पुलिस के मुताबिक साइबर जागृति कार्यक्रम के तहत लोगों को ऑनलाइन सट्टे और संदिग्ध APK फाइलों से बचने के लिए लगातार जागरूक किया जा रहा है। इसी दौरान साइबर थाना जांजगीर को न्यू चंदनियापारा लिंक रोड निवासी हेमलाल यादव उर्फ सोनू के मोबाइल के जरिए ऑनलाइन सट्टा संचालित किए जाने की सूचना मिली। सूचना की तस्दीक के बाद पुलिस टीम ने गवाहों की मौजूदगी में कार्रवाई करते हुए हेमलाल को हिरासत में लिया।
पूछताछ के दौरान पुलिस को BDG ऑनलाइन सट्टा नेटवर्क से जुड़ी जानकारी मिली। पुलिस के अनुसार हेमलाल ने बताया कि उसे सट्टे की आईडी शैलेंद्र कुमार शर्मा उर्फ शैलू से मिली थी। इसके बाद जांच आगे बढ़ाते हुए पुलिस ने शैलेंद्र को हिरासत में लिया। पुलिस के मुताबिक शैलेंद्र इस नेटवर्क का मुख्य एडमिन था और व्हाट्सऐप के माध्यम से BDG ऑनलाइन सट्टा ऐप की मास्टर आईडी तथा लिंक अन्य लोगों तक पहुंचाता था।
पुलिस जांच में कथित तौर पर यह भी सामने आया कि नेटवर्क मार्केटिंग की तर्ज पर संचालित किया जा रहा था। इसमें नए लोगों को नेटवर्क से जोड़ने वाले एडमिन को कमीशन मिलने की व्यवस्था थी। नेटवर्क में शामिल व्यक्ति जितना सट्टा खेलता था, उसके आधार पर ऊपर के एडमिन को भी कमीशन मिलने की बात पुलिस जांच में सामने आई है। पुलिस के अनुसार शैलेंद्र ने अब तक करीब 20 लाख रुपये का ऑनलाइन सट्टा खेला था और लिंक के जरिए कई अन्य लोगों को नेटवर्क से जोड़ चुका था।
तकनीकी साक्ष्यों और हेमलाल के मेमोरेंडम के आधार पर पुलिस ने शैलेंद्र के बाद महेश प्रसाद राठौर उर्फ मुकेश, राकेश कुमार राठौर उर्फ पप्पू, दुर्गेश कुमार राठौर उर्फ मनु और हीरालाल यादव को भी गिरफ्तार किया। पुलिस के अनुसार आरोपियों के मोबाइल फोन की जांच में ऑनलाइन सट्टा ऐप की आईडी, स्क्रीनशॉट, व्हाट्सऐप चैट सहित अन्य डिजिटल सामग्री मिली है।
पुलिस के मुताबिक ऑनलाइन सट्टे से जुड़े पैसों के लेन-देन में डिजिटल माध्यमों का इस्तेमाल किया गया। जांच के दौरान व्हाट्सऐप चैट के साथ USDT यानी क्रिप्टो डिजिटल करेंसी के जरिए लेन-देन के प्रमाण मिलने की बात भी कही गई है। आरोपियों के बैंक खातों में करीब 30 लाख रुपये से अधिक के लेन-देन की जानकारी सामने आने का पुलिस ने दावा किया है। दूसरे राज्यों से नेटवर्क के संभावित कनेक्शन की भी जांच की जा रही है।
गिरफ्तार आरोपियों में हेमलाल यादव उर्फ सोनू, उम्र 47 वर्ष, शैलेंद्र कुमार शर्मा उर्फ शैलू, उम्र 45 वर्ष, महेश प्रसाद राठौर उर्फ मुकेश, उम्र 47 वर्ष, राकेश कुमार राठौर उर्फ पप्पू, उम्र 45 वर्ष, दुर्गेश कुमार राठौर उर्फ मनु, उम्र 45 वर्ष और हीरालाल यादव, उम्र 47 वर्ष शामिल हैं। पुलिस के अनुसार शैलेंद्र को नेटवर्क का मुख्य एडमिन बताया गया है।
पुलिस ने सभी आरोपियों के खिलाफ छत्तीसगढ़ जुआ प्रतिषेध अधिनियम 2022 की धारा 7 और BNS की धारा 112(2) के तहत मामला दर्ज किया है। सभी आरोपियों को न्यायालय के समक्ष पेश किया गया है। पुलिस ने लोगों से ऑनलाइन सट्टा और जुआ से दूर रहने की अपील करते हुए संदिग्ध APK फाइल डाउनलोड नहीं करने तथा अनजान लिंक पर क्लिक करने से बचने की सलाह दी है। पुलिस का कहना है कि ऑनलाइन सट्टे से जुड़े नेटवर्क के खिलाफ कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।