर्ड की आगामी कानूनी रणनीति और दिल्ली प्रदर्शन में भागीदारी पर नजर रहेगी।